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Sonipat News: सरकारें आती जाती रही, नहीं ली जिले में खेल स्टेडियम की सुध
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फोटो 01- सोनीपत के खरखौदा के गांव सिसाना स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम का जर्जर भवन। संवाद
सोनीपत। दो दशक पहले जिले के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने के लिए बनाए गए 16 राजीव गांधी खेल स्टेडियम की हालत बदतर हो चुकी है। सरकार आई और गई, लेकिन खेल स्टेडियमों की तरफ ध्यान तक नहीं दिया गया। देखभाल के अभाव से स्टेडियम के भवन जर्जर हो चुके हैं।
सरकार जहां खेलों को बढ़ावा देने के लिए दावे कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि स्टेडियम के रखरखाव के लिए करीब दो साल से खेल विभाग के पास बजट तक नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद खिलाड़ियों को बहुत से इनाम दिए जाते हैं। धरातल पर उसके विपरीत मूलभूत सुविधाएं भी मुहैया नहीं कराई जाती। जिले के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को बहुत से पदक दिलाए है। जिले के विभिन्न गांवों में 16 खेल स्टेडियम हैं। इनमें से कुछ को छोड़कर सभी बदहाली के कगार पर पहुंच चुके हैं। लंबे समय से इनकी मरम्मत नहीं हुई हैं।
खेल विभाग ने करीब डेढ़ साल पहले स्टेडियम की मरम्मत व रखरखाव के लिए करीब 1.50 करोड़ रुपये का बजट मांगा था। अधिकारी व खिलाड़ी आज तक भी बजट जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
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स्टेडियमों पर हावी अव्यवस्थाएं
सरकारों की अनदेखी के चलते जिले के खेल स्टेडियम में बने भवन जर्जर हो चुके हैं। बिजली, पानी, ट्रैक की तो बात ही छोड़ दें, भवनों के दरवाजे-खिड़कियां व पंखे तक चोरी हो चुके हैं। स्टेडियमों की मरम्मत, रंग-रोगन, मैदान की सफाई व उचित खेल उपकरणों के लिए खेल विभाग ने बजट की मांग की है।
हॉकी मैदान पर अभ्यास को तरस रहे खिलाड़ी
सेक्टर-4 के खेल परिसर स्थित हॉकी मैदान पर डेढ़ साल पहले 200 महिला व पुरुष खिलाड़ी सुबह शाम अभ्यास करते थे। अब स्थिति ऐसी है कि डेढ़ साल से खिलाड़ी मैदान के दुरुस्त होने का इंतजार कर रहे हैं। पानी की मोटर टूटकर अंदर फंस गई थी, अब मैदान में नया सबमर्सिबल लगाया जाएगा। जिले में साईं केंद्र को छोड़ दें तो एक यही मैदान है, जिस पर एस्ट्रोटर्फ की सुविधा उपलब्ध है। विभाग की लचर व्यवस्था के चलते मैदान का मरम्मत कार्य अधर में लटका हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम चमका चुके हैं जिले के खिलाड़ी
जिले के खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा से देश का नाम विभिन्न खेलों में विश्व पटल पर चमकाया है। ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए सुमित, अभिषेक नैन, निशा वारसी व नेहा गोयल ने हॉकी को आगे बढ़ाया। वहीं योगेश्वर दत्त, रवि दहिया, अमित दहिया, अनिल खत्री व राजबीर छिक्कारा ने कुश्ती में नाम चमकाया। सीमा आंतिल एथलेक्टिस में बेहतरीन खिलाड़ी रही। सुमित आंतिल व धर्मबीर नैन ने पैरा ओलंपिक में स्वर्णिम पताका फहराते हुए देश का नाम रोशन किया है। अमित सरोहा व अशोक मलिक ने पैरालंपिक में व किरण पहल ने ओलंपिक में जिले काे पहचान दिलाई है।
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सरकार जहां खेलों को बढ़ावा देने के लिए दावे कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि स्टेडियम के रखरखाव के लिए करीब दो साल से खेल विभाग के पास बजट तक नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद खिलाड़ियों को बहुत से इनाम दिए जाते हैं। धरातल पर उसके विपरीत मूलभूत सुविधाएं भी मुहैया नहीं कराई जाती। जिले के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को बहुत से पदक दिलाए है। जिले के विभिन्न गांवों में 16 खेल स्टेडियम हैं। इनमें से कुछ को छोड़कर सभी बदहाली के कगार पर पहुंच चुके हैं। लंबे समय से इनकी मरम्मत नहीं हुई हैं।
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खेल विभाग ने करीब डेढ़ साल पहले स्टेडियम की मरम्मत व रखरखाव के लिए करीब 1.50 करोड़ रुपये का बजट मांगा था। अधिकारी व खिलाड़ी आज तक भी बजट जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
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स्टेडियमों पर हावी अव्यवस्थाएं
सरकारों की अनदेखी के चलते जिले के खेल स्टेडियम में बने भवन जर्जर हो चुके हैं। बिजली, पानी, ट्रैक की तो बात ही छोड़ दें, भवनों के दरवाजे-खिड़कियां व पंखे तक चोरी हो चुके हैं। स्टेडियमों की मरम्मत, रंग-रोगन, मैदान की सफाई व उचित खेल उपकरणों के लिए खेल विभाग ने बजट की मांग की है।
हॉकी मैदान पर अभ्यास को तरस रहे खिलाड़ी
सेक्टर-4 के खेल परिसर स्थित हॉकी मैदान पर डेढ़ साल पहले 200 महिला व पुरुष खिलाड़ी सुबह शाम अभ्यास करते थे। अब स्थिति ऐसी है कि डेढ़ साल से खिलाड़ी मैदान के दुरुस्त होने का इंतजार कर रहे हैं। पानी की मोटर टूटकर अंदर फंस गई थी, अब मैदान में नया सबमर्सिबल लगाया जाएगा। जिले में साईं केंद्र को छोड़ दें तो एक यही मैदान है, जिस पर एस्ट्रोटर्फ की सुविधा उपलब्ध है। विभाग की लचर व्यवस्था के चलते मैदान का मरम्मत कार्य अधर में लटका हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम चमका चुके हैं जिले के खिलाड़ी
जिले के खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा से देश का नाम विभिन्न खेलों में विश्व पटल पर चमकाया है। ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए सुमित, अभिषेक नैन, निशा वारसी व नेहा गोयल ने हॉकी को आगे बढ़ाया। वहीं योगेश्वर दत्त, रवि दहिया, अमित दहिया, अनिल खत्री व राजबीर छिक्कारा ने कुश्ती में नाम चमकाया। सीमा आंतिल एथलेक्टिस में बेहतरीन खिलाड़ी रही। सुमित आंतिल व धर्मबीर नैन ने पैरा ओलंपिक में स्वर्णिम पताका फहराते हुए देश का नाम रोशन किया है। अमित सरोहा व अशोक मलिक ने पैरालंपिक में व किरण पहल ने ओलंपिक में जिले काे पहचान दिलाई है।