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चीनी मिल में गन्ना पेराई के समय टूटी मशीन की चेन, पेराई नहीं होने से किसानों ने किया प्रदर्शन
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सहकारी चीनी मिल में गन्ना पेराई बंद होने के कारण रोष जताते किसान। संवाद
- फोटो : Sonipat
सहकारी चीनी मिल में वीरवार देर रात करीब 2 बजे मशीन की चेन टूट गई। जिसके कारण गन्ना पेराई रुक गई। शुक्रवार दिनभर दोबारा पेराई शुरू नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी हुई। किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
किसानों का आरोप था कि मिल प्रबंधन की ओर से किसानों को बार-बार परेशान किया जा रहा है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले वीरवार को तकनीकी खराबी आने के कारण दोपहर तक 12 घंटे मिल में गन्ना पेराई नहीं हो सकी थी। विभिन्न गांवों से मिल में गन्ना लेकर पहुंचे किसानों ने पेराई नहीं होने के कारण मिल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
रियाज, ओमप्रकाश, रोहताश, नवीन समेत अन्य किसानों का कहना था कि मिल में लगातार हो रही तकनीकी खराबी से गन्ना पेराई नहीं हो रही है। जिससे किसानों की परेशानी बढ़ रही है। मिल प्रबंधन की ओर से ठीक ढंग से मिल को नहीं चलाया जा रहा है। जिसके कारण खेतों में गन्ना छिलाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसानों की तरफ से बार-बार शिकायत करने के बावजूद मिल प्रबंधन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना था कि अगर प्रशासन की ओर से मिल को ठीक ढंग से नहीं चलाया गया तो उन्हें ज्यादा नुकसान होगा। पहले ही गर्मी में गन्ने की फसल खेतों में सूख रही है।
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किसानों ने कहा कि वर्ष 2018 में 15 करोड़ रुपये खर्च करके द सोनीपत सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाई गई थी। उसके बावजूद चीनी मिल में तकनीकी खराबी आ रही है। वीरवार रात 2 बजे चेन टूटने की वजह से गन्ना पेराई रुक गई थी। उसके बाद भी शुक्रवार देर शाम तक गन्ना पेराई शुरू नहीं हो सकी। उनका कहना था कि जब वह अधिकारियों से मिल न चलने की जानकारी लेते हैं तो वहां से उन्हें मिल में जल्द गन्ना पेराई शुरू कराने का आश्वासन मिल रहा है। किसानों की मांग है कि जल्द चीनी मिल में पेराई शुरू की जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके।
चीनी मिल में वीरवार देर रात करीब 2 बजे चेन टूटने की वजह से गन्ना पेराई रुक गई थी। चेन को ठीक करने के लिए मिस्त्री शुक्रवार दिनभर रहे। चेन ठीक होने के बाद दोबारा गन्ना पेराई शुरू करा दी जाएगी। जितेंद्र जोशी, प्रबंध निदेशक, सहकारी चीनी मिल।
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किसानों का आरोप था कि मिल प्रबंधन की ओर से किसानों को बार-बार परेशान किया जा रहा है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले वीरवार को तकनीकी खराबी आने के कारण दोपहर तक 12 घंटे मिल में गन्ना पेराई नहीं हो सकी थी। विभिन्न गांवों से मिल में गन्ना लेकर पहुंचे किसानों ने पेराई नहीं होने के कारण मिल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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रियाज, ओमप्रकाश, रोहताश, नवीन समेत अन्य किसानों का कहना था कि मिल में लगातार हो रही तकनीकी खराबी से गन्ना पेराई नहीं हो रही है। जिससे किसानों की परेशानी बढ़ रही है। मिल प्रबंधन की ओर से ठीक ढंग से मिल को नहीं चलाया जा रहा है। जिसके कारण खेतों में गन्ना छिलाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसानों की तरफ से बार-बार शिकायत करने के बावजूद मिल प्रबंधन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना था कि अगर प्रशासन की ओर से मिल को ठीक ढंग से नहीं चलाया गया तो उन्हें ज्यादा नुकसान होगा। पहले ही गर्मी में गन्ने की फसल खेतों में सूख रही है।
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किसानों ने कहा कि वर्ष 2018 में 15 करोड़ रुपये खर्च करके द सोनीपत सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाई गई थी। उसके बावजूद चीनी मिल में तकनीकी खराबी आ रही है। वीरवार रात 2 बजे चेन टूटने की वजह से गन्ना पेराई रुक गई थी। उसके बाद भी शुक्रवार देर शाम तक गन्ना पेराई शुरू नहीं हो सकी। उनका कहना था कि जब वह अधिकारियों से मिल न चलने की जानकारी लेते हैं तो वहां से उन्हें मिल में जल्द गन्ना पेराई शुरू कराने का आश्वासन मिल रहा है। किसानों की मांग है कि जल्द चीनी मिल में पेराई शुरू की जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके।
चीनी मिल में वीरवार देर रात करीब 2 बजे चेन टूटने की वजह से गन्ना पेराई रुक गई थी। चेन को ठीक करने के लिए मिस्त्री शुक्रवार दिनभर रहे। चेन ठीक होने के बाद दोबारा गन्ना पेराई शुरू करा दी जाएगी। जितेंद्र जोशी, प्रबंध निदेशक, सहकारी चीनी मिल।