फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Industrialists protest against 25 percent increase in CETP bills.

Sonipat News: सीईटीपी के बिल में 25 फीसदी बढ़ोतरी पर उद्योगपतियों का प्रदर्शन

Tue, 16 Dec 2025 02:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 16 Dec 2025 02:09 AM IST
विज्ञापन
Industrialists protest against 25 percent increase in CETP bills.
फोटो 14: सोनीपत के एचएसआईआईडीसी बड़ी कार्यालय के बाहर रोष प्रकट करते उद्योगपति। स्रोत: एसोसिएशन
गन्नौर। बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियों के काॅमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) के बिलों में एचएसआईआईडीसी बड़ी की ओर से 25 फीसदी बढ़ोतरी की गई है। अचानक बढ़े हुए बिलों के देखकर उद्योगपति एचएसआईआईडीसी बड़ी के अधिकारियों के विरोध में उतर गए हैं। सोमवार को उद्योगपति एचएसआईआईडीसी बड़ी कार्यालय के बाहर रोष जताया।
विज्ञापन

बड़ी इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की ओर से किए गए प्रदर्शन के दौरान कार्यालय में एक भी अधिकारी मौजूद नहीं था। अधिकारियों से उद्योगपतियों ने संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि किसी जरूरी काम से अचानक जाना पड़ा। इसके बाद भड़के उद्योगपतियों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
विज्ञापन

उन्होंने वरिष्ठ प्रबंधक के नाम पत्र लिख उन्हें सामूहिक आंदोलन की चेतावनी दी। एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित गोयल ने बताया कि एचएसआईआईडीसी की ओर से औद्योगिक इकाइयों को 25 फीसदी बढ़े हुए सीईटीपी बिल जारी किए जा रहे हैं। जिससे औद्योगिक इकाइयों पर अतिरिक्त खर्च पड़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस विषय पर एसोसिएशन ने पहले भी लिखित आपत्तियां और कई बार मौखिक अनुरोध किया लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उद्योगपति अमित जैन ने कहा कि बड़ी के मुख्य सीईटीपी के संचालन में काफी कमियां हैं जिस कारण प्रदूषण विभाग ने उन पर जुर्माना भी ठोका है।
उद्योगपति मानकों के अनुरूप अपनी फैक्टरियों में सीईटीपी से पानी को शोधित कर सीवर लाइन में भेज रहे हैं। इसके बावजूद नियमों का पालन करने वाले उद्योगों पर अनुचित वित्तीय भार डाला जा रहा है। अधिकारियों से बढ़े हुए बिलों को लेकर बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास सीईटीपी में 25 फीसदी अधिक पानी पहुंच रहा है।
विरेंद्र जैन ने मांग करी कि फैक्टरियों के फ्लो मीटर आंकड़ों के आधार पर संशोधित बिल जारी किए जाए जिससे उद्योगपतियों पर अतिरिक्त भार न पड़े। इस मौके पर महासचिव वीरेंद्र जैन, अनिल भारद्वाज, उपाध्यक्ष नरेंद्र नंदा, विनोद जैन, हिमांशु धीमान आदि मौजूद रहे।
सीवर, पानी व ईटीपी बिल भरने के बावजूद परेशानी

अमित गोयल ने बताया कि फैक्टरी संचालक एचएसआईआईडीसी बड़ी को सीवर, पानी व ईटीपी के बिल समय पर अदा करते हैं। इसके बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना के फैक्टरी संचालकों पर बढ़े हुए बिल भेजे जा रहे हैं। यदि ऐसा चलता रहा तो उद्योगपति यहां से पलायन करने को मजबूर होंगे।

अधिकारी करते हैं तानाशाही
महासचिव वीरेंद्र जैन ने बताया कि अधिकारियों से जब भी किसी समस्या के बारे में बात करते हैं तो अधिकारी उनकी नहीं सुनते। कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट के सैंपल लगातार फेल आ रहे हैं। कामन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट से पानी बिना शोधित किए भेज रहे हैं और उसका खामियाजा फैक्टरी संचालकों को भी भुगतना पड़ता है। इन्हीं लापरवाही की वजह से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व एनजीटी की तलवार फैक्टरी संचालकों पर लटकती है। औद्योगिक क्षेत्र में सीवर व्यवस्था भी चरमराई हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed