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Sonipat News: हीमोफीलिया मरीजों ने दिव्यांगता प्रमाणपत्र न देने का मुद्दा उठाया
Sun, 21 Apr 2024 12:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 21 Apr 2024 12:16 AM IST
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सोनीपत। जिला नागरिक अस्पताल में विश्व हीमोफीलिया दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को आयोजित सेमिनार में हीमोफीलिया के मरीजों ने दिव्यांगता प्रमाणपत्र नहीं बनाने का मुद्दा उठाया। कहा कि सरकार हीमोफीलिया मरीजों को दिव्यांग श्रेणी में मानती है। जिले में 40 मरीजों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र नहीं बनाए गए है। इस पर उप सिविल सर्जन व नोडल अधिकारी डॉ. नीरज यादव ने जल्द विशेष शिविर लगाकर मरीजों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने का आश्वासन दिया।
सेमिनार में हीमोफीलिया के मरीज व उनके अभिभावक पहुंचे थे। इसमें उप सिविल सर्जन डॉ. नीरज यादव, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गिन्नी लांबा, फिजिशियन डॉ. राकेश फोगाट व डॉ. सुमन शामिल हुईं। चिकित्सकों ने मरीजों को बताया कि चोट लगने पर रोगी को कैसे अपना बचाव करना है और फैक्टर कब लगवाना जरूरी है। कहा कि बार बार अगर किसी मरीज को रक्तस्राव हो रहा है तो उसके लिए सावधानी बरती जाए। चिकित्सक ने नर्सिंग अधिकारियों को अस्पताल में आने वाले मरीजों की सहायता करने के लिए कहा ताकि उन्हें परेशानी न हो।
सेमिनार में मरीजों ने सरकार से पेंशन न मिलने का मुद्दा उठाया। कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी डेढ़ साल से उन्हें पेंशन नहीं मिली है। चिकित्सक ने बताया कि जिन परिवारों की वार्षिक आय तीन लाख रुपये है। उन परिवारों के ऐसे 28 मरीजों का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया हुआ है। हीमोफीलिया के मरीजों को पेंशन देने का मामला सरकार के पास है। इस दौरान बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मी आनंद कुमार व अन्य मौजूद रहे।
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सेमिनार में हीमोफीलिया के मरीज व उनके अभिभावक पहुंचे थे। इसमें उप सिविल सर्जन डॉ. नीरज यादव, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गिन्नी लांबा, फिजिशियन डॉ. राकेश फोगाट व डॉ. सुमन शामिल हुईं। चिकित्सकों ने मरीजों को बताया कि चोट लगने पर रोगी को कैसे अपना बचाव करना है और फैक्टर कब लगवाना जरूरी है। कहा कि बार बार अगर किसी मरीज को रक्तस्राव हो रहा है तो उसके लिए सावधानी बरती जाए। चिकित्सक ने नर्सिंग अधिकारियों को अस्पताल में आने वाले मरीजों की सहायता करने के लिए कहा ताकि उन्हें परेशानी न हो।
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सेमिनार में मरीजों ने सरकार से पेंशन न मिलने का मुद्दा उठाया। कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी डेढ़ साल से उन्हें पेंशन नहीं मिली है। चिकित्सक ने बताया कि जिन परिवारों की वार्षिक आय तीन लाख रुपये है। उन परिवारों के ऐसे 28 मरीजों का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया हुआ है। हीमोफीलिया के मरीजों को पेंशन देने का मामला सरकार के पास है। इस दौरान बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मी आनंद कुमार व अन्य मौजूद रहे।
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