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Sonipat News: टीबी मुक्त बनेगा गोहाना, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया सर्वे
Wed, 22 May 2024 09:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 22 May 2024 09:26 PM IST
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सोनीपत के गोहाना में नोडल अधिकारी को निर्देश देते वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी। संवाद
गोहाना। टीबी मुक्त अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने अब गोहाना उपमंडल को टीबी मुक्त बनाने के लिए कमर कस ली है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश छिल्लर ने बैठक कर नोडल अधिकारी डाॅ. श्याम सुंदर व आशा वर्कर्स समन्वयक सुमन से सर्वे की रिपोर्ट मांगी है। इसमें सर्वे का काम धीमा मिला है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने टीबी जांच का सर्वे तेज करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 15 मई से टीबी की जांच के लिए सर्वे शुरू किया गया था। इसके तहत आशा वर्कर्स घर-घर पहुंचकर टीबी के मरीजों की जांच कर रही हैं। इस सर्वे के तहत टीबी की बढ़ रही बीमारी वाले गांवों में ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा और उन्हें बचाव की भी जानकारी दी जा रही है। हालांकि इन दिनों आंगनबाड़ी वर्कर्स व आशा वर्कर्स की ड्यूटी बीएलओ के साथ चुनाव में लगी हुई हैं, इससे सर्वे धीमा चल रहा है।
अधिकारियों के अनुसार टीबी से बचाव के लिए केंद्र सरकार की ओर से भी प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया गया है। इस योजना के तहत अब जन प्रतिनिधि व समाजसेवी संस्थाओं के लोग मरीजों को गोद लेकर उनका उपचार करवा रहे हैं। साथ ही मरीजों के बैंक खातों में हर महीने 500 रुपये भेजे जा रहे हैं। यही नहीं मरीजों को दवाइयां भी मुफ्त में उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15 मई से टीबी मुक्त अभियान के तहत घर-घर जाकर सर्वे शुरू किया गया है। आंगनबाड़ी वर्करों की ड्यूटी चुनाव में लगने के कारण सर्वे धीमा चल रहा है। कर्मियों को सर्वे तेज करने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. दिनेश छिल्लर, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, गोहाना
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 15 मई से टीबी की जांच के लिए सर्वे शुरू किया गया था। इसके तहत आशा वर्कर्स घर-घर पहुंचकर टीबी के मरीजों की जांच कर रही हैं। इस सर्वे के तहत टीबी की बढ़ रही बीमारी वाले गांवों में ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा और उन्हें बचाव की भी जानकारी दी जा रही है। हालांकि इन दिनों आंगनबाड़ी वर्कर्स व आशा वर्कर्स की ड्यूटी बीएलओ के साथ चुनाव में लगी हुई हैं, इससे सर्वे धीमा चल रहा है।
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अधिकारियों के अनुसार टीबी से बचाव के लिए केंद्र सरकार की ओर से भी प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया गया है। इस योजना के तहत अब जन प्रतिनिधि व समाजसेवी संस्थाओं के लोग मरीजों को गोद लेकर उनका उपचार करवा रहे हैं। साथ ही मरीजों के बैंक खातों में हर महीने 500 रुपये भेजे जा रहे हैं। यही नहीं मरीजों को दवाइयां भी मुफ्त में उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15 मई से टीबी मुक्त अभियान के तहत घर-घर जाकर सर्वे शुरू किया गया है। आंगनबाड़ी वर्करों की ड्यूटी चुनाव में लगने के कारण सर्वे धीमा चल रहा है। कर्मियों को सर्वे तेज करने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. दिनेश छिल्लर, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, गोहाना