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Sonipat News: 15 बसों के किलोमीटर पूरे, दो दिन नहीं चलेंगी सड़क पर
Mon, 01 Apr 2024 02:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 01 Apr 2024 02:23 AM IST
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गोहाना। बस अड्डे से किलोमीटर योजना के तहत चलने वाली बसों में से 15 बसों के निर्धारित किलोमीटर शनिवार को पूरे हो गए। इससे मार्च के आगामी दो दिन तक यह बसें सड़कों पर नहीं उतरेंगी। एक साथ 15 बसों का पहिया थमने से लंबे रूट प्रभावित रहे। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि रोडवेज अधिकारियों का दावा है कि यात्रियों की संख्या के हिसाब से रूटों पर बसें रवाना की गई हैं।
रोडवेज के गोहाना सब डिपो में बसों की संख्या 74 हैं। इनमें 28 बसें किलोमीटर योजना की भी शामिल हैं। विभाग की तरफ से किलोमीटर योजना की बसों को लंबे रूटों पर भेजा जाता है, जबकि रोडवेज की पुरानी बसों को लोकल रूटों पर ही भेजा जा रहा है। लंबे और बाहरी राज्यों के रूटों पर किलोमीटर स्कीम की 28 बसें भेजी जाती हैं। अधिकारियों के अनुसार किलोमीटर योजना की बसों को एक महीने में 14000 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है। लंबे रूटों पर चलने के कारण इन बसों के किलोमीटर 25 से 28 दिन में ही पूरे हो जाते हैं। महीने के शेष दिन यह बसें डिपो में ही खड़ी रहती हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। यात्रियों को दूसरे जिलों की बसों पर निर्भर रहना पड़ता है और बार-बार बसें बदलनी पड़ती है।
इन रूटों पर है संचालन
गोहाना सब डिपो से किलोमीटर योजना की बसों का चंडीगढ़, दिल्ली, जयपुर, हरिद्वार, मथुरा, खाटूश्याम, बालाजी, जम्मू-कटरा व अन्य लंबे रूटों पर संचालन किया जाता है। इन रूटों पर केवल किलोमीटर योजना की बसें ही भेजी जाती हैं। लंबे रूटों से ही विभाग को ज्यादा आमदनी प्राप्त होती है। लंबे रूटों पर किलोमीटर योजना की बसें चलने और कई दिन बसें बंद रहने से राजस्व पर सीधा असर पड़ता है।
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किलोमीटर योजना की बसों के निर्धारित किलोमीटर पूरे होने के बाद इन बसों को बंद करवा दिया जाता है। बसों का पहिया थमने से कई रूटों पर परिवहन सेवाएं प्रभावित रही हैं। हालांकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जिस भी रूट पर यात्रियों की संख्या अधिक होती है, उस पर बसें भेजी जा रही हैं। यात्रियों के सामने किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- तेलूराम, डीआई, बस अड्डा, गोहाना
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रोडवेज के गोहाना सब डिपो में बसों की संख्या 74 हैं। इनमें 28 बसें किलोमीटर योजना की भी शामिल हैं। विभाग की तरफ से किलोमीटर योजना की बसों को लंबे रूटों पर भेजा जाता है, जबकि रोडवेज की पुरानी बसों को लोकल रूटों पर ही भेजा जा रहा है। लंबे और बाहरी राज्यों के रूटों पर किलोमीटर स्कीम की 28 बसें भेजी जाती हैं। अधिकारियों के अनुसार किलोमीटर योजना की बसों को एक महीने में 14000 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है। लंबे रूटों पर चलने के कारण इन बसों के किलोमीटर 25 से 28 दिन में ही पूरे हो जाते हैं। महीने के शेष दिन यह बसें डिपो में ही खड़ी रहती हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। यात्रियों को दूसरे जिलों की बसों पर निर्भर रहना पड़ता है और बार-बार बसें बदलनी पड़ती है।
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इन रूटों पर है संचालन
गोहाना सब डिपो से किलोमीटर योजना की बसों का चंडीगढ़, दिल्ली, जयपुर, हरिद्वार, मथुरा, खाटूश्याम, बालाजी, जम्मू-कटरा व अन्य लंबे रूटों पर संचालन किया जाता है। इन रूटों पर केवल किलोमीटर योजना की बसें ही भेजी जाती हैं। लंबे रूटों से ही विभाग को ज्यादा आमदनी प्राप्त होती है। लंबे रूटों पर किलोमीटर योजना की बसें चलने और कई दिन बसें बंद रहने से राजस्व पर सीधा असर पड़ता है।
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किलोमीटर योजना की बसों के निर्धारित किलोमीटर पूरे होने के बाद इन बसों को बंद करवा दिया जाता है। बसों का पहिया थमने से कई रूटों पर परिवहन सेवाएं प्रभावित रही हैं। हालांकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जिस भी रूट पर यात्रियों की संख्या अधिक होती है, उस पर बसें भेजी जा रही हैं। यात्रियों के सामने किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- तेलूराम, डीआई, बस अड्डा, गोहाना