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कुंडली धरना स्थल पर दो किसानों की संदिग्ध अवस्था में मौत
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सोनीपत। कुंडली धरना स्थल पर दो किसानों की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। पंजाब के किसान का शव पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल में रखवाया गया है। वहीं सिसाना के किसान के शव का परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया।
पंजाब के जिला मोगा के गांव सैद मोहम्मद के बुजुर्ग किसान हंसा सिंह (73) की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। वह दो माह से कुंडली धरना स्थल पर डटे थे। हंसा सिंह के परिजनों को मामले से अवगत करा दिया गया है। वह लघुशंका के लिए गए थे। इसी दौरान बेसुध होकर गिर गए और उन्हें चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल में रखवा दिया है।
वहीं मूलरूप से गांव सिसाना फिलहाल सोनीपत में रह रहे राजबीर उर्फ बीरे (60) की बुधवार की रात को तबियत बिगडऩे के बाद मौत हो गई। राजबीर के बेटे नीटू का कहना है कि दो माह से लगातार उसके पिता कुंडली बॉर्डर पर चल रहे धरने पर किसानों के साथ बैठे हुए थे। बुधवार को उनके साथी किसानों ने उन्हें फोन कर उसके पिता की तबियत खराब होने की जानकारी दी। वह मौके पर पहुंचा तो उनकी मौत हो चुकी थी। नीटू का कहना उन्होंने अपने पिता का पोस्टमार्टम नहीं करवाया, वीरवार को शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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पंजाब के जिला मोगा के गांव सैद मोहम्मद के बुजुर्ग किसान हंसा सिंह (73) की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। वह दो माह से कुंडली धरना स्थल पर डटे थे। हंसा सिंह के परिजनों को मामले से अवगत करा दिया गया है। वह लघुशंका के लिए गए थे। इसी दौरान बेसुध होकर गिर गए और उन्हें चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल में रखवा दिया है।
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वहीं मूलरूप से गांव सिसाना फिलहाल सोनीपत में रह रहे राजबीर उर्फ बीरे (60) की बुधवार की रात को तबियत बिगडऩे के बाद मौत हो गई। राजबीर के बेटे नीटू का कहना है कि दो माह से लगातार उसके पिता कुंडली बॉर्डर पर चल रहे धरने पर किसानों के साथ बैठे हुए थे। बुधवार को उनके साथी किसानों ने उन्हें फोन कर उसके पिता की तबियत खराब होने की जानकारी दी। वह मौके पर पहुंचा तो उनकी मौत हो चुकी थी। नीटू का कहना उन्होंने अपने पिता का पोस्टमार्टम नहीं करवाया, वीरवार को शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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