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कलयुग में यदि कल्याण चाहते हैं तो हरिनाम का सहारा लें : पंडित रवि कृष्ण शास्त्री

Thu, 07 Mar 2024 12:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 07 Mar 2024 12:43 AM IST
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If you want welfare in Kalyug then take help of Harinam: Pandit Ravi Krishna Shastri
नारनौल। शहर की पुरानी अनाज मंडी के गोस्वामी मार्केट में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को वृंदावन श्रीधाम से आए कथावाचक पंडित रवि कृष्ण शास्त्री ने धर्म की व्याख्या की।
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उन्होंने कहा कि जिस पक्ष में धर्म होता है, भगवान उसी के पक्षधर होते हैं। आज की कथा में परम धर्म का निरूपण, वेदव्यास जी के चरित्र के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना, महाभारत चरित्र, अश्वत्थामा द्वारा प्रेषित ब्रह्मास्त्र से राजा परीक्षित की रक्षा करना, राजा परीक्षित को श्राप व श्री शुकदेवजी का आगमन आदि प्रसंग को लेकर विस्तार से बताया। कथा व्यास पंडित रवि कृष्ण शास्त्री कहा कि वर्तमान कलयुग में यदि कल्याण चाहते हैं तो हरि नाम का सहारा लें। ईश्वर से प्रगाढ़ प्रेम करने से जीवन की आसक्ति छूट जाती है। उन्होंने सरस भाव में संसार की व्याख्या करते हुए कहा कि संसार एक मायका है और इसे छोड़कर जाना ही पड़ेगा। उन्होंने कथा रसिकों को एक सूत्र देते हुए कहा कि जब तक धर्म खड़ा है, जीवन भी तभी तक सुरक्षित है। धर्म की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म का कवच धारण करने वाले पांडवों पर आंच नहीं आई और धर्म के विपरीत रहने वाले कौरव समूल नष्ट हो गए। यहां धर्म का मतलब नीति के साथ, सत्य के साथ पथ पर बढ़ाना है।
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