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Sonipat News: जिले के खेल मैदानों में सुविधाओं का अभाव, प्रतिभाओं पर पड़ रहा प्रभाव
Mon, 30 Dec 2024 01:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 30 Dec 2024 01:50 AM IST
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सोनीपत। जिले की प्रतिभाओं को धरातल से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने के लिए बनाए गए खेल स्टेडियम अब खस्ताहाल हो चुके हैं। जिससे जिले की प्रतिभाओं के अभ्यास पर प्रभाव पड़ रहा है। खेल स्टेडियमों की तरफ कोई ध्यान तक नहीं दे रहा। स्टेडियमों की देखभाल न होने के कारण उनके भवन जर्जर हो चुके हैं। प्रदेश में विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतने पर खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये की इनामी राशि दी जाती है, इसके विपरीत भविष्य के अर्जुन बनाने के लिए धरातल पर मूलभूत सुविधाएं तक मुहैया नहीं करवाई जा रही।
प्रदेश सरकार ने जिले में 16 राजीव गांधी खेल स्टेडियम के साथ सुभाष स्टेडियम, सेक्टर चार स्थित खेल परिसर बनाए थे, जिनमें तीन-चार को छोड़कर अधिकतर बदहाली के कगार पर पहुंच चुके हैं। स्टेडियमों में हजारों की संख्या में खिलाड़ी सुबह-शाम अपनी प्रतिभा को तराशने के लिए अभ्यास करते हैं। स्टेडियमों में बने भवन जर्जर हो चुके हैं। इनमें बिजली, पानी, ट्रैक की तो बात ही छोड़ दें, भवनों के दरवाजे-खिड़कियां व पंखे तक नहीं हैं। साथ ही स्टेडियमों में मरम्मत, रंग-रोगन कई सालों से नहीं हुआ है। मैदान में खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए उचित खेल उपकरण तक नहीं हैं। इसका खामियाजा जिले के खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। खिलाड़ी कई बार विभाग से मांग कर चुके हैं कि धरातल पर बेहतर सुविधाएं दी जाए, ताकि वह अपने अभ्यास को बेहतर कर देश के लिए पदक जीत सकें।
सुभाष स्टेडियम का अटका काम
सोनीपत के गोहाना रोड स्थित सुभाष स्टेडियम के मैदान में मिट्टी भराव व बहुउद्देशीय भवन का कार्य नहीं हो पाया है। मिट्टी भराव के लिए खेल विभाग ने 66 लाख रुपये का टेंडर लगाया था, किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं उठाया। अब विभाग दोबारा एस्टीमेट तैयार कर टेंडर लगाएगा। वहीं, बहुउद्देशीय भवन का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। भवन का निर्माण कार्य साल 2018 में शुरू हुआ था। भवन निर्माण कार्य का टेंडर करीब 2.42 करोड़ रुपये में होना था, लेकिन लापरवाही के कारण कार्य बीच में रुकता रहा। इस कारण अब भवन का बजट बढ़ गया है। सेक्टर-4 के खेल परिसर स्थित हॉकी मैदान ने विभाग की परेशानियां बढ़ा रखी हैं। मैदान में लगे एस्ट्रोटर्फ की सफाई व मरम्मत का कार्य पूरा किया तो अब सबमर्सिबल नया लगाया जाएगा। इसके अलावा बिजली मीटर जला हुआ है, वहीं बिजली बिल भी करीब 27 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।
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प्रदेश सरकार ने जिले में 16 राजीव गांधी खेल स्टेडियम के साथ सुभाष स्टेडियम, सेक्टर चार स्थित खेल परिसर बनाए थे, जिनमें तीन-चार को छोड़कर अधिकतर बदहाली के कगार पर पहुंच चुके हैं। स्टेडियमों में हजारों की संख्या में खिलाड़ी सुबह-शाम अपनी प्रतिभा को तराशने के लिए अभ्यास करते हैं। स्टेडियमों में बने भवन जर्जर हो चुके हैं। इनमें बिजली, पानी, ट्रैक की तो बात ही छोड़ दें, भवनों के दरवाजे-खिड़कियां व पंखे तक नहीं हैं। साथ ही स्टेडियमों में मरम्मत, रंग-रोगन कई सालों से नहीं हुआ है। मैदान में खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए उचित खेल उपकरण तक नहीं हैं। इसका खामियाजा जिले के खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। खिलाड़ी कई बार विभाग से मांग कर चुके हैं कि धरातल पर बेहतर सुविधाएं दी जाए, ताकि वह अपने अभ्यास को बेहतर कर देश के लिए पदक जीत सकें।
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सुभाष स्टेडियम का अटका काम
सोनीपत के गोहाना रोड स्थित सुभाष स्टेडियम के मैदान में मिट्टी भराव व बहुउद्देशीय भवन का कार्य नहीं हो पाया है। मिट्टी भराव के लिए खेल विभाग ने 66 लाख रुपये का टेंडर लगाया था, किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं उठाया। अब विभाग दोबारा एस्टीमेट तैयार कर टेंडर लगाएगा। वहीं, बहुउद्देशीय भवन का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। भवन का निर्माण कार्य साल 2018 में शुरू हुआ था। भवन निर्माण कार्य का टेंडर करीब 2.42 करोड़ रुपये में होना था, लेकिन लापरवाही के कारण कार्य बीच में रुकता रहा। इस कारण अब भवन का बजट बढ़ गया है। सेक्टर-4 के खेल परिसर स्थित हॉकी मैदान ने विभाग की परेशानियां बढ़ा रखी हैं। मैदान में लगे एस्ट्रोटर्फ की सफाई व मरम्मत का कार्य पूरा किया तो अब सबमर्सिबल नया लगाया जाएगा। इसके अलावा बिजली मीटर जला हुआ है, वहीं बिजली बिल भी करीब 27 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।
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