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गोहाना विधानसभा क्षेत्र : 28 साल हारी अब 2005 से कांग्रेस काबिज, भाजपा का नहीं खुला खाता

Tue, 17 Sep 2024 07:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 17 Sep 2024 07:02 AM IST
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Gohana Assembly Constituency: Congress lost for 28 years and is now in power since 2005, BJP has not opened its account
फोटो :32: सोनीपत के गोहाना स्थित डॉ. मंगलसेन हर्बल पार्क। संवाद
सोनीपत। गोहाना विधानसभा क्षेत्र सीट पर कांग्रेस के दो प्रत्याशियों ने हैट्रिक लगाई है। इसमें रामधारी गौड़ व जगबीर सिंह मलिक के नाम शामिल हैं। इसके विपरीत कांग्रेस के लिए इस सीट पर ऐसा भी समय आया जब पार्टी को लगातार 28 साल तक हार का मुंह देखना पड़ा। वर्ष 1977 से 2005 तक हुए लगातार छह विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को गोहाना क्षेत्र से हार का सामना करना पड़ा।
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गोहाना विधानसभा सीट वर्ष 1967 में अस्तित्व में आई थी। तब कांग्रेस के रामधारी गौड़ ने 1967 से लेकर 1972 तक लगातार तीन चुनाव में जीत दर्ज की थी। इसके बाद लगातार 28 साल तक कांग्रेस इस सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाई। इस दौरान निर्दलीय, लोकदल, हविपा व इनेलो ने अलग-अलग समय में गोहाना से जीत दर्ज की। हालांकि कांग्रेस ने वर्ष 2005 में वापसी की और इसके बाद लगातार यह सीट कांग्रेस की झोली में जा रही है। भाजपा ने गोहाना से आजतक एक बार भी जीत दर्ज नहीं की है। भाजपा गोहाना से खाता खोलने का प्रयास कर रही है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई। वर्ष 2005 में कांग्रेस के धर्मपाल मलिक विधायक बने। उनके बाद वर्ष 2009 से लगातार कांग्रेस के जगबीर मलिक इस सीट पर काबिज हैं। वह इस सीट पर हैट्रिक लगाने के साथ ही वर्ष 1996 में हरियाणा विकास पार्टी में रहते हुए भी जीत दर्ज कर चुके हैं।
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वर्ष 1968 व 1996 में हुए करीबी मुकाबले

वर्ष 1968 में गोहाना विधानसभा सीट पर मुकाबला कांग्रेस के रामधारी गौड़ व आजाद उम्मीदवार हरिकिशन के बीच हुआ था। तब रामधारी गौड़ ने हरिकिशन को केवल 768 वोटों से हराया था। यह अब तक का सबसे कम विजयी अंतर रहा है। इसके बाद वर्ष 1996 के चुनाव में हविपा से जगबीर मलिक मैदान में थे तो उनकी टक्कर समता के सशक्त उम्मीदवार किशन सिंह सांगवान से हुई थी। मुकाबले में जगबीर मलिक ने केवल 872 वोटों से जीत दर्ज की थी। इसके अलावा 1972, 1977, 2014 व 2019 के मुकाबले ऐसे रहे जब जीत-हार का अंतर 5 हजार वोटों से कम का रहा।
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किशन सिंह सांगवान ने दर्ज की थी सबसे बड़ी जीत

अब तक हुए 13 विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी जीत 1987 में लोकदल की टिकट पर चुनाव लड़ रहे किशन सिंह सांगवान ने दर्ज की थी। उन्होंने अपने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के रतिराम को 19122 वोटों से हराया था। इसके अलावा धर्मपाल मलिक व जगबीर मलिक भी अपने चुनाव 13 हजार वोटों से ज्यादा अंतर से जीत चुके हैं।




अब तक यह रहे विजेता

वर्ष 1967, 1968 व 1972 में रामधारी गौड़, वर्ष 1977 में गंगाराम, 1982 में किताब सिंह, 1987 में किशन सांगवान, वर्ष 1991 में किताब सिंह विजेता रहे। बाद में 1996 में जगबीर मलिक, वर्ष 2000 में रामकुमार सैनी, वर्ष 2005 में धर्मपाल मलिक, 2009, 2014 व 2019 में जगबीर मलिक जीते।





अबकी बार इन्होंने ठोकी है ताल



चुनाव में अबकी बार इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से जगबीर सिंह मलिक, भाजपा से पूर्व सांसद डॉ. अरविंद कुमार शर्मा, जननायक जनता पार्टी से कुलदीप मलिक, बहुजन समाज पार्टी से दिनेश कुमार, आम आदमी पार्टी से शिव कुमार तथा निर्दलीय उम्मीदवारों में अरविंद, अरुण कुमार, राजबीर, राजवीर सिंह दहिया, सन्नी तथा हर्ष छिक्कारा ताल ठोक रहे हैं।
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