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Sonipat News: परिचालकों की कमी के चलते खड़ी रहती हैं किलोमीटर योजना की बसें
Sun, 28 Jan 2024 10:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 28 Jan 2024 10:51 PM IST
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गोहाना बस अड्डे में खड़ी किलोमीटर योजना की बसें। संवाद
गोहाना। परिचालकों की कमी के चलते बस अड्डा परिसर में किलोमीटर योजना की बसें खड़ी रहती हैं। जिससे यात्रियों को बसों की कमी खलती है। रोडवेज के पास गोहाना बस डिपो में रोडवेज व किलोमीटर की 72 बस हैं और परिचालकों की संख्या 92 है। दो परिचालक लंबी छुट्टी पर चले हुए हैं। ऐसे में रोडवेज के पास अब 90 परिचालक हैं। बसों की संख्या के अनुसार रोडवेज सब डिपो में अभी भी 38 परिचालकों की आवश्यकता है।
गोहाना बस अड्डे से चंडीगढ़, हरिद्वार, खाटूशाम, बालाजी, मथुरा, आगरा, जयपुर समेत जम्मू कटरा तक लंबे रूटों की बसें चलती है। लंबे रूटों पर चलने वाले परिचालकों की ड्यूटी कई दिनों तक चलती है। बस का फेरा होने के बाद परिचालक को विश्राम देना होता है। जबकि रोडवेज के पास परिचालकों की पहले से ही कमी है। ऐसे में कई बार परिचालकों की कमी के चलते किलोमीटर योजना की बसों को बस अड्डा में ही खड़ा करना पड़ता है। जिससे कई रूटों पर बसों के फेरे घटाने पड़ते हैं। इससे जहां यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है, वहीं रोडवेज के राजस्व पर भी इसका असर पड़ता है।
किलोमीटर योजना की बसों पर रोडवेज के परिचालक
गोहाना बस अड्डा में किलोमीटर योजना की 28 बसे हैं। इन बसों पर चालक निजी होता है, जबकि परिचालक रोडवेज का होता है। यह बसें लंबे रूटों पर चलती हैं। नियम के अनुसार किलोमीटर योजना की बसों को महीने में 12 हजार किलोमीटर चलाना होता है। ऐसे में किलोमीटर योजना की बसों में चलने वाले परिचालकों को फेरा पूरा होने पर विश्राम दिया जाता है। परिचालकों की कमी के चलते कई बार किलोमीटर योजना की बसों को बस अड्डा में ही खड़ा किया जाता है। जिससे उनके किलोमीटर पूरे नहीं हो पाते, लेकिन रोडवेज को बस संचालक को 400 किलोमीटर की दर से ही भुगतान करना पड़ता है।
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वर्जन
बस अड्डा में परिचालकों की कमी है। मौजूदा समय में 92 परिचालक है। बसों की संख्या के अनुसार 38 परिचालकों की और आवश्यकता है। उच्च अधिकारियों को परिचालकों की मांग के लिए पत्र भेजा गया है।
रुपेंद्र, स्टेशन सुपरवाइजर(एसएस), बस अड्डा, गोहाना
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गोहाना बस अड्डे से चंडीगढ़, हरिद्वार, खाटूशाम, बालाजी, मथुरा, आगरा, जयपुर समेत जम्मू कटरा तक लंबे रूटों की बसें चलती है। लंबे रूटों पर चलने वाले परिचालकों की ड्यूटी कई दिनों तक चलती है। बस का फेरा होने के बाद परिचालक को विश्राम देना होता है। जबकि रोडवेज के पास परिचालकों की पहले से ही कमी है। ऐसे में कई बार परिचालकों की कमी के चलते किलोमीटर योजना की बसों को बस अड्डा में ही खड़ा करना पड़ता है। जिससे कई रूटों पर बसों के फेरे घटाने पड़ते हैं। इससे जहां यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है, वहीं रोडवेज के राजस्व पर भी इसका असर पड़ता है।
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किलोमीटर योजना की बसों पर रोडवेज के परिचालक
गोहाना बस अड्डा में किलोमीटर योजना की 28 बसे हैं। इन बसों पर चालक निजी होता है, जबकि परिचालक रोडवेज का होता है। यह बसें लंबे रूटों पर चलती हैं। नियम के अनुसार किलोमीटर योजना की बसों को महीने में 12 हजार किलोमीटर चलाना होता है। ऐसे में किलोमीटर योजना की बसों में चलने वाले परिचालकों को फेरा पूरा होने पर विश्राम दिया जाता है। परिचालकों की कमी के चलते कई बार किलोमीटर योजना की बसों को बस अड्डा में ही खड़ा किया जाता है। जिससे उनके किलोमीटर पूरे नहीं हो पाते, लेकिन रोडवेज को बस संचालक को 400 किलोमीटर की दर से ही भुगतान करना पड़ता है।
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बस अड्डा में परिचालकों की कमी है। मौजूदा समय में 92 परिचालक है। बसों की संख्या के अनुसार 38 परिचालकों की और आवश्यकता है। उच्च अधिकारियों को परिचालकों की मांग के लिए पत्र भेजा गया है।
रुपेंद्र, स्टेशन सुपरवाइजर(एसएस), बस अड्डा, गोहाना