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विधिक जागरूकता को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी : डॉ. आशुतोष
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जनता दरबार में लोगों ने विधायक के सामने रखी समस्याएं14 जीएनआर 6 गन्नौर: विधायक देवेंद्र काद
सोनीपत। डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय राई में सोमवार को कर्मचारियों के लिए नशे के दुष्प्रभाव, उपभोक्ता अधिकारों एवं सामाजिक न्याय विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को विधिक अधिकारों के साथ नशे से होने वाले व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक करना था।
कुलपति डॉ. देविंद्र सिंह ने कहा कि विधि विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को कानूनी शिक्षा देने तक सीमित नहीं है। समाज के प्रत्येक वर्ग को अधिकारों और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना भी विश्वविद्यालय का दायित्व है। कुलसचिव डॉ. आशुतोष मिश्रा ने कहा कि विधिक जागरूकता को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
नैदानिक विधिक शिक्षा एवं सामुदायिक न्याय केंद्र (सीसीएलईसीजे) के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार के मार्गदर्शन में कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया गया। पहले सत्र में उन्होंने उपभोक्ता अधिकारों, शिकायत निवारण और जागरूक उपभोक्ता की भूमिका की जानकारी दी। दूसरे सत्र में विश्वविद्यालय के सुरक्षा सलाहकार सुधीर ने कर्मचारियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया।
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कुलपति डॉ. देविंद्र सिंह ने कहा कि विधि विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को कानूनी शिक्षा देने तक सीमित नहीं है। समाज के प्रत्येक वर्ग को अधिकारों और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना भी विश्वविद्यालय का दायित्व है। कुलसचिव डॉ. आशुतोष मिश्रा ने कहा कि विधिक जागरूकता को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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नैदानिक विधिक शिक्षा एवं सामुदायिक न्याय केंद्र (सीसीएलईसीजे) के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार के मार्गदर्शन में कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया गया। पहले सत्र में उन्होंने उपभोक्ता अधिकारों, शिकायत निवारण और जागरूक उपभोक्ता की भूमिका की जानकारी दी। दूसरे सत्र में विश्वविद्यालय के सुरक्षा सलाहकार सुधीर ने कर्मचारियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया।
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