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Sonipat News: मौसम में उतार-चढ़ाव से बिगड़ रही सेहत
Sun, 20 Apr 2025 12:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 20 Apr 2025 12:41 AM IST
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सोनीपत के नागरिक अस्पताल में वार्ड में भर्ती बीमार बच्चों की देखभाल करती महिला। संवाद
सोनीपत। मौसम में हो रहे परिवर्तन के चलते बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। नौनिहाल बीमार हो रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा नौनिहाल डायरिया (उल्टी-दस्त) से पीड़ित हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल में रोजाना 200 से ज्यादा बीमार बच्चों की ओपीडी हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ अभिभावकों को नौनिहाल की बेहतर देखभाल करने की सलाह दे रहे हैं।
गर्मी में ज्यादातर बच्चों को उल्टी-दस्त, बुखार और डायरिया की शिकायत होने लगी है। अस्पताल के बाल रोग वार्ड में 20 बच्चे भर्ती हैं। अस्पताल में चाहे दवा वितरण काउंटर हो या फिर डॉक्टर का कक्ष, सभी जगह भीड़ बढ़ने लगी है। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1800 से ज्यादा मरीजों की ओपीडी हो रही है। इनमें 200-250 बच्चे शामिल हैं। सबसे ज्यादा मरीज डायरिया (उल्टी-दस्त), बुखार के आ रहे हैं। चिकित्सक इन्हें उपचार देने के साथ साफ पानी पीने, धूप से बचने, फलों को धोकर व ठंडा करके खाने सहित अन्य सलाह दे रहे हैं।
पानी को उबाल कर पीना जरूरी
चिकित्सकों ने बताया कि डायरिया जलजनित बीमारी है। गर्मी बढ़ते ही लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए कहीं से भी खरीदकर पानी पीना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा सप्लाई का पानी भी कई बार खराब आता है। लोगों को इस मौसम में हमेशा साफ पानी या पानी को उबाल कर पीना चाहिए।
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अस्पताल के वार्ड में 20 बच्चे भर्ती
गर्मी का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ रहा है। अस्पताल के बाल रोग वार्ड में उल्टी-दस्त से पीड़ित 20 बच्चे भर्ती हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की ओर से अभिभावकों को बेहतर देखभाल करने की सलाह दी जा रही है।
गर्मी में आसानी से पचने वाला भोजन खिलाएं
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल सैनी ने बताया कि गर्मी में बच्चों को पानी अधिक पिलाना चाहिए। ओरल री-हाईड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) का घोल, दाल का पानी, कच्चा आम पकाकर पिलाना चाहिए। गर्मी में आसानी से पचने वाला भोजन ही करना चाहिए। गर्मी के मौसम में पूरे शरीर को ढंकने वाला कपड़ा पहनना चाहिए। उल्टी-दस्त या तेज बुखार की स्थिति को नजरअंदाज नहीं करें। तुरंत चिकित्सक से सलाह लेना आवश्यक है।
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गर्मी में ज्यादातर बच्चों को उल्टी-दस्त, बुखार और डायरिया की शिकायत होने लगी है। अस्पताल के बाल रोग वार्ड में 20 बच्चे भर्ती हैं। अस्पताल में चाहे दवा वितरण काउंटर हो या फिर डॉक्टर का कक्ष, सभी जगह भीड़ बढ़ने लगी है। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1800 से ज्यादा मरीजों की ओपीडी हो रही है। इनमें 200-250 बच्चे शामिल हैं। सबसे ज्यादा मरीज डायरिया (उल्टी-दस्त), बुखार के आ रहे हैं। चिकित्सक इन्हें उपचार देने के साथ साफ पानी पीने, धूप से बचने, फलों को धोकर व ठंडा करके खाने सहित अन्य सलाह दे रहे हैं।
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पानी को उबाल कर पीना जरूरी
चिकित्सकों ने बताया कि डायरिया जलजनित बीमारी है। गर्मी बढ़ते ही लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए कहीं से भी खरीदकर पानी पीना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा सप्लाई का पानी भी कई बार खराब आता है। लोगों को इस मौसम में हमेशा साफ पानी या पानी को उबाल कर पीना चाहिए।
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अस्पताल के वार्ड में 20 बच्चे भर्ती
गर्मी का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ रहा है। अस्पताल के बाल रोग वार्ड में उल्टी-दस्त से पीड़ित 20 बच्चे भर्ती हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की ओर से अभिभावकों को बेहतर देखभाल करने की सलाह दी जा रही है।
गर्मी में आसानी से पचने वाला भोजन खिलाएं
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल सैनी ने बताया कि गर्मी में बच्चों को पानी अधिक पिलाना चाहिए। ओरल री-हाईड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) का घोल, दाल का पानी, कच्चा आम पकाकर पिलाना चाहिए। गर्मी में आसानी से पचने वाला भोजन ही करना चाहिए। गर्मी के मौसम में पूरे शरीर को ढंकने वाला कपड़ा पहनना चाहिए। उल्टी-दस्त या तेज बुखार की स्थिति को नजरअंदाज नहीं करें। तुरंत चिकित्सक से सलाह लेना आवश्यक है।