{"_id":"5eb6f10e8ebc3e907e5a7b85","slug":"lock-down-workers-stop-police-border-sonipat-sonipat-news-rtk5542974125","type":"story","status":"publish","title_hn":"केजीपी पर प्रवासी मजदूर का प्रसव हुआ तो कोई बच्चा तक बेचने की करने लगा पेशकश, गांव वाले बने मददगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केजीपी पर प्रवासी मजदूर का प्रसव हुआ तो कोई बच्चा तक बेचने की करने लगा पेशकश, गांव वाले बने मददगार
विज्ञापन
केजीपी पर पुल के नीचे आराम करते प्रवासी मजदूर
- फोटो : Sonipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुंडली। कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए सरकार ने लॉकडाउन किया हुआ है। जिसमें प्रवासी मजदूरों के पलायन करने का सिलसिला लगातार जारी है। यहां केजीपी के रास्ते से पंजाब, राजस्थान समेत प्रदेश के कई जिलों से आकर मजदूर यूपी में प्रवेश करना चाहते हैं और उनको बॉर्डर पर यूपी पुलिस की फटकार मिल रही है।
भूखे-प्यासे मजदूरों को केजीपी के नीचे ही डेरा बनाना पड़ता है, जहां शनिवार की सुबह भी 300 से ज्यादा मजदूर एकत्र हो गए। जहां एक प्रवासी मजदूर के गर्भवती होने के कारण प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसका केजीपी पर प्रसव हो गया, जिसे टोंकी गांव में लेकर गए। इसके अलावा काफी दूर से चलकर आने के बाद भी खाना नहीं मिलने पर खुर्मपुर में एक प्रवासी मजदूर ने अपना बच्चा बेचने की पेशकश कर दी। इस तरह के हालात देखकर टोंकी, खुर्मपुर के ग्रामीणों के अलावा करनी सेना आगे आई और बच्चों को दूध व मजदूरों को खाना खिलाया। वहां से काफी मजदूरों को मुरथल रोडवेज के ट्रेनिंग सेंटर लेकर पहुंचे, जिससे उनको बस में भेजा जा सके।
लॉकडाउन लगातार के बढ़ने के कारण केजीपी पर मजदूरों की भीड़ दोबारा से बढ़ने लगी है। राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़ समेत हरियाणा के कई अन्य जिलों से मजदूर केजीपी से होते हुए यूपी में प्रवेश करना चाहते हैं। लेकिन यूपी सरकार ने मजदूरों के पैदल आने पर पूरी तरह से रोक लगा दी, जिससे पुलिस उनको लाठियां फटकारकर वापस भेज रही है। केजीपी पर शनिवार सुबह भी अलग-अलग लगभग 300 मजदूर पहुंचे, जिनमें महिलाएं व पुरुषों के साथ ही बच्चे भी शामिल थे। वह यूपी बॉर्डर पर पहुंचे तो उनको यूपी पुलिस ने वापस खदेड़ दिया। ऐसे में परेशान मजदूरों ने केजीपी के नीचे ही जमावड़ा लगा दिया और वहां आराम करने लगे। इनमें अधिकतर यूपी के पूर्वांचल के रहने वाले थे, जिनकी भूख के कारण हालत भी खराब होने लगी। वहां एक प्रवासी मजदूर के गर्भवती होने के कारण प्रसव पीड़ा होने लगी और उसको केजीपी के नीचे लाया गया, जहां उसको प्रसव हो गया। मजदूर परेशान होकर पास ही टोंकी व खुर्मपुर गांव से होकर जाने लगे तो वहां ग्रामीणों ने उनको देखकर पूछताछ की।
विज्ञापन
खुर्मपुर के लोगों ने बताया कि वहां एक महिला ने कई दिनों से भूखे होने के कारण एक बच्चा तक बेचने की पेशकश कर दी। इस तरह से उनकी हालत को देखते हुए टोंकी, खुर्मपुर के ग्रामीणों के साथ ही करनी सेना के लोगों ने बच्चों को दूध दिया तो अन्य को खाना खिलवाया। इसके अलावा प्रसव होने वाली महिला को टोंकी से यमुना के रास्ते यूपी नजदीक होने के कारण वहां पहुंचा दिया। वहां मजदूरों का जमावड़ा होने के कारण उनको कई बसों से मुरथल के रोडवेज ट्रेनिंग सेंटर में पहुंचाया गया, जहां से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद उनको यूपी में भेजा जाएगा। एसडीएम आशुतोष राजन ने बताया कि जितने भी मजदूर केजीपी से आ रहे हैं, उनका पता चलने पर मुरथल ट्रेनिंग सेंटर में लाया जा रहा है। जिससे उनको बस में यूपी पहुंचाया जा सके।
विज्ञापन
भूखे-प्यासे मजदूरों को केजीपी के नीचे ही डेरा बनाना पड़ता है, जहां शनिवार की सुबह भी 300 से ज्यादा मजदूर एकत्र हो गए। जहां एक प्रवासी मजदूर के गर्भवती होने के कारण प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसका केजीपी पर प्रसव हो गया, जिसे टोंकी गांव में लेकर गए। इसके अलावा काफी दूर से चलकर आने के बाद भी खाना नहीं मिलने पर खुर्मपुर में एक प्रवासी मजदूर ने अपना बच्चा बेचने की पेशकश कर दी। इस तरह के हालात देखकर टोंकी, खुर्मपुर के ग्रामीणों के अलावा करनी सेना आगे आई और बच्चों को दूध व मजदूरों को खाना खिलाया। वहां से काफी मजदूरों को मुरथल रोडवेज के ट्रेनिंग सेंटर लेकर पहुंचे, जिससे उनको बस में भेजा जा सके।
विज्ञापन
लॉकडाउन लगातार के बढ़ने के कारण केजीपी पर मजदूरों की भीड़ दोबारा से बढ़ने लगी है। राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़ समेत हरियाणा के कई अन्य जिलों से मजदूर केजीपी से होते हुए यूपी में प्रवेश करना चाहते हैं। लेकिन यूपी सरकार ने मजदूरों के पैदल आने पर पूरी तरह से रोक लगा दी, जिससे पुलिस उनको लाठियां फटकारकर वापस भेज रही है। केजीपी पर शनिवार सुबह भी अलग-अलग लगभग 300 मजदूर पहुंचे, जिनमें महिलाएं व पुरुषों के साथ ही बच्चे भी शामिल थे। वह यूपी बॉर्डर पर पहुंचे तो उनको यूपी पुलिस ने वापस खदेड़ दिया। ऐसे में परेशान मजदूरों ने केजीपी के नीचे ही जमावड़ा लगा दिया और वहां आराम करने लगे। इनमें अधिकतर यूपी के पूर्वांचल के रहने वाले थे, जिनकी भूख के कारण हालत भी खराब होने लगी। वहां एक प्रवासी मजदूर के गर्भवती होने के कारण प्रसव पीड़ा होने लगी और उसको केजीपी के नीचे लाया गया, जहां उसको प्रसव हो गया। मजदूर परेशान होकर पास ही टोंकी व खुर्मपुर गांव से होकर जाने लगे तो वहां ग्रामीणों ने उनको देखकर पूछताछ की।
विज्ञापन
खुर्मपुर के लोगों ने बताया कि वहां एक महिला ने कई दिनों से भूखे होने के कारण एक बच्चा तक बेचने की पेशकश कर दी। इस तरह से उनकी हालत को देखते हुए टोंकी, खुर्मपुर के ग्रामीणों के साथ ही करनी सेना के लोगों ने बच्चों को दूध दिया तो अन्य को खाना खिलवाया। इसके अलावा प्रसव होने वाली महिला को टोंकी से यमुना के रास्ते यूपी नजदीक होने के कारण वहां पहुंचा दिया। वहां मजदूरों का जमावड़ा होने के कारण उनको कई बसों से मुरथल के रोडवेज ट्रेनिंग सेंटर में पहुंचाया गया, जहां से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद उनको यूपी में भेजा जाएगा। एसडीएम आशुतोष राजन ने बताया कि जितने भी मजदूर केजीपी से आ रहे हैं, उनका पता चलने पर मुरथल ट्रेनिंग सेंटर में लाया जा रहा है। जिससे उनको बस में यूपी पहुंचाया जा सके।