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चालू शैक्षणिक सत्र में हरियाणा बोर्ड लेगा 8वीं कक्षा की परीक्षा
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सोनीपत। चालू शैक्षणिक सत्र 2021-22 में 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा हरियाणा बोर्ड लेगा। इसके लिए बोर्ड ने तैयारियां शुरू कर दी है। बोर्ड ने माध्यमिक स्तर के सभी स्कूलों से संबद्धता आवेदन फॉर्म और स्कूलों का डाटा मांगा है। स्कूलों को यह डाटा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.बीएसईएच.ओआरजी.इन पर 22 नवंबर से 6 दिसंबर तक अपलोड करना होगा। नई शिक्षा नीति के अनुसार जिले के राजकीय व गैर राजकीय स्कूलों में 8वीं कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों को इस बार बोर्ड की परीक्षा देनी होगी।
प्रदेश में राइट टू एजुकेशन एक्ट (आरटीई) लागू किया गया था। इसके लागू होने के बाद शिक्षा सत्र 2010-11 से 8वीं कक्षा का बोर्ड हटा दिया था। इस एक्ट में 8वीं कक्षा तक किसी भी विद्यार्थी को वार्षिक परीक्षाओं में फेल नहीं करने का प्रावधान लागू किया गया था। जिस कारण हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने शिक्षा सत्र 2009-10 में आखिरी बार 8वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा आयोजित की थी। प्रदेश में 12 साल से 8वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों को बिना फेल किए अगली कक्षा में दाखिला दिया जा रहा है। बिना पढ़ाई पास होने के नियम का विद्यार्थियों पर ऐसा असर हुआ कि उन्होंने पढ़ना ही छोड़ दिया। अभिभावकों ने भी बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देना बंद कर दिया। परिणामस्वरूप शिक्षा का स्तर निरंतर गिरता चला गया।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए दोबारा शुरू किया बोर्ड
शिक्षाविदों की मानें तो 8वीं कक्षा तक किसी विद्यार्थी को फेल न करने के नियम के बाद 9वीं व 10वीं कक्षा में ऐसे विद्यार्थी पहुंच रहे थे, जिन्हें सही प्रकार से पढ़ना-लिखना भी नहीं आता था। सरकार, शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों ने शिक्षा के स्तर में आ रही गिरावट को रोकने के लिए गहन मंथन किया। जिसके बाद 8वीं कक्षा में दोबारा से बोर्ड लागू करने का निर्णय लिया गया।
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अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को किया जा रहा वंचित : नांदल
ऑल हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र नांदल ने कहा है कि शिक्षा बोर्ड स्कूलों से संबद्धता फॉर्म व बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरने की तारीख घोषित कर चुका है। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के 3200 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को फॉर्म भरने से वंचित किया जा रहा है। ऑल हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने कहा है कि सरकार बच्चों के भविष्य का ध्यान रखते हुए 30 नवंबर तक समाधान करें अन्यथा वे सड़कों पर उतरने पर मजबूर होंगे। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कोरोना महामारी की विकट आपदा को देखते हुए सरकार को स्वयं ही एक वर्ष की मान्यता अवधि बढ़ा देनी चाहिए थी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रदेश के 3200 स्कूलों के एक वर्ष की मान्यता अवधि बढ़ाने की बजाय 8-10 वर्ष का समय बढ़ा दिया जाए। ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना रुकावट के चलती रहे।
वर्जन
प्रदेश में 12 साल बाद एक बार फिर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड शिक्षा सत्र 2021-22 की 8वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा लेगा। इसके लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने माध्यमिक स्तर के स्कूलों से आवश्यक डाटा मांगा है। जिले में माध्यमिक स्तर के 78 राजकीय स्कूल हैं और लगभग इतने ही निजी स्कूल हैं। इन स्कूलों में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों को इस बार बोर्ड परीक्षा देनी होगी। इससे शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा।
- बिजेंद्र नरवाल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
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प्रदेश में राइट टू एजुकेशन एक्ट (आरटीई) लागू किया गया था। इसके लागू होने के बाद शिक्षा सत्र 2010-11 से 8वीं कक्षा का बोर्ड हटा दिया था। इस एक्ट में 8वीं कक्षा तक किसी भी विद्यार्थी को वार्षिक परीक्षाओं में फेल नहीं करने का प्रावधान लागू किया गया था। जिस कारण हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने शिक्षा सत्र 2009-10 में आखिरी बार 8वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा आयोजित की थी। प्रदेश में 12 साल से 8वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों को बिना फेल किए अगली कक्षा में दाखिला दिया जा रहा है। बिना पढ़ाई पास होने के नियम का विद्यार्थियों पर ऐसा असर हुआ कि उन्होंने पढ़ना ही छोड़ दिया। अभिभावकों ने भी बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देना बंद कर दिया। परिणामस्वरूप शिक्षा का स्तर निरंतर गिरता चला गया।
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शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए दोबारा शुरू किया बोर्ड
शिक्षाविदों की मानें तो 8वीं कक्षा तक किसी विद्यार्थी को फेल न करने के नियम के बाद 9वीं व 10वीं कक्षा में ऐसे विद्यार्थी पहुंच रहे थे, जिन्हें सही प्रकार से पढ़ना-लिखना भी नहीं आता था। सरकार, शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों ने शिक्षा के स्तर में आ रही गिरावट को रोकने के लिए गहन मंथन किया। जिसके बाद 8वीं कक्षा में दोबारा से बोर्ड लागू करने का निर्णय लिया गया।
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अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को किया जा रहा वंचित : नांदल
ऑल हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र नांदल ने कहा है कि शिक्षा बोर्ड स्कूलों से संबद्धता फॉर्म व बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरने की तारीख घोषित कर चुका है। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के 3200 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को फॉर्म भरने से वंचित किया जा रहा है। ऑल हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने कहा है कि सरकार बच्चों के भविष्य का ध्यान रखते हुए 30 नवंबर तक समाधान करें अन्यथा वे सड़कों पर उतरने पर मजबूर होंगे। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कोरोना महामारी की विकट आपदा को देखते हुए सरकार को स्वयं ही एक वर्ष की मान्यता अवधि बढ़ा देनी चाहिए थी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रदेश के 3200 स्कूलों के एक वर्ष की मान्यता अवधि बढ़ाने की बजाय 8-10 वर्ष का समय बढ़ा दिया जाए। ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना रुकावट के चलती रहे।
वर्जन
प्रदेश में 12 साल बाद एक बार फिर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड शिक्षा सत्र 2021-22 की 8वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा लेगा। इसके लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने माध्यमिक स्तर के स्कूलों से आवश्यक डाटा मांगा है। जिले में माध्यमिक स्तर के 78 राजकीय स्कूल हैं और लगभग इतने ही निजी स्कूल हैं। इन स्कूलों में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों को इस बार बोर्ड परीक्षा देनी होगी। इससे शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा।
- बिजेंद्र नरवाल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत