{"_id":"64bae084a9271b266d072ad4","slug":"i-am-not-in-favor-of-giving-exemption-in-trial-sanjay-pehalwan-sonipat-news-c-197-1-snp1004-3317-2023-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैं ट्रायल में छूट देने के हक में नहीं : संजय पहलवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मैं ट्रायल में छूट देने के हक में नहीं : संजय पहलवान
Sat, 22 Jul 2023 01:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 22 Jul 2023 01:16 AM IST
विज्ञापन
ट्रायल के मुद्दे पर पत्रकारों के साथ बातचीत करते हिंद केसरी रहे संजय पहलवान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। एशियाई खेलों को लेकर ट्रायल में छूट पर शुरू हुए विवाद के बीच हिंद केसरी रहे संजय पहलवान का कहना है कि वह ट्रायल में छूट देने के हक में नहीं हैं, लेकिन स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि उन वरिष्ठ पहलवानों को इस पर सवाल नहीं उठाना चाहिए, जो खुद एक समय में बिना ट्रायल के विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। बजरंग सहित अन्य कई पहलवान इस कड़ी में शामिल रहे हैं।
संजय पहलवान ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि आज पहलवान फेडरेशन व सरकार के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। यह हौसला उन्हें विनेश, साक्षी व बजरंग जैसे पहलवानों की ओर से दिल्ली में दिए गए धरने की बदौलत ही मिल पाया है, जबकि पहले कोई अपनी आवाज तक नहीं उठा पाता था। उन्होंने कहा कि युवा पहलवानों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। एशियाई खेलों के लिए 23 जुलाई तक देश से नाम भेजने जरूरी थे, लेकिन अब तक इस प्रतियोगिता के लिए ट्रायल ही नहीं हो पाए थे तो फेडरेशन ने वरिष्ठ पहलवानों के नाम भेज दिए। अब ट्रायल में जो जीतेगा, वहीं आगे खेलने जाएगा और ऐसा होना भी चाहिए, क्योंकि यही खेल व खिलाड़ी के हक में है।
संजय पहलवान ने कहा कि 54 व 65 किलोग्राम भार वर्ग में विशेष रूप से विवाद है, लेकिन विनेश, साक्षी व बजरंग ने ट्रायल में छूट नहीं मांगी थी, उन्होंने समय मांगा था। सरकार ने ही अपने खर्च पर उन्हें प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा हुआ है। इस विवाद पर सरकार को ही अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, क्योंकि जो पहलवान कभी धरने पर एक साथ संघर्ष कर रहे थे, आज वही विवाद में आमने-सामने हो गए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अब तो मामला न्यायालय में चला गया है। ऐसे में न्यायालय के फैसले पर ही सब निर्भर हैं, लेकिन वह केंद्र सरकार पर भी इस बात के आरोप लगा सकते हैं कि ऐसी स्थिति पैदा ही क्यों होने दी जा रही है। संजय पहलवान ने स्पष्ट किया कि अगर पहलवानों के ट्रायल नहीं होते हैं तो वह युवा पहलवानों के संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे।
विज्ञापन
खरखौदा। एशियाई खेलों को लेकर ट्रायल में छूट पर शुरू हुए विवाद के बीच हिंद केसरी रहे संजय पहलवान का कहना है कि वह ट्रायल में छूट देने के हक में नहीं हैं, लेकिन स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि उन वरिष्ठ पहलवानों को इस पर सवाल नहीं उठाना चाहिए, जो खुद एक समय में बिना ट्रायल के विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। बजरंग सहित अन्य कई पहलवान इस कड़ी में शामिल रहे हैं।
संजय पहलवान ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि आज पहलवान फेडरेशन व सरकार के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। यह हौसला उन्हें विनेश, साक्षी व बजरंग जैसे पहलवानों की ओर से दिल्ली में दिए गए धरने की बदौलत ही मिल पाया है, जबकि पहले कोई अपनी आवाज तक नहीं उठा पाता था। उन्होंने कहा कि युवा पहलवानों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। एशियाई खेलों के लिए 23 जुलाई तक देश से नाम भेजने जरूरी थे, लेकिन अब तक इस प्रतियोगिता के लिए ट्रायल ही नहीं हो पाए थे तो फेडरेशन ने वरिष्ठ पहलवानों के नाम भेज दिए। अब ट्रायल में जो जीतेगा, वहीं आगे खेलने जाएगा और ऐसा होना भी चाहिए, क्योंकि यही खेल व खिलाड़ी के हक में है।
विज्ञापन
संजय पहलवान ने कहा कि 54 व 65 किलोग्राम भार वर्ग में विशेष रूप से विवाद है, लेकिन विनेश, साक्षी व बजरंग ने ट्रायल में छूट नहीं मांगी थी, उन्होंने समय मांगा था। सरकार ने ही अपने खर्च पर उन्हें प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा हुआ है। इस विवाद पर सरकार को ही अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, क्योंकि जो पहलवान कभी धरने पर एक साथ संघर्ष कर रहे थे, आज वही विवाद में आमने-सामने हो गए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अब तो मामला न्यायालय में चला गया है। ऐसे में न्यायालय के फैसले पर ही सब निर्भर हैं, लेकिन वह केंद्र सरकार पर भी इस बात के आरोप लगा सकते हैं कि ऐसी स्थिति पैदा ही क्यों होने दी जा रही है। संजय पहलवान ने स्पष्ट किया कि अगर पहलवानों के ट्रायल नहीं होते हैं तो वह युवा पहलवानों के संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे।