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Sonipat News: निजी बैंक खोल 45 करोड़ की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार
Wed, 05 Nov 2025 01:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 05 Nov 2025 01:50 AM IST
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फोटो : 22 : पुलिस की गिरफ्त में बैंक धोखाधड़ी का आरोपी। स्रोत पुलिस प्रवक्ता
- फोटो : पुलिस लाइन में परेड का निरीक्षण करते एएसपी।
सोनीपत। गोहाना में निजी बैंक खोलकर लोगों को कम समय में रुपये दोगुना करने का प्रलोभन देकर लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश करा लिया। जब भुगतान का समय आया तो बैंक बंद कर दिया। निवेशकों की शिकायत पर पुलिस ने बैंक संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। मंगलवार को पुलिस ने इस मामले में पहली गिरफ्तारी की और आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे दो दिन की रिमांड पर लिया है।
25 अक्तूबर को सिकंदपुर माजरा निवासी प्रवीन समेत कई लोगों ने थाना शहर गोहाना में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उन्होंने पीएनएल मोर धन बैंक में एफडी और सेविंग अकाउंट्स खुलवाए हुए थे। बैंक में लगभग 40 से 45 करोड़ रुपये की राशि जमा थी। जब उनकी एफडी और आरडी की अवधि पूर्ण हुई, तो बैंक के मालिक और कर्मचारी लापता हो गए।
शिकायतकर्ताओं को बैंक से बाहर निकालते हुए कहा गया कि उन्हें कोई पैसा नहीं मिलेगा। कुछ समय बाद बैंक कर्मियों ने बताया कि बैंक बंद हो गया है और उसका पोर्टल भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने सभी से मूल दस्तावेज जमा करवाने को कहा, जिससे उन्हें कर्मचारियों पर शक हुआ कि ये सभी आपस में मिले हुए हैं और किसी भी तरह से रिफंड देने की मंशा नहीं रखते।
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शिकायतकर्ताओं को बाद में जानकारी मिली कि बैंक के मालिक बैंक को दिवालिया घोषित कर विदेश भागने की फिराक में हैं। बैंक के एमडी पवन, राजेश, राकेश और कौशल बताए गए हैं। शिकायत के अनुसार, जब वह रिफंड के लिए संपर्क करते हैं तो आरोपी उन्हें 2-3 वर्ष बाद पैसे मिलने की बात कहकर धमकियां देते हैं कि अगर उन्होंने कोई कार्रवाई की तो उन्हें एक भी पैसा नहीं मिलेगा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। मंगलवार को इस मामले में नामजद एक आरोपी लक्ष्मी नगर गोहाना निवासी पवन को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी क न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
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25 अक्तूबर को सिकंदपुर माजरा निवासी प्रवीन समेत कई लोगों ने थाना शहर गोहाना में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उन्होंने पीएनएल मोर धन बैंक में एफडी और सेविंग अकाउंट्स खुलवाए हुए थे। बैंक में लगभग 40 से 45 करोड़ रुपये की राशि जमा थी। जब उनकी एफडी और आरडी की अवधि पूर्ण हुई, तो बैंक के मालिक और कर्मचारी लापता हो गए।
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शिकायतकर्ताओं को बैंक से बाहर निकालते हुए कहा गया कि उन्हें कोई पैसा नहीं मिलेगा। कुछ समय बाद बैंक कर्मियों ने बताया कि बैंक बंद हो गया है और उसका पोर्टल भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने सभी से मूल दस्तावेज जमा करवाने को कहा, जिससे उन्हें कर्मचारियों पर शक हुआ कि ये सभी आपस में मिले हुए हैं और किसी भी तरह से रिफंड देने की मंशा नहीं रखते।
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शिकायतकर्ताओं को बाद में जानकारी मिली कि बैंक के मालिक बैंक को दिवालिया घोषित कर विदेश भागने की फिराक में हैं। बैंक के एमडी पवन, राजेश, राकेश और कौशल बताए गए हैं। शिकायत के अनुसार, जब वह रिफंड के लिए संपर्क करते हैं तो आरोपी उन्हें 2-3 वर्ष बाद पैसे मिलने की बात कहकर धमकियां देते हैं कि अगर उन्होंने कोई कार्रवाई की तो उन्हें एक भी पैसा नहीं मिलेगा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। मंगलवार को इस मामले में नामजद एक आरोपी लक्ष्मी नगर गोहाना निवासी पवन को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी क न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।