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Sonipat News: कांस्य जीत सोने-सा दमका सुनील मां बोली- बेटे ने मान बढ़ा दिया
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फोटो: एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने पर सोनीपत के डबरपुर में खुशी मनाते पहलवान सुनील कुमार क
- फोटो : Archive
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गन्नौर। गांव डबरपुर के अर्जुन अवार्डी पहलवान सुनील कुमार ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगतार दूसरी बार देश की झोली में कांस्य पदक डाल दिया। पुरुषों के ग्रीको-रोमन 87 किलोग्राम भारवर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में सुनील ने फिलीपींस के पहलवान को 9-0 से हराकर पदक अपने नाम किया। सुनील की इस उपलब्धि की खबर मिलते ही डबरपुर गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की खुशी मनाई।
सुनील ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार कांस्य पदक जीतने की उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भी कांस्य पदक जीता था। उनकी लगातार सफलता ने डबरपुर ही नहीं, बल्कि सोनीपत की कुश्ती परंपरा को भी गौरवान्वित किया है।
सुनील की मां अनीता देवी, भाई सुमित मलिक और परिवार के अन्य सदस्यों ने उनकी जीत पर खुशी जताई। बड़े भाई सुमित ने बताया कि सुनील ने कक्षा पांच में ही कुश्ती का अभ्यास शुरू कर दिया था। उन्होंने जींद के निडानी में शुरुआती प्रशिक्षण लिया। इसके बाद खरखौदा की प्रताप अकादमी में अभ्यास किया और फिर रोहतक के मेहर सिंह अखाड़े में कुश्ती की बारीकियां सीखीं।
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लगातार मेहनत के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
सुनील ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार कांस्य पदक जीतने की उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भी कांस्य पदक जीता था। उनकी लगातार सफलता ने डबरपुर ही नहीं, बल्कि सोनीपत की कुश्ती परंपरा को भी गौरवान्वित किया है।
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सुनील की मां अनीता देवी, भाई सुमित मलिक और परिवार के अन्य सदस्यों ने उनकी जीत पर खुशी जताई। बड़े भाई सुमित ने बताया कि सुनील ने कक्षा पांच में ही कुश्ती का अभ्यास शुरू कर दिया था। उन्होंने जींद के निडानी में शुरुआती प्रशिक्षण लिया। इसके बाद खरखौदा की प्रताप अकादमी में अभ्यास किया और फिर रोहतक के मेहर सिंह अखाड़े में कुश्ती की बारीकियां सीखीं।
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लगातार मेहनत के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।