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25 लाख तक के उद्योग को मिलेगा 5 करोड़ का लोन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 29 Oct 2015 11:49 PM IST
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एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट करनाल के निदेशक के निर्देशानुसार बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बृहस्पतिवार को एक दिवसीय स्टेट वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं एमएसएमई सब्सिडी और ग्रांट स्कीम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बड़ी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशेर शर्मा ने की। कार्यक्रम में एमएसएमई डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट करनाल के सहायक निदेशक डीके त्यागी ने बतौर मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। इसके अलावा एसएमएसई राजेेंद्र जैन, आईओसीएल पानीपत के बिक्री प्रबंधक विनोद शर्मा व नेशनल लघु उद्योग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के उपनिदेशक विष्णु मूर्ति बोगा भी मुख्य रूप से मौजूद रहे। मुख्यवक्ता डीके त्यागी का कार्यक्रम में पहुंचने पर बड़ी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने बुके देकर स्वागत किया। मुख्य वक्ता डीके त्यागी ने कार्यक्रम में उपस्थित उद्योगपतियों को सरकार द्वारा उद्योग स्थापित करने में दी जाने वाली आर्थिक मदद एवं योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को औद्योगिक क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर ले जाने के लिए कृत संकल्प हैं। इसी कड़ी में एमएसएमई द्वारा उद्योग स्थापित करने के लिए विभिन्न तरह के लोन और सब्सिडी योजनाएं चलाई जा रही हैं। 25 लाख रुपये तक की मशीनरी का प्रयोग करने वाली फैक्ट्री सूक्ष्म उद्योग, 25 लाख से 5 करोड़ रुपये तक की मशीनरी का प्रयोग करने वाली कंपनी लघु उद्योग और 5-10 करोड़ रुपये तक की मशीनरी का प्रयोग करने वाली कंपनी मध्यम उद्योग की श्रेणी में आती हैं। इन श्रेणियों को ध्यान में रखकर सरकार द्वारा काफी लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं ताकि भारत में उद्योग नीति को बढ़ावा मिल सके। डीके त्यागी ने बताया कि किसी भी उद्योग को स्थापित करने के लिए सबसे पहले उसके बारे में पूरी जानकारी होना अनिवार्य है ऐसे में एमएसएमई उन्हें उद्योग के बारे में विशेषज्ञों द्वारा पूरी जानकारी व उसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट निशुल्क उपलब्ध कराती है। एसएमएसई के माध्यम से उद्योगपतियों को बैंक लोन भी आसान किश्तों पर और बिना गारंटर के उपलब्ध हो जाता है। नया सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने के लिए उद्योगपति पीएम सूक्ष्म उद्योग योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का लोन ले सकता है जिसका 25-30 प्रतिशत लोन एमएसएमई सब्सीडी के रूप में भरेगी। एसएमएसई योजना के तहत उद्योगपति को 15 लाख रुपये तक की मशीन खरीदने पर उसे 15 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। कंपनी का आईएसओ, सीई आदि प्रमाण पत्र लेने में आने वाले खर्च का 75 प्रतिशत भी एसएमएसई द्वारा भरा जाएगा। इसके अलावा बहुत सी ऐसी योजनाएं हैं जिनका उद्योगपति लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि एसएमएसई में रजिस्टर करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की भी आवश्यकता नहीं है व्यापारी एसएमएसई की वेबसाइट पर जाकर मात्र एक घंटे में अपनी कंपनी को रजिस्टर करवा सकता है। उन्होंने उद्योगपतियों से एसएमएसई की लाभकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मंच का संचालन बड़ी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अनिल भारद्वाज ने किया। कार्यक्रम की व्यवस्था में हिमांशु धीमान, अमित गोयल, योगेंद्र गहलावत सहित अन्य व्यापारियों ने अपना सहयोग दिया।
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उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को औद्योगिक क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर ले जाने के लिए कृत संकल्प हैं। इसी कड़ी में एमएसएमई द्वारा उद्योग स्थापित करने के लिए विभिन्न तरह के लोन और सब्सिडी योजनाएं चलाई जा रही हैं। 25 लाख रुपये तक की मशीनरी का प्रयोग करने वाली फैक्ट्री सूक्ष्म उद्योग, 25 लाख से 5 करोड़ रुपये तक की मशीनरी का प्रयोग करने वाली कंपनी लघु उद्योग और 5-10 करोड़ रुपये तक की मशीनरी का प्रयोग करने वाली कंपनी मध्यम उद्योग की श्रेणी में आती हैं। इन श्रेणियों को ध्यान में रखकर सरकार द्वारा काफी लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं ताकि भारत में उद्योग नीति को बढ़ावा मिल सके। डीके त्यागी ने बताया कि किसी भी उद्योग को स्थापित करने के लिए सबसे पहले उसके बारे में पूरी जानकारी होना अनिवार्य है ऐसे में एमएसएमई उन्हें उद्योग के बारे में विशेषज्ञों द्वारा पूरी जानकारी व उसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट निशुल्क उपलब्ध कराती है। एसएमएसई के माध्यम से उद्योगपतियों को बैंक लोन भी आसान किश्तों पर और बिना गारंटर के उपलब्ध हो जाता है। नया सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने के लिए उद्योगपति पीएम सूक्ष्म उद्योग योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का लोन ले सकता है जिसका 25-30 प्रतिशत लोन एमएसएमई सब्सीडी के रूप में भरेगी। एसएमएसई योजना के तहत उद्योगपति को 15 लाख रुपये तक की मशीन खरीदने पर उसे 15 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। कंपनी का आईएसओ, सीई आदि प्रमाण पत्र लेने में आने वाले खर्च का 75 प्रतिशत भी एसएमएसई द्वारा भरा जाएगा। इसके अलावा बहुत सी ऐसी योजनाएं हैं जिनका उद्योगपति लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि एसएमएसई में रजिस्टर करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की भी आवश्यकता नहीं है व्यापारी एसएमएसई की वेबसाइट पर जाकर मात्र एक घंटे में अपनी कंपनी को रजिस्टर करवा सकता है। उन्होंने उद्योगपतियों से एसएमएसई की लाभकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मंच का संचालन बड़ी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अनिल भारद्वाज ने किया। कार्यक्रम की व्यवस्था में हिमांशु धीमान, अमित गोयल, योगेंद्र गहलावत सहित अन्य व्यापारियों ने अपना सहयोग दिया।
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