रणनीति: अब यूपी, उत्तराखंड में भाजपा का विरोध करेंगे किसान, दोनों राज्यों में अगले साल होने हैं चुनाव
पांच माह से चल रहे आंदोलन के बावजूद सरकार किसानों के आगे नहीं झुक रही है। इसके अलावा सरकार और किसानों के बीच बातचीत भी बंद हो चुकी है। इसलिए अब बंगाल की तर्ज पर सरकार के विरोध में झंडा बुलंद किया जाएगा।
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बंगाल के बाद अब किसान यूपी और उत्तराखंड में भाजपा के विरोध में अभियान छेड़ेंगे। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अगले साल चुनाव होने हैं। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा ने दोनों राज्यों में अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। इसमें देश भर के किसान संगठनों व उन्नतशील किसानों को साथ लेकर रैलियों के साथ ही बैठक की जाएगी।
यूपी और उत्तराखंड में यह बताया जाएगा कि सरकार के फैसलों के कारण किसानों की हालत किस तरह से खराब है। यूपी के किसान नेता युद्धवीर सिंह को अभियान की पूरी योजना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है वहीं भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत इस अभियान में अग्रणी भूमिका में रहेंगे।
22 जनवरी के बाद से बंद है बातचीत
कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर किसान पिछले साढ़े पांच महीने से दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हुए हैं। सरकार के साथ 22 जनवरी तक किसानों की 11 दौर की बातचीत के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला। उसके बाद से बातचीत का रास्ता भी नहीं खुल रहा है। जबकि किसान सड़क से लेकर रेलवे ट्रैक तक जाम कर चुके हैं। भारत बंद भी किया जा चुका है लेकिन बातचीत का बंद दरवाजा नहीं खुल पा रहा। किसान किसी भी तरह से उसे खोलना चाहते हैं, जिससे कोई समाधान निकल सके।
इसके लिए संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने बंगाल में चुनाव के दौरान वहां जाकर भाजपा का विरोध किया था। इसके बाद से संयुक्त किसान मोर्चा को लगने लगा है कि अब चुनाव वाले राज्यों में भाजपा का विरोध करके बातचीत का रास्ता खोला जा सकता है। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा ने यूपी और उत्तराखंड में भाजपा के विरोध में अभियान शुरू करने का फैसला लिया है।
जल्द होगी तारीख की घोषणा
मोर्चा ने युद्धवीर सिंह को पूरी योजना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। वह योजना तैयार करने के बाद उसे मोर्चा के सामने रखेंगे कि किन जगहों पर रैली की जाएगी और किस जगहों पर बैठक के सहारे विरोध होगा। इसके अलावा भी कोई कार्यक्रम यूपी व उत्तराखंड में करना होगा तो उसे भी योजना में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही अभियान को शुरू करने की तारीख की घोषणा भी जल्द करने की बात कही जा रही है। वहीं किसान नेता राकेश टिकैत को इसके लिए आगे करने का फैसला लिया गया है, क्योंकि इस समय किसान नेताओं में उनको ही सबसे चर्चित चेहरा माना जा रहा है।
किसानों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मांग पूरी नहीं की जाती है। किसान उन सभी राज्यों में जाएंगे, जहां चुनाव होंगे और वहां भाजपा का विरोध किया जाएगा। क्योंकि बंगाल में किसानों के विरोध करने का बड़ा असर दिखाई दिया है। अब यूपी और उत्तराखंड में अभियान चलाया जाएगा, जिसको जल्द शुरू किया जाएगा। -राकेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता भाकियू