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Sonipat News: सुरक्षा मानकों की अनदेखी कहीं सोनीपत में न दोहरा दे दिल्ली जैसा हादसा

Fri, 05 Jun 2026 01:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Fri, 05 Jun 2026 01:48 AM IST
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Ignoring safety standards may lead to repeat of Delhi-like accident in Sonipat
फोटो :: सोनीपत के गली के अंदर स्थित होटल। संवाद - फोटो : Archive
संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित गेस्ट हाउस में आग लगने से 22 लोगों की मौत के बाद एनसीआर क्षेत्र में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यदि इस घटना से समय रहते सबक नहीं लिया गया तो सोनीपत में भी ऐसा कोई बड़ा हादसा होने की आशंका हो सकती है। शहर में कई गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट और छोटे होटल सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे हैं, जहां किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
शहर के अनेक गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट में आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता है। कई बहुमंजिला इमारतों में ऊपर जाने वाली सीढिय़ां दो से तीन फीट चौड़ी हैं, जिससे आपातकालीन स्थिति में लोगों का सुरक्षित निकास असंभव सा हो जाता है।
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कई प्रतिष्ठान ऐसी संकरी गलियों में संचालित हो रहे हैं, जहां दमकल विभाग की बड़ी गाडिय़ां तक नहीं पहुंच सकतीं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार भीड़भाड़ वाले ऐसे भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बड़े हादसों को न्योता दे सकती है।
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कच्चे क्वार्टर अग्निकांड आज भी देता है चेतावनी
सोनीपत वर्ष 1999 के दर्दनाक कच्चे क्वार्टर अग्निकांड का दंश झेल चुका है। छोटी दिवाली पर बाजार में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग में 48 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। उस समय बाजार में अतिक्रमण और संकरे रास्ते राहत कार्य में सबसे बड़ी बाधा बने थे। आग बुझाने के लिए दमकल कर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। हादसे को करीब तीन दशक होने को हैं उसके बाद भी कई बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में हालात पूरी तरह नहीं बदले हैं।

दमकल विभाग के पास नहीं बेहतर संसाधन
जिले में बढ़ती आबादी, ऊंची इमारतों और व्यावसायिक गतिविधियों के बावजूद अग्निशमन विभाग संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। जिले में 10 दमकल केंद्रों पर कुल 132 कर्मचारी और 23 दमकल गाडिय़ां ही उपलब्ध हैं। विभाग के अनुसार जिले को अभी कम से कम 29 अतिरिक्त दमकल गाडिय़ों की आवश्यकता है। ऊंची इमारतों में आग बुझाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए आवश्यक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तक विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।

80 होटल-मोटल अब भी बिना अनुमति संचालित
अग्निशमन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार सोनीपत शहर और मुरथल क्षेत्र में 500 वर्ग गज से अधिक के करीब 100 होटल, मोटल और ढाबों को सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से केवल लगभग 20 प्रतिष्ठानों ने ही अग्निशमन अनुमति के लिए आवेदन किया, जबकि करीब 80 संचालकों ने अब तक आवेदन तक नहीं किया है। विभाग ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।


बड़े होटल और ढाबों का नियमित निरीक्षण किया जाता है, लेकिन कई छोटे रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और व्यावसायिक प्रतिष्ठान अब भी मानकों के अनुरूप नहीं हैं। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म सहित अतिरिक्त दमकल गाडिय़ों की मांग मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। साथ ही ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच और सख्त कार्रवाई भी की जाएगी जो सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। -रामेश्ववर, जिला अग्निशमन अधिकारी।
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