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डिफाल्टरों के साथ सख्ती से निपटेगा हुडा, 250 को भेजा नोटिस
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sat, 28 Jan 2017 01:01 AM IST
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हुडा
- फोटो : demo
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सोनीपत। डिफाल्टरों से परेशान हुडा नेे अब सख्ती दिखाने का मन बना लिया है। इसी के चलते विभाग ने 250 डिफाल्टरों को बकाया किश्त जमा कराने का नोटिस भेज दिया है। किश्त जमा कराने के लिए एक माह का समय दिया गया है। तय समय में किश्त नहीं जमा कराने की स्थिति में विभाग न केवल डिफाल्टरों से जुर्माना वसूलेगा, बल्कि उनके प्लाट तक रिज्यूम (वापस) किए जा सकते हैं। जिले में हुडा के पास 8 सेक्टर हैं। इनमें सेक्टर-3, 12, 13, 14, 15, 7, 23 और गोहाना का सेक्टर-7 शामिल हैं। इनमें हजारों आवासीय व वाणिज्यिक भवन बने हैं। वर्तमान में विभाग डिफाल्टरों से जूझ रहा है।
करीब तीन हजार डिफाल्टरों में विभाग के करीब सौ करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। कई साल बाद भी डिफाल्टरों ने अपनी बकाया किश्त जमा नहीं कराई है। इसके चलते विभाग बजट की कमी की भी मार झेलने को मजबूर है। बजट की कमी के कारण हुडा सफाई व्यवस्था समेत कई कार्य नगर निगम के हवाले कर चुका है। इतना ही नहीं अब हुडा अपना बजट सुधारने के लिए प्लॉटों की ई-नीलामी भी करा रहा है। जिसमें काफी कम कीमत पर प्लाट उपलब्ध हो सकेगा। उसके बावजूद विभाग का आर्थिक संकट दूर नहीं हो पा रहा है। इसमें सबसे बड़ी समस्या डिफाल्टरों द्वारा बकाया किश्त जमा न कराना है। अब विभाग ने डिफाल्टरों से निपटने के लिए सख्त रवैया अख्तियार करने का निर्णय लिया है। विभाग ने 250 डिफाल्टरों को बकाया किश्त जमा कराने के नोटिस जारी किए हैं।
800 डिफाल्टरों को पहले दिए जा चुके हैं नोटिस
डिफाल्टरों पर कार्रवाई करते हुए विभाग पहले भी करीब 800 डिफाल्टरों को सेक्शन 17 (1), (2) के नोटिस दे चुका हैै। अब विभाग ने 250 डिफाल्टरों को सेक्शन 17 (1), (2), (3) व (4) के नोटिस भेजे हैं। इन डिफाल्टरों में विभाग का कई करोड़ रुपये बकाया है। इसे जमा करने के लिए विभाग ने डिफाल्टरों को एक माह का समय दिया है। किश्त की राशि जमा ना कराने पर विभाग इनसे जुर्माना के साथ प्लॉट रिज्यूम भी कर सकता है।
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किश्त अदा करने के चार नोटिस देता है विभाग
हुडा विभाग द्वारा डिफाल्टरों को अपनी किस्त, इंस्टालमेंट और अन्य राशि जमा करवाने के लिए चार नोटिस दिए जाते हैं। जिनमें सेक्शन 17 (1), (2), (3) व (4) शामिल हैं। सेक्शन 17 (1) में विभाग द्वारा पैसे जमा करवाने के लिए केवल नोटिस दिया जाता है। सेक्शन 17 (2) में 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। सेक्शन 17 (3) डिफाल्टर को बकाया राशि जमा करवाने का तीसरा मौका दिया जाता है। इसके बाद हुडा द्वारा चौथा और आखिरी सेक्शन 17 (4) का नोटिस दिया जाता है। इस नोटिस के बाद भी अगर कोई डिफाल्टर अपना पैसा जमा नहीं करवाता तो हुडा उसका प्लॉट रिज्यूम (वापस) कर लेता है।
ऐसे उड़ाई जा रही हैं नियमों की धज्जियां
हुडा किसी भी उपभोक्ता से प्लॉट के आवेदन के समय 10 प्रतिशत राशि जमा करवाता है। ड्रा प्रक्रिया पूरी होने के 30 दिन के अंदर कीमत का 15 प्रतिशत हिस्सा जमा कराना होता है। इसके बाद दो माह के भीतर बकाया 75 प्रतिशत राशि जमा करवानी होती है। हालांकि हुडा ने अब ई-नीलामी के समय यह समय सीमा बढ़ाकर 90 दिन के लिए कर दी है। हालांकि स्थिति इसके उलट है। कई प्लाट धारक नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हैं। जिसके कारण अब हुडा डिफाल्टरों की सौ करोड़ की राशि के तले दबा हुआ है।
डिफाल्टरों को भरनी होगी किश्त
करीब तीन हजार डिफाल्टरों में सौ करोड़ रुपये की राशि फंसी है। इनसे बकाया राशि वसूलने के लिए नोटिस भेजा गया है। अब विभाग ने 250 डिफाल्टरों को किश्त जमा करने के नोटिस भेजे हैं। इनमें कई करोड़ रुपये विभाग के बकाया है। जिनमें 200 डिफाल्टरों को सेक्शन 17 (1), (2), 30 को सेक्शन 17 (3) व 20 को 17 (4) के नोटिस भेजे हैं। अब भी राशि जमा नहीं कराने पर विभाग उनके प्लाटों के जुर्माना लगाने से लेकर उनके रिज्यूम करने से पीछे नहीं हटेगा।
- विकास ढांडा, संपदा अधिकारी, हुडा।
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करीब तीन हजार डिफाल्टरों में विभाग के करीब सौ करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। कई साल बाद भी डिफाल्टरों ने अपनी बकाया किश्त जमा नहीं कराई है। इसके चलते विभाग बजट की कमी की भी मार झेलने को मजबूर है। बजट की कमी के कारण हुडा सफाई व्यवस्था समेत कई कार्य नगर निगम के हवाले कर चुका है। इतना ही नहीं अब हुडा अपना बजट सुधारने के लिए प्लॉटों की ई-नीलामी भी करा रहा है। जिसमें काफी कम कीमत पर प्लाट उपलब्ध हो सकेगा। उसके बावजूद विभाग का आर्थिक संकट दूर नहीं हो पा रहा है। इसमें सबसे बड़ी समस्या डिफाल्टरों द्वारा बकाया किश्त जमा न कराना है। अब विभाग ने डिफाल्टरों से निपटने के लिए सख्त रवैया अख्तियार करने का निर्णय लिया है। विभाग ने 250 डिफाल्टरों को बकाया किश्त जमा कराने के नोटिस जारी किए हैं।
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800 डिफाल्टरों को पहले दिए जा चुके हैं नोटिस
डिफाल्टरों पर कार्रवाई करते हुए विभाग पहले भी करीब 800 डिफाल्टरों को सेक्शन 17 (1), (2) के नोटिस दे चुका हैै। अब विभाग ने 250 डिफाल्टरों को सेक्शन 17 (1), (2), (3) व (4) के नोटिस भेजे हैं। इन डिफाल्टरों में विभाग का कई करोड़ रुपये बकाया है। इसे जमा करने के लिए विभाग ने डिफाल्टरों को एक माह का समय दिया है। किश्त की राशि जमा ना कराने पर विभाग इनसे जुर्माना के साथ प्लॉट रिज्यूम भी कर सकता है।
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किश्त अदा करने के चार नोटिस देता है विभाग
हुडा विभाग द्वारा डिफाल्टरों को अपनी किस्त, इंस्टालमेंट और अन्य राशि जमा करवाने के लिए चार नोटिस दिए जाते हैं। जिनमें सेक्शन 17 (1), (2), (3) व (4) शामिल हैं। सेक्शन 17 (1) में विभाग द्वारा पैसे जमा करवाने के लिए केवल नोटिस दिया जाता है। सेक्शन 17 (2) में 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। सेक्शन 17 (3) डिफाल्टर को बकाया राशि जमा करवाने का तीसरा मौका दिया जाता है। इसके बाद हुडा द्वारा चौथा और आखिरी सेक्शन 17 (4) का नोटिस दिया जाता है। इस नोटिस के बाद भी अगर कोई डिफाल्टर अपना पैसा जमा नहीं करवाता तो हुडा उसका प्लॉट रिज्यूम (वापस) कर लेता है।
ऐसे उड़ाई जा रही हैं नियमों की धज्जियां
हुडा किसी भी उपभोक्ता से प्लॉट के आवेदन के समय 10 प्रतिशत राशि जमा करवाता है। ड्रा प्रक्रिया पूरी होने के 30 दिन के अंदर कीमत का 15 प्रतिशत हिस्सा जमा कराना होता है। इसके बाद दो माह के भीतर बकाया 75 प्रतिशत राशि जमा करवानी होती है। हालांकि हुडा ने अब ई-नीलामी के समय यह समय सीमा बढ़ाकर 90 दिन के लिए कर दी है। हालांकि स्थिति इसके उलट है। कई प्लाट धारक नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हैं। जिसके कारण अब हुडा डिफाल्टरों की सौ करोड़ की राशि के तले दबा हुआ है।
डिफाल्टरों को भरनी होगी किश्त
करीब तीन हजार डिफाल्टरों में सौ करोड़ रुपये की राशि फंसी है। इनसे बकाया राशि वसूलने के लिए नोटिस भेजा गया है। अब विभाग ने 250 डिफाल्टरों को किश्त जमा करने के नोटिस भेजे हैं। इनमें कई करोड़ रुपये विभाग के बकाया है। जिनमें 200 डिफाल्टरों को सेक्शन 17 (1), (2), 30 को सेक्शन 17 (3) व 20 को 17 (4) के नोटिस भेजे हैं। अब भी राशि जमा नहीं कराने पर विभाग उनके प्लाटों के जुर्माना लगाने से लेकर उनके रिज्यूम करने से पीछे नहीं हटेगा।
- विकास ढांडा, संपदा अधिकारी, हुडा।