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Sonipat News: कर्मचारियों को उनके मूलभूत कानूनी अधिकारों से कराया अवगत
Sat, 07 Dec 2024 01:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 07 Dec 2024 01:44 AM IST
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फोटो 04- सोनीपत के राई स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला
राई स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की विधिक सहायता प्रकोष्ठ ने गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए जागरूकता कार्यशाला आयोजित की। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को उनके मूलभूत कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी देना था। कार्यशाला में मुख्यातिथि के रूप में अधिवक्ता नरेंद्र गंगाना ने शिरकत की। उन्होंने भूमि अधिकार और विवाहित व्यक्तियों के कानूनी संरक्षण पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने व्यक्तिगत व संपत्ति मामलों में न्याय पाने के लिए अधिकारों की समझ और उपयोग पर जोर दिया।
कार्यशाला में अधिवक्ता सोमा ने दिव्यांग व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों पर व्याख्यान दिया। उन्होंने दिव्यांग अधिकार अधिनियम, 2016 जैसे कानूनों की प्रमुख धाराओं और समावेशी व्यवहार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। अधिवक्ता जयतीर्थ दहिया ने भी व्यावहारिक कानूनी पहलुओं पर चर्चा की, जो शैक्षिक संस्थानों के कर्मचारियों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलसचिव एवं विधिक सहायता प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. संजय कुमार और डॉ. कुलवंत ने की। दोनों ने कार्यशाला के महत्व को रेखांकित करते हुए विधिक सहायता प्रकोष्ठ के प्रयासों की सराहना की।
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कार्यक्रम का समापन सभी वक्ताओं को स्मृति चिह्न देकर धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी और जानकारी पूर्ण बताया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अर्चना मिश्रा ने बताया कि विधिक सहायता प्रकोष्ठ न्याय और कानूनी शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से सुदृढ़ करता रहता है।
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कार्यशाला में अधिवक्ता सोमा ने दिव्यांग व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों पर व्याख्यान दिया। उन्होंने दिव्यांग अधिकार अधिनियम, 2016 जैसे कानूनों की प्रमुख धाराओं और समावेशी व्यवहार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। अधिवक्ता जयतीर्थ दहिया ने भी व्यावहारिक कानूनी पहलुओं पर चर्चा की, जो शैक्षिक संस्थानों के कर्मचारियों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलसचिव एवं विधिक सहायता प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. संजय कुमार और डॉ. कुलवंत ने की। दोनों ने कार्यशाला के महत्व को रेखांकित करते हुए विधिक सहायता प्रकोष्ठ के प्रयासों की सराहना की।
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कार्यक्रम का समापन सभी वक्ताओं को स्मृति चिह्न देकर धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी और जानकारी पूर्ण बताया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अर्चना मिश्रा ने बताया कि विधिक सहायता प्रकोष्ठ न्याय और कानूनी शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से सुदृढ़ करता रहता है।