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Sonipat News: स्वास्थ्य विभाग मना रहा डेंगू रोधी माह, राई में मिला मरीज
Tue, 07 Jul 2026 03:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 07 Jul 2026 03:36 AM IST
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फोटो : सोनीपत के गांव राई में डेंगू का मरीज मिलने के बाद बारिश के खड़े पानी में दवाई डालता स्व
सोनीपत। बारिश के साथ जिले में डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जुलाई में चलाए जा रहे डेंगू रोधी माह अभियान के बीच गांव राई में डेंगू का नया मरीज मिलने से विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में फॉगिंग कराई और आसपास के 50 घरों का सर्वे कर लोगों के रक्त के नमूने जांच के लिए एकत्र किए।
गांव राई में 50 वर्षीय व्यक्ति के डेंगू पीड़ित मिलने के बाद इस साल जिले में अब तक डेंगू के केस बढ़कर सात हो गए हैं। पिछले साल 160 मामले सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग ने सभी 166 टीमों को अलर्ट पर रखते हुए फील्ड में सक्रिय कर दिया है। स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रभावित इलाकों में फॉगिंग और लार्वा जांच अभियान तेज कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों की पहचान कर वहां निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए 166 विशेष टीमें गठित की गई हैं। इनमें से 160 टीमें गांवों में और छह टीमें शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर लार्वा सर्वे कर रही हैं।
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उपमंडल अस्पताल में नहीं है डेंगू जांच सुविधा
उपमंडल नागरिक अस्पताल गन्नौर, खरखौदा व गोहाना में मरीजों में डेंगू की जांच करने के लिए टेस्ट की सुविधा नहीं है। डेंगू की जांच के लिए मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल और गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। निजी लैब में जांच के दौरान मरीज में डेंगू के लक्षण मिलने पर संचालक को स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करना होगा। स्वास्थ्य विभाग डेंगू जांच रिपोर्ट मान्य करेगा।
बचाव के लिए सावधानी जरूरी
- गमलों, पुराने टायरों, टूटे बर्तनों और छतों पर कबाड़ में पानी इकट्ठा न होने दें। सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर का पानी जरूर बदलें।
- सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
- बाहर निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें ताकि मच्छर न काट सकें।
- मच्छर भगाने के लिए क्रीम, स्प्रे या क्वाइल का इस्तेमाल करें।
- यदि बुखार 2 दिन से अधिक रहता है तो स्वयं दवा लेने की बजाय नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर मुफ्त जांच करवाएं।
पांच वर्ष का आंकड़ा
वर्ष डेंगू केस
2021 1013
2022 317
2023 332
2024 513
2025 167
2026 7
इस समय हल्का बुखार, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय रहते ब्लड प्लेटलेट की जांच करवाना जरूरी है। विभाग की 166 टीम घर-घर जाकर लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। लोगों से अपील है कि वह सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस के रूप में जरूर मनाएं।
- डॉ. योगेश गोयल, जिला मलेरिया अधिकारी
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गांव राई में 50 वर्षीय व्यक्ति के डेंगू पीड़ित मिलने के बाद इस साल जिले में अब तक डेंगू के केस बढ़कर सात हो गए हैं। पिछले साल 160 मामले सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग ने सभी 166 टीमों को अलर्ट पर रखते हुए फील्ड में सक्रिय कर दिया है। स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रभावित इलाकों में फॉगिंग और लार्वा जांच अभियान तेज कर दिया है।
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स्वास्थ्य विभाग ने जिले के हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों की पहचान कर वहां निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए 166 विशेष टीमें गठित की गई हैं। इनमें से 160 टीमें गांवों में और छह टीमें शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर लार्वा सर्वे कर रही हैं।
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उपमंडल अस्पताल में नहीं है डेंगू जांच सुविधा
उपमंडल नागरिक अस्पताल गन्नौर, खरखौदा व गोहाना में मरीजों में डेंगू की जांच करने के लिए टेस्ट की सुविधा नहीं है। डेंगू की जांच के लिए मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल और गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। निजी लैब में जांच के दौरान मरीज में डेंगू के लक्षण मिलने पर संचालक को स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करना होगा। स्वास्थ्य विभाग डेंगू जांच रिपोर्ट मान्य करेगा।
बचाव के लिए सावधानी जरूरी
- गमलों, पुराने टायरों, टूटे बर्तनों और छतों पर कबाड़ में पानी इकट्ठा न होने दें। सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर का पानी जरूर बदलें।
- सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
- बाहर निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें ताकि मच्छर न काट सकें।
- मच्छर भगाने के लिए क्रीम, स्प्रे या क्वाइल का इस्तेमाल करें।
- यदि बुखार 2 दिन से अधिक रहता है तो स्वयं दवा लेने की बजाय नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर मुफ्त जांच करवाएं।
पांच वर्ष का आंकड़ा
वर्ष डेंगू केस
2021 1013
2022 317
2023 332
2024 513
2025 167
2026 7
इस समय हल्का बुखार, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय रहते ब्लड प्लेटलेट की जांच करवाना जरूरी है। विभाग की 166 टीम घर-घर जाकर लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। लोगों से अपील है कि वह सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस के रूप में जरूर मनाएं।
- डॉ. योगेश गोयल, जिला मलेरिया अधिकारी