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Sonipat News: धर्म की स्थापना के लिए ही धरती पर अवतरित हुए थे भगवान श्रीराम

Wed, 08 Jan 2025 01:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Wed, 08 Jan 2025 01:54 AM IST
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Lord Shri Ram had incarnated on earth only to establish religion.
फोटो 18- सोनीपत के नरेंद्र नगर स्थित शिव मंदिर में श्रीराम कथा के दौरान प्रवचन करते कथाव्यास मह
सोनीपत। नरेंद्र नगर स्थित शिव मंदिर में चल रहे श्रीराम कथा एवं दिव्य सत्संग का तीसरा दिन रहा। कथाव्यास महंत प्रिंस मुद्गल ने राम कथा भगवान श्रीराम व रावण के जन्म के प्रसंग का वर्णन किया। कथा में मंगलवार को यजमान के रूप में लक्ष्मी नारायण भारद्वाज ने परिवार सहित शिरकत की।कथाव्यास महंत प्रिंस मुद्गल ने कहा कि भगवान श्रीराम का अवतार धरती पर धर्म की स्थापना, अधर्म का नाश व मानवता को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से हुआ था। श्रीराम के साथ उनके तीन भाई भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्न भी धरती पर अवतरित हुए, जो भगवान विष्णु के शंख, शेष नाग व चक्र का ही रूप थे। प्रभु श्रीराम ने हमेशा अपने माता-पिता व गुरु का सम्मान किया। इन्हीं गुणों से वह एक आदर्श पुत्र व शिष्य कहलाए। मनुष्य को प्रभु श्रीराम के जीवन से सीख लेनी चाहिए कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, हमें हमेशा सत्य व धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। महंत ने रावण के जन्म का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि किन कारणों से राजा भानु प्रताप व उनके छोटे भाई को रावण व कुंभकरण के रूप में जन्म लेना पड़ा। उन्होंने बताया कि मनुष्य को अपने कर्मों के फल के कारण ही राम या रावण के रूप में जन्म लेना पड़ता है। कथा में शिव मंदिर सुधार समिति के सदस्य आचार्य मनमोहन मिश्रा, विजय वर्मा, पवन त्यागी, पंडित सुरेश वत्स व राज सिंह कड़वल सहित श्रद्धालु मौजूद रहे।
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