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विदेश भागने की फिराक में लगा गैंगस्टर रामकरण बैंयापुर दिल्ली से गिरफ्तार
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गिरफ्तार गैंगस्टर रामकरण व पुलिस टीम।
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। कोर्ट परिसर में बदमाश अजय उर्फ बिट्टू बरोणा पर जानलेवा हमला और उसके पिता की हत्या की करवाने के नामजद आरोपी गैंगस्टर रामकरण बैंयापुर को सीआईए-2 की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। 30 मामलों में नामजद रहे गैंगस्टर को पुलिस टीम ने नई दिल्ली के पश्चिमी विहार स्थित होटल रेडिसन ब्लू के पास से दबोचा, वह विदेश भागने की फिराक में लगा था। पुलिस ने बुधवार को उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया। पुलिस के अनुसार रामकरण ने शुरुआती पूछताछ में अजय के पिता कृष्णचंद की हत्या बदमाश मोनू लल्हेड़ी और अन्य गुर्गों से करवाने की बात कुबूल की है।
एएसपी निकिता खट्टर के अनुसार 18 मार्च को पुलिस टीम को कोर्ट परिसर में गोली चलने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर गई तो न्यायिक परिसर स्थित लॉकअप के पास कैदी बस में अजय उर्फ बिट्टू निवासी बरोणा घायल अवस्था में पड़ा था। पुलिस ने मौके से पिस्तौल के साथ सिपाही महेश को गिरफ्तार किया था। वह अजय की गार्द में रोहतक से आया था। उस पर ही गोली मारने का आरोप है। अजय पर हमले के दस मिनट बाद बरोणा गांव में उसके पिता कृष्ण चंद की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। हथियार सहित पकड़े गए महेश ने पुलिस को बताया था कि गैंगस्टर रामकरण के कहने पर गैंगवार में उसने अजय को गोलियां मारी हैं। सिपाही महेश ने बताया था कि रामकरण ने ही वारदात से पहले हथियार मुहैया कराया था। बाद में रामकरण के घर की तलाशी लेने पर अवैध हथियार, नकदी, आभूषण, लग्जरी गाड़ी व अन्य सामान बरामद हुआ था, जिसमें प्रतिबंधित गोलियां भी शामिल थीं।
मामले की जांच एएसपी निकिता के नेतृत्व में सीआईए-2 टीम को सौंपी गई थी। उन्होंने बताया कि सीआईए-2 प्रभारी अनिल कुमार व उनकी टीम में शामिल एसआई आनंद सिंह, एएसआई संदीप, एचसी सोमबीर, सिपाही कृष्ण, धर्मेंद्र व विनोद की टीम ने सूचना के आधार पर गैंगस्टर रामकरण को दिल्ली के होटल रेडिसन ब्लू के बाहर से काबू कर लिया। वह विदेश भागने की फिराक में दिल्ली आया था। आरोपी पर सात हत्या समेत 30 मुकदमे दर्ज हैं। वारदात के बाद दिल्ली से भागकर उत्तराखंड के देहरादून व हरिद्वार में छिपता रहा। दिल्ली लौटा तो पकड़ा गया।
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मोनू लल्हेड़ी व अन्य गुर्गों से कराई अजय के पिता की हत्या
रामकरण ने पूछताछ में बताया कि उसने बदमाश अजय के पिता कृष्ण चंद की हत्या के लिए बदमाश मोनू लल्हेड़ी, मोहित कलानौर, मनीष खरखौदा और अन्य को स्कार्पियो गाड़ी में भेजकर कराई थी। वह सोनीपत में सिपाही महेश को पिस्तौल देने के बाद मोनू लल्हेड़ी की आई-10 गाड़ी में दिल्ली भाग गया था। वारदात के बाद पूरा गिरोह दिल्ली के दरियापुर नांगल में एकत्रित हुआ और वहां से फरार हो गए।
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एएसपी निकिता खट्टर के अनुसार 18 मार्च को पुलिस टीम को कोर्ट परिसर में गोली चलने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर गई तो न्यायिक परिसर स्थित लॉकअप के पास कैदी बस में अजय उर्फ बिट्टू निवासी बरोणा घायल अवस्था में पड़ा था। पुलिस ने मौके से पिस्तौल के साथ सिपाही महेश को गिरफ्तार किया था। वह अजय की गार्द में रोहतक से आया था। उस पर ही गोली मारने का आरोप है। अजय पर हमले के दस मिनट बाद बरोणा गांव में उसके पिता कृष्ण चंद की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। हथियार सहित पकड़े गए महेश ने पुलिस को बताया था कि गैंगस्टर रामकरण के कहने पर गैंगवार में उसने अजय को गोलियां मारी हैं। सिपाही महेश ने बताया था कि रामकरण ने ही वारदात से पहले हथियार मुहैया कराया था। बाद में रामकरण के घर की तलाशी लेने पर अवैध हथियार, नकदी, आभूषण, लग्जरी गाड़ी व अन्य सामान बरामद हुआ था, जिसमें प्रतिबंधित गोलियां भी शामिल थीं।
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मामले की जांच एएसपी निकिता के नेतृत्व में सीआईए-2 टीम को सौंपी गई थी। उन्होंने बताया कि सीआईए-2 प्रभारी अनिल कुमार व उनकी टीम में शामिल एसआई आनंद सिंह, एएसआई संदीप, एचसी सोमबीर, सिपाही कृष्ण, धर्मेंद्र व विनोद की टीम ने सूचना के आधार पर गैंगस्टर रामकरण को दिल्ली के होटल रेडिसन ब्लू के बाहर से काबू कर लिया। वह विदेश भागने की फिराक में दिल्ली आया था। आरोपी पर सात हत्या समेत 30 मुकदमे दर्ज हैं। वारदात के बाद दिल्ली से भागकर उत्तराखंड के देहरादून व हरिद्वार में छिपता रहा। दिल्ली लौटा तो पकड़ा गया।
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मोनू लल्हेड़ी व अन्य गुर्गों से कराई अजय के पिता की हत्या
रामकरण ने पूछताछ में बताया कि उसने बदमाश अजय के पिता कृष्ण चंद की हत्या के लिए बदमाश मोनू लल्हेड़ी, मोहित कलानौर, मनीष खरखौदा और अन्य को स्कार्पियो गाड़ी में भेजकर कराई थी। वह सोनीपत में सिपाही महेश को पिस्तौल देने के बाद मोनू लल्हेड़ी की आई-10 गाड़ी में दिल्ली भाग गया था। वारदात के बाद पूरा गिरोह दिल्ली के दरियापुर नांगल में एकत्रित हुआ और वहां से फरार हो गए।