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Sonipat News: मां-बेटे की हत्या व जानलेवा हमले के दोषी को उम्रकैद
Wed, 14 Oct 2026 02:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 14 Oct 2026 02:34 AM IST
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सोनीपत। गांव भटगांव में महिला और पांच माह के बच्चे की हत्या व मासूम की मां पर जानलेवा हमले के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह ने रविंद्र उर्फ भोलू को दोषी करार दिया है।
अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उसे हत्या, हत्या की कोशिश और शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया। दोषी पर 1.60 लाख रुपये जुर्माना किया गया है। हालांकि दूसरे आरोपी दिल्ली के कटेवड़ा निवासी पवन उर्फ पंडित को बरी कर दिया गया है।
मामला 25 सितंबर, 2019 का है। बहादुरगढ़ के सेक्टर-9ए निवासी रेनू अपने पांच माह के बेटे जतिन और सहेली मीनू के साथ कैब में करनाल जा रही थी। मीनू झज्जर के सिलानी गेट की रहने वाली थी। कैब को मूलरूप से दिल्ली के लाडपुर व घटना के समय बहादुरगढ़ के सेक्टर-9ए का रहने वाला नीरज चला रहा था।
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रेनू को करनाल जेल में बंद अपने परिचित सुंदरपाल से मिलने जाना था। उनके साथ परिचित दिल्ली के गांव कटेवड़ा निवासी पवन उर्फ पंडित भी था। आरोप था कि पवन के कहने पर वह उनके रिश्तेदार रविंद्र के पास भटगांव गए थे। वहां पर पहुंचने पर भटगांव निवासी रविंद्र उर्फ भोलू ने अपने साथी के साथ मिलकर उन पर गोलियां चला दीं थी।
गोली लगने से रेनू, उनका छह माह का बेटा जतिन और सहेली मीनू घायल हो गए थे। अस्पताल में जतिन और मीनू की मौत हो गई थी जबकि रेनू की जान बच गई थी। इसके बाद कैब चालक नीरज के बयान पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उसे हत्या, हत्या की कोशिश और शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया। दोषी पर 1.60 लाख रुपये जुर्माना किया गया है। हालांकि दूसरे आरोपी दिल्ली के कटेवड़ा निवासी पवन उर्फ पंडित को बरी कर दिया गया है।
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मामला 25 सितंबर, 2019 का है। बहादुरगढ़ के सेक्टर-9ए निवासी रेनू अपने पांच माह के बेटे जतिन और सहेली मीनू के साथ कैब में करनाल जा रही थी। मीनू झज्जर के सिलानी गेट की रहने वाली थी। कैब को मूलरूप से दिल्ली के लाडपुर व घटना के समय बहादुरगढ़ के सेक्टर-9ए का रहने वाला नीरज चला रहा था।
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रेनू को करनाल जेल में बंद अपने परिचित सुंदरपाल से मिलने जाना था। उनके साथ परिचित दिल्ली के गांव कटेवड़ा निवासी पवन उर्फ पंडित भी था। आरोप था कि पवन के कहने पर वह उनके रिश्तेदार रविंद्र के पास भटगांव गए थे। वहां पर पहुंचने पर भटगांव निवासी रविंद्र उर्फ भोलू ने अपने साथी के साथ मिलकर उन पर गोलियां चला दीं थी।
गोली लगने से रेनू, उनका छह माह का बेटा जतिन और सहेली मीनू घायल हो गए थे। अस्पताल में जतिन और मीनू की मौत हो गई थी जबकि रेनू की जान बच गई थी। इसके बाद कैब चालक नीरज के बयान पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।