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नारनौल से प्रवासी मजदूरों को यूपी लेकर जा रही बस बार्डर पर रोकने से हंगामा, सीएम तक मामला पहुंचने पर अफसर दौड़े
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सोनीपत-यूपी बार्डर से वापस भेजे गए मजदूर ढाबे पर खाना खाते हुए।
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। कोरोना महामारी को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों को एक-दूसरे राज्य में भेजने के लिए बनी सहमति के बावजूद मजदूरों की परेशानी कम नहीं हो रही है। वीरवार रात को नारनौल से रोडवेज बस में बागपत, यूपी ले जाए जा रहे मजदूरों पर हरियाणा-यूपी बार्डर पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजीं। मजदूर नारनौल से प्रशासन की मंजूरी लेकर बागपत के लिए निकले थे। यहां श्रमिकों के साथ पुलिस कर्मियों ने रोडवेज चालक-परिचालकों को भी नहीं बख्शा। उन पर लाठियां चलाई गई। बाद में उन्हें वापस खदेड़ दिया गया। बाद में मामला सीएम तक पहुंचने के बाद प्रशासनिक अमला पहुंचा और मजदूरों को शेल्टर होम में रखा गया। बाद में यूपी प्रशासन से बातचीत कर उन्हें यूपी के बदायूं के लिए रवाना किया गया।
नारनौल प्रशासन ने अनुमति देकर सैकड़ों श्रमिकों को पांच बसों में सवार करके बागपत उत्तर प्रदेश के लिए रवाना किया था। यह श्रमिक रात करीब दस बजे हरियाणा से यूपी की सीमा में प्रवेश कर गए। प्रवेश करते ही केजीपी पर इन श्रमिकों को उत्तर प्रदेश पुलिस ने रोक लिया। यहां काफी देर तक गहमागहमी होती रही, लेकिन यूपी पुलिस ने इन्हें लेने से इंकार कर दिया। इस दौरान मामला इतना बढ़ गया कि यूपी पुलिस ने हरियाणा रोडवेज के चालक और परिचालकों सहित श्रमिकों पर जमकर लाठियां भांजी। इससे इनमें भगदड़ गच गई। बाद में इन्हें पुलिस ने यहां से वापस भेज दिया। यह मामला इतना बढ़ा कि जानकारी रात को सीएम मनोहर लाल खट्टर तक पहुंच गई। इसके बाद सीएम ने सोनीपत जिला प्रशासन को उचित कार्रवाई करने और इन श्रमिकों को भोजन और ठहराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीसी डॉ. अंशज सिंह व एसडीएम आशुतोष राजन दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और श्रमिकों से सारी जानकारी ली।
ढाबा खुलवाकर श्रमिकों के लिए भोजन की व्यवस्था की
श्रमिकों ने बताया कि वह दिन में भूखे पेट ही जाने के लिए निकले थे। ऐसे में डीसी डॉ. सिंह ने तुरंत पुलिस की मदद से हाईवे पर ट्रकों के लिए मंजूर किया गया ढाबा खुलवाया और यहां श्रमिकों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। इसके बाद इन्हें शेल्टर होम में भेज दिया गया। देर रात तक मामले में सोनीपत और नारनौल जिला प्रशासन की ओर से यूपी प्रशासन से बातचीत चली। सुबह सोनीपत प्रशासन ने उत्तर प्रदेश के संबंधित जिला प्रशासन से बातचीत करके इन श्रमिकों को इनके घर के लिए रवाना कर दिया। फिर बागपत के बजाय रोडवेज की बसों को बदायूं यूपी के लिए भेजा गया।
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वर्जन
देर रात प्रशासन को सूचना मिली थी कि मजदूरों को लौटा दिया गया है। सूचना मिलते ही डीसी सोनीपत की अगुवाई में टीम बार्डर पहुंच गई थी। यहां से मजदूरों को लाकर उन्हें भोजन कराया गया और इसके बाद शेल्टर होम में ठहराया। सुबह संबंधित जिला प्रशासन से बात करके इन्हें इनके स्थान पर भिजवा दिया गया है।
- आशुतोष राजन, एसडीएम सोनीपत
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नारनौल प्रशासन ने अनुमति देकर सैकड़ों श्रमिकों को पांच बसों में सवार करके बागपत उत्तर प्रदेश के लिए रवाना किया था। यह श्रमिक रात करीब दस बजे हरियाणा से यूपी की सीमा में प्रवेश कर गए। प्रवेश करते ही केजीपी पर इन श्रमिकों को उत्तर प्रदेश पुलिस ने रोक लिया। यहां काफी देर तक गहमागहमी होती रही, लेकिन यूपी पुलिस ने इन्हें लेने से इंकार कर दिया। इस दौरान मामला इतना बढ़ गया कि यूपी पुलिस ने हरियाणा रोडवेज के चालक और परिचालकों सहित श्रमिकों पर जमकर लाठियां भांजी। इससे इनमें भगदड़ गच गई। बाद में इन्हें पुलिस ने यहां से वापस भेज दिया। यह मामला इतना बढ़ा कि जानकारी रात को सीएम मनोहर लाल खट्टर तक पहुंच गई। इसके बाद सीएम ने सोनीपत जिला प्रशासन को उचित कार्रवाई करने और इन श्रमिकों को भोजन और ठहराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीसी डॉ. अंशज सिंह व एसडीएम आशुतोष राजन दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और श्रमिकों से सारी जानकारी ली।
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ढाबा खुलवाकर श्रमिकों के लिए भोजन की व्यवस्था की
श्रमिकों ने बताया कि वह दिन में भूखे पेट ही जाने के लिए निकले थे। ऐसे में डीसी डॉ. सिंह ने तुरंत पुलिस की मदद से हाईवे पर ट्रकों के लिए मंजूर किया गया ढाबा खुलवाया और यहां श्रमिकों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। इसके बाद इन्हें शेल्टर होम में भेज दिया गया। देर रात तक मामले में सोनीपत और नारनौल जिला प्रशासन की ओर से यूपी प्रशासन से बातचीत चली। सुबह सोनीपत प्रशासन ने उत्तर प्रदेश के संबंधित जिला प्रशासन से बातचीत करके इन श्रमिकों को इनके घर के लिए रवाना कर दिया। फिर बागपत के बजाय रोडवेज की बसों को बदायूं यूपी के लिए भेजा गया।
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देर रात प्रशासन को सूचना मिली थी कि मजदूरों को लौटा दिया गया है। सूचना मिलते ही डीसी सोनीपत की अगुवाई में टीम बार्डर पहुंच गई थी। यहां से मजदूरों को लाकर उन्हें भोजन कराया गया और इसके बाद शेल्टर होम में ठहराया। सुबह संबंधित जिला प्रशासन से बात करके इन्हें इनके स्थान पर भिजवा दिया गया है।
- आशुतोष राजन, एसडीएम सोनीपत