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परिजनों की बढ़ी चिंता: यूक्रेन में फंसे सोनीपत के कई विद्यार्थी, फोन पर सुरक्षा व्यवस्था व वहां के हालात जान रहे परिजन
Thu, 24 Feb 2022 09:54 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 24 Feb 2022 09:54 PM IST
सार
परिजन टीवी पर समाचार के माध्यम से यूक्रेन की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। ईश्वर से हालात सामान्य होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
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आदर्श नगर निवासी उर्वशी अपने पिता अरूण कौशिक व परिजनों के साथ। रिया, आदर्श नगर। शिवम, गन्नौर। उर्वशी, आदर्श नगर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
रूस के यूक्रेन पर हमला करने से हरियाणा के सोनीपत के कई विद्यार्थी वहां फंस गए हैं, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है। परिजन अपने बच्चों से बार-बार फोन पर बात कर उनकी सुरक्षा व यूक्रेन के हालात जान रहे हैं। हालांकि यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों ने परिजनों से बातचीत में कहा है कि भारतीय दूतावास द्वारा यहां फंसे विद्यार्थियों को सुरक्षा प्रदान करवाई जा रही है।
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परिजनों ने सरकार से यूक्रेन में पढ़ाई करने के लिए गए बच्चों को जल्द ही स्वदेश लाने की अपील की है। परिजनों का कहना है कि यूक्रेन व रूस के बीच बढ़े तनाव के कारण उन्हें बच्चों की सुरक्षा को लेकर भय सता रहा है। रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद सभी फ्लाइट रद्द कर दी गई है। जिस कारण बच्चे वहां फंसकर रह गए हैं। परिजन टीवी पर समाचारों के माध्यम से लगातार वहां की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि वहां के हालात जल्द सामान्य हों।
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अंडरग्राउंड बने मेट्रो स्टेशन पर ले जाया गया
यूक्रेन में फंसे सोनीपत के विद्यार्थियों ने परिजनों से बातचीत मेें वहां के हालात बयां किए हैं। कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि रूस के हमला करने के बाद उन्हें जमीन के नीचे बने मेट्रो स्टेशन पर ले जाया गया है। जो एक बंकर की तरह है। विद्यार्थी वहां के हालात देखते हुए बेहद घबराए हुए भी हैं, विद्यार्थियों ने बताया कि उनके पास अब महज दो दिन का पानी और चार से पांच दिन का खाना ही बचा हुआ है। एटीएम में पैसे नहीं रहे। अधिकतर एटीएम कैशलेस हो चुके हैं। हालांकि भारतीय दूतावास द्वारा सुरक्षा मुहैया करवाई जा रही है। विद्यार्थियों ने चिंता भी जाहिर की है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरते हैं तो स्थिति ज्यादा खराब हो सकती है।
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68 हजार से एक लाख रुपये तक कर दिया फ्लाइट का किराया : उर्वशी
आदर्श नगर निवासी अरुण कौशिक ने बताया कि मेरी बेटी उर्वशी नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी, खारकीव में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। छह साल के कोर्स में उसका यह पांचवां साल है। रूस व यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ने के बाद बेटी ने 6 फरवरी को वापस आने के लिए टिकट बुक कराया था, लेकिन फ्लाइट नहीं मिली। उसके बाद 26 फरवरी का टिकट बुक कराया, लेकिन रूस के हमले के बाद सभी फ्लाइट रद्द हो गई हैं। बेटी वहीं फंस गई है। फोन पर बातचीत में उर्वशी ने बताया है कि यूक्रेन से भारत के लिए 20 से 22 हजार रुपये में टिकट मिल जाता है, लेकिन इन दिनों यह किराया 68 हजार से एक लाख रुपये तक कर दिया गया है। बेटी ने बताया है कि रूस ने खारकीव विधानसभा पर अपना झंडा फहरा दिया है। खारकीव में सभी बच्चों को मेट्रो स्टेशन पर जाने को कहा है, क्योंकि मेट्रो स्टेशन अंडरग्राउंड और बंकर की तरह है।
खारकीव में फंसी रिया बोली, दो दिन का पानी और चार से पांच दिन की खाद्य सामग्री बची
आदर्श नगर निवासी दंपती उमेश व वीना ने बताया कि हमारी बेटी रिया एमबीबीएस करने के लिए यूक्रेन के खारकीव में गई थी। जहां नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। उसका यह चौथा साल है। वहां के हालात बिगड़ने के बाद बेटी से फोन पर बात की थी। बेटी ने बताया था कि सड़कों पर रूसी सैनिक घूमते दिखाई दे रहे हैं। सुबह बम के धमाकों की आवाज सुनाई दी थी, जिसके बाद से हम डरे हुए हैं। सुबह ही खाने का सामान खरीदकर लाए थे। हमारे पास दो दिन का पानी और चार से पांच दिन की खाद्य सामग्री है। हालांकि बेटी ने यह भी कहा कि भारतीय दूतावास बच्चों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है।
हमें अंदर रहने के ही दिए गए निर्देश
जैन बाग कॉलोनी निवासी लेक्चरर सुरेंद्र मलिक ने बताया कि मेरी बेटी प्रिया 2017 में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए यूक्रेन की गई थी। यूक्रेन में हालात बिगड़ने के बाद उसने वापसी के लिए फ्लाइट का 26 फरवरी का टिकट बुक करवा लिया था, लेकिन रूस द्वारा हमला करने के बाद सभी फ्लाइट रद्द कर दी गई। बेटी ने बताया कि उन्हें अंदर ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है।
भारतीय दूतावास मुहैया करवा रहा सुरक्षा
ठरू उल्देपुर निवासी कुलदीप ने बताया कि मेरी भतीजी तन्नू उर्फ खुशी मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए तीन माह पहले ही यूक्रेन गई थी, जहां तर्णपोल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। हालात बिगड़ने के बाद बेटी ने वापस आने के लिए टिकट बुक करवाया था। फ्लाइट वीरवार दोपहर 12:55 बजे की थी। रूस द्वारा हमला करने के बाद सभी फ्लाइट रद्द हो गई, जिससे बेटी वहीं फंस गई। बेटी ने फोन पर बताया कि यहां पर भारत के करीब 200 विद्यार्थी फंसे हुए हैं। भारतीय दूतावास सभी को सुरक्षा मुहैया करवा रहा है। हमें ट्रेन द्वारा यूक्रेन की राजधानी कीव ले जाया गया है।
बेटे ने कहा, घबराना मत, संपर्क टूट सकता है
यूक्रेन में फंसे गन्नौर के छात्र शिवम के पिता राजेश शर्मा ने बताया कि मेरा बेटा चार महीने पहले पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन के शहर उजगोद गया था। वह उजगोद यूनिवर्सिटी से एसबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। उसे 26 फरवरी को वापस आना था, लेकिन यूक्रेन पर हमला होने से सभी हवाई यात्राएं रद्द कर दी गई है। राजेश शर्मा ने बताया कि बेटे की सुरक्षा की चिंता है, फिलहाल बेटा शिवम ठीक है। हम उससे लगातार संपर्क कर रहे हैं। बेटे ने फोन पर कहा कि मेरी सुरक्षा को लेकर घबराना मत, क्योंकि हमें रात को पोलैंड, हंगरी निकाल सकते हैं, जिससे फोन का संपर्क टूट सकता है।
हम पोलैंड बॉर्डर के नजदीक हैं, लेकिन बिना वीजा के वह पोलैंड नहीं जा सकते। अगर भारत सरकार की पोलैंड सरकार से सहमति बनती है तो उनको पोलैंड के रास्ते सुरक्षित लाया जा सकता है। शिवम ने बताया कि रूस के हमले के बाद बहुत सी पाबंदियां लगा दी गई हैं। अब यहां दो हजार से ज्यादा यूक्रेन मुद्रा नहीं निकाल सकते। सुबह खुद भोजन खरीदकर खाया था। एटीएम भी कभी भी बंद हो सकते हैं।