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पुनित के मददगारों की तलाश में असम में दबिश देगी जांच एजेंसी
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देशद्रोह के आरोपी मोहम्मद विकास को कॉल करने के लिए असम से सिम उपलब्ध कराए जाते थे। पानीपत निवासी पुनीत की गिरफ्तारी पर खुलासा हुआ था कि सिम असम से मंगवाता था। आगे वह धोबीवाड़ा के विपुल के माध्यम से मोहम्मद विकास को सिम भेज देता था। इसके बाद अब जांच एजेंसियों की नजर असम पर टिक गई है। जांच एजेंसियां अब असम जाएगी। वहां से सिम प्रदान करने वाले को गिरफ्तार कर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
पुलिस ने मूलरूप से भैंसवाल फिलहाल सेक्टर-10 के विकास वर्मा उर्फ मोहम्मद विकास को गिरफ्तार कर खुलासा किया था कि वह देशद्रोह की गतिविधियों में संलिप्त था। वह सिख फॉर जस्टिस संगठन के लिए काम करता था। साथ ही विदेश से आने वाली कॉल इंटरनेट के माध्यम से चिह्नित लोगों तक पहुंचाता था। उसके द्वारा राउटर के माध्यम से विदेशों से आने वाली कॉल को इंटरनेट के माध्यम से आगे भेजा जाता था, जिससे वह लंबे समय तक पकड़ में नहीं आ सका। जून में यह मामला पुलिस के सामने आया। तब पता लगा था कि वह दुबई से होते हुए पाकिस्तान भाग गया है। वहां पर उसने धर्म बदलकर अपना नाम मोहम्मद विकास रख लिया था। उसे 22 दिसंबर को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में पुलिस ने उसके साथी विपुल और उसके बाद पानीपत के पुनीत को गिरफ्तार किया था।
उसने बताया था कि वह विपुल के माध्यम से मोहम्मद विकास को सिम देता था। वह यह सिम असम से मंगवाता था। उसने सवा सौ से अधिक सिम देने की बात कही है। पुनीत अभी जांच एजेंसियों की हिरासत में है। उसने असम के कुछ व्यक्तियों व स्थानों की जानकारी दी है। उसके आधार पर जांच टीम असम जाने की तैयारी में हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ ही अन्य लोगों पर जांच टीमों का शिकंजा कसा जाएगा। पुलिस इसमें हर पहलू की जांच में लगी है।
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पुलिस ने मूलरूप से भैंसवाल फिलहाल सेक्टर-10 के विकास वर्मा उर्फ मोहम्मद विकास को गिरफ्तार कर खुलासा किया था कि वह देशद्रोह की गतिविधियों में संलिप्त था। वह सिख फॉर जस्टिस संगठन के लिए काम करता था। साथ ही विदेश से आने वाली कॉल इंटरनेट के माध्यम से चिह्नित लोगों तक पहुंचाता था। उसके द्वारा राउटर के माध्यम से विदेशों से आने वाली कॉल को इंटरनेट के माध्यम से आगे भेजा जाता था, जिससे वह लंबे समय तक पकड़ में नहीं आ सका। जून में यह मामला पुलिस के सामने आया। तब पता लगा था कि वह दुबई से होते हुए पाकिस्तान भाग गया है। वहां पर उसने धर्म बदलकर अपना नाम मोहम्मद विकास रख लिया था। उसे 22 दिसंबर को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में पुलिस ने उसके साथी विपुल और उसके बाद पानीपत के पुनीत को गिरफ्तार किया था।
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उसने बताया था कि वह विपुल के माध्यम से मोहम्मद विकास को सिम देता था। वह यह सिम असम से मंगवाता था। उसने सवा सौ से अधिक सिम देने की बात कही है। पुनीत अभी जांच एजेंसियों की हिरासत में है। उसने असम के कुछ व्यक्तियों व स्थानों की जानकारी दी है। उसके आधार पर जांच टीम असम जाने की तैयारी में हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ ही अन्य लोगों पर जांच टीमों का शिकंजा कसा जाएगा। पुलिस इसमें हर पहलू की जांच में लगी है।
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