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Sonipat News: शहर में 200 से अधिक रेहड़ियों पर फास्टफूड के नाम पर सेहत के साथ हो रहा खिलवाड़
Sun, 23 Feb 2025 12:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 23 Feb 2025 12:32 AM IST
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फोटो संख्या:64- माजरा फाटक केपास फास्टफुट तैयार करता रेहड़ी चालक---संवाद
महेंद्रगढ़। शहर में 200 से अधिक रेहड़ियों पर फास्टफूड के नाम पर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, लेकिन इन रेहड़ियों पर परोसे जाने वाले फास्टफूड की गुणवत्ता पर निगरानी रखने के लिए कोई भी जिम्मेदार तैयार नहीं है।
दिनभर इन रेहड़ियों पर भीड़ लगी रहती है, लेकिन इनमें बिक्री किए जाने वाले खाद्य पदार्थ लगातार लोगों की सेहत को बिगाड़ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लगातार इनकी संख्या भी बढ़ रही है। जन अमर उजाला की टीम ने इनकी पड़ताल की तो बड़ा खुलासा हुआ। शहर में कचरा फैलाने में भी इनकी बड़ी भूमिका है जिससे सफाई की व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है।
रेहड़ियों पर मिलने वाले समोसे, चाऊमीन, मोमोज, गोलगप्पे और अन्य फास्टफूड में सफाई और गुणवत्ता की अनदेखी आम हो गई है। कई जगहों पर बासी तेल और मिलावटी मसालों का उपयोग करते पाए गए। लगातार खाद्य जनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इन रेहड़ियों में अधिकांश पर महज 75 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिलने वाला सॉस, रिफाइंड ऑयल, लंबे समय तक फ्री में रखे हुए नूडल्स, हरी तथा लाल चटनी, गोल गप्पे का पानी, चटनी, गले सड़े आलू की टिक्की, बासी सब्जियां, बार-बार प्रयोग किया हुआ तेल सहित अन्य प्रकार की खामियां पाई गई हैं। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से इनकी कभी जांच करने तक की जहमत नहीं उठाई गई। न ही तो इन्हें किसी से अनुमति की आवश्यकता है और न ही किसी विभाग की ओर से कार्रवाई का भय है।
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इंसेट
- बिना अनुमति के चल रही रेहड़ियां
नगर पालिका और प्रशासन की अनदेखी के चलते रेहड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन्हें न तो किसी लाइसेंस की जरूरत होती है और न ही कोई निर्धारित मानकों का पालन करना होता है। वर्तमान समय में नगरपालिका की ओर से शहर में महज 50 रेहड़ी संचालकों को अनुमति दी गई है। लेकिन इनमें से अधिकांश फल व सब्जी बिक्री के लिए लाइसेंस दिए गए हैं। फास्टफूड के लिए कोई भी लाइसेंस नगर पालिका की ओर से जारी नहीं किया गया है।
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- शहर के इन स्थानों पर है बड़ी समस्या
अन्य प्रदेशों से आकर शहर में विभिन्न स्थानों पर लोग रेहड़ी लगाकर फास्टफूड बिक्री कर रहे हैं। इनका न ही तो पालिका के पास कोई रिकार्ड है और न ही पुलिस के पास है। शहर के रेलवे फाटक के पास, रेलवे रोड, गोशाला रोड, मसानी चौक, परशुराम चौक, सतनाली चौक, आंबेडकर चौक, राजकीय महाविद्यालय व महिला महाविद्यालय, बस स्टैंड, बालाजी चौक, अग्रसेन चौक, पुराना नारनौल रोड, नागरिक अस्पताल के सामने, सब्जी मंडी रोड, रेलवे स्टेशन के बाहर, रिवासा पुल के पास फास्टफूड की रेहड़ियों की भरमार है।
- वर्जन:
वर्तमान में नगर पालिका की ओर से फास्टफूड की रेहड़ियां लगाने के लिए कोई लाइसेंस या अनुमति नहीं दी गई है। नगर पालिका की ओर से अभियान चलाकर शहर में अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। साथ ही अवैध रूप से रेहड़ी लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - रमेश सैनी, प्रधान नगरपालिका महेंद्रगढ़।
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- वर्जन: 2
फास्टफूड लगातार शरीर में कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इसके कारण पेट व आंत के कैंसर का खतरा बना रहता है। वर्तमान समय में बच्चों में भी पेट की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। लीवर से संबंधित समस्याएं, मधुमेह, छोटे बच्चों में दांत व पेट संबंधित समस्याएं बढ़ने की संभावना अधिक बनी रहती है।
-- - डॉ. भूपेंद्र यादव, डीएम, गैस्ट्रो एंटरोलॉजिस्ट तथा पेट, आंत व लीवर रोग विशेषज्ञ
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दिनभर इन रेहड़ियों पर भीड़ लगी रहती है, लेकिन इनमें बिक्री किए जाने वाले खाद्य पदार्थ लगातार लोगों की सेहत को बिगाड़ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लगातार इनकी संख्या भी बढ़ रही है। जन अमर उजाला की टीम ने इनकी पड़ताल की तो बड़ा खुलासा हुआ। शहर में कचरा फैलाने में भी इनकी बड़ी भूमिका है जिससे सफाई की व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है।
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रेहड़ियों पर मिलने वाले समोसे, चाऊमीन, मोमोज, गोलगप्पे और अन्य फास्टफूड में सफाई और गुणवत्ता की अनदेखी आम हो गई है। कई जगहों पर बासी तेल और मिलावटी मसालों का उपयोग करते पाए गए। लगातार खाद्य जनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इन रेहड़ियों में अधिकांश पर महज 75 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिलने वाला सॉस, रिफाइंड ऑयल, लंबे समय तक फ्री में रखे हुए नूडल्स, हरी तथा लाल चटनी, गोल गप्पे का पानी, चटनी, गले सड़े आलू की टिक्की, बासी सब्जियां, बार-बार प्रयोग किया हुआ तेल सहित अन्य प्रकार की खामियां पाई गई हैं। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से इनकी कभी जांच करने तक की जहमत नहीं उठाई गई। न ही तो इन्हें किसी से अनुमति की आवश्यकता है और न ही किसी विभाग की ओर से कार्रवाई का भय है।
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- बिना अनुमति के चल रही रेहड़ियां
नगर पालिका और प्रशासन की अनदेखी के चलते रेहड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन्हें न तो किसी लाइसेंस की जरूरत होती है और न ही कोई निर्धारित मानकों का पालन करना होता है। वर्तमान समय में नगरपालिका की ओर से शहर में महज 50 रेहड़ी संचालकों को अनुमति दी गई है। लेकिन इनमें से अधिकांश फल व सब्जी बिक्री के लिए लाइसेंस दिए गए हैं। फास्टफूड के लिए कोई भी लाइसेंस नगर पालिका की ओर से जारी नहीं किया गया है।
- शहर के इन स्थानों पर है बड़ी समस्या
अन्य प्रदेशों से आकर शहर में विभिन्न स्थानों पर लोग रेहड़ी लगाकर फास्टफूड बिक्री कर रहे हैं। इनका न ही तो पालिका के पास कोई रिकार्ड है और न ही पुलिस के पास है। शहर के रेलवे फाटक के पास, रेलवे रोड, गोशाला रोड, मसानी चौक, परशुराम चौक, सतनाली चौक, आंबेडकर चौक, राजकीय महाविद्यालय व महिला महाविद्यालय, बस स्टैंड, बालाजी चौक, अग्रसेन चौक, पुराना नारनौल रोड, नागरिक अस्पताल के सामने, सब्जी मंडी रोड, रेलवे स्टेशन के बाहर, रिवासा पुल के पास फास्टफूड की रेहड़ियों की भरमार है।
- वर्जन:
वर्तमान में नगर पालिका की ओर से फास्टफूड की रेहड़ियां लगाने के लिए कोई लाइसेंस या अनुमति नहीं दी गई है। नगर पालिका की ओर से अभियान चलाकर शहर में अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। साथ ही अवैध रूप से रेहड़ी लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - रमेश सैनी, प्रधान नगरपालिका महेंद्रगढ़।
- वर्जन: 2
फास्टफूड लगातार शरीर में कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इसके कारण पेट व आंत के कैंसर का खतरा बना रहता है। वर्तमान समय में बच्चों में भी पेट की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। लीवर से संबंधित समस्याएं, मधुमेह, छोटे बच्चों में दांत व पेट संबंधित समस्याएं बढ़ने की संभावना अधिक बनी रहती है।