{"_id":"60564acf8ebc3e5912313fdb","slug":"gangester-firing-pistol-temple-sonipat-news-rtk600877462","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंगस्टर रामकरण ने हनुमान मंदिर के पास सिपाही महेश को दिया था पिस्तौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैंगस्टर रामकरण ने हनुमान मंदिर के पास सिपाही महेश को दिया था पिस्तौल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनीपत। कोर्ट परिसर में बदमाश अजय उर्फ बिट्टू बरोणा पर हमला करने के लिए सिपाही महेश को गैंगस्टर रामकरण ने हनुमान मंदिर के पास पिस्तौल उपलब्ध कराई थी। वह महेश को पिस्तौल देकर निकल गया था। महेश के तीन साल से बिट्टू के साथ संबंध थे और उसने रामकरण के लिए जानकारी जुटाने के लिए कुछ माह से अब अजय के घर तक पहुंच बना ली थी। पुलिस हर पहलू पर उससे पूछताछ कर रही है।
गैंगस्टर अजय उर्फ बिट्टू बरोणा पर जानलेवा हमले के प्रयास में प्रयुक्त 9 एमएम की पिस्तौल सिपाही महेश को घटना के करीब 40 मिनट पहले ही दी गई थी। पिस्तौल देने के लिए गैंगस्टर रामकरण खुद आया था। बताया जा रहा है कि महेश ने एक दिन पहले रामकरण से उसके घर पर मुलाकात की थी। साजिश के तहत रामकरण दोपहर में करीब 12 बजे न्यायालय के पास हनुमान मंदिर के निकट आया था। रामकरण का साथी न्यायालय में गया और सिपाही महेश को इशारा कर दिया था। उसके बाद महेश बाहर आया था। हनुमान मंदिर के पास कोर्ट कांप्लेक्स चौकी से कुछ दूरी पर ही रामकरण ने पिस्तौल महेश को दी थी। उसके बाद महेश न्यायालय परिसर में चला गया।
तीन साल से अजय के साथ जुड़ा था महेश
पुलिस जांच में सामने आया है कि संदीप बड़वासनी और रामकरण बैंयापुर की गैंगवार लंबे समय से जारी है। संदीप बड़वासनी की हत्या के बाद उसके गैंग शार्प शूटर अजय उर्फ बिट्टू ने गैंग की बागडोर संभाल रखी थी। महेश तीन साल से उससे जुड़ा था। रामकरण के साथ रिश्तेदारी का कनेक्शन जुड़ने के बाद सिपाही महेश को बिट्टू से नजदीकी बढ़ाने को कहा था। बताया जा रहा है कि उसके बाद वह बिट्टू की सूचना रामकरण तक पहुंचाता था।
विज्ञापन
अब दावा कर रहा सिपाही, अपनी जान बचाने को मारी गोली
सिपाही महेश से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है और वह अब दावा कर रहा है कि उसने अपनी जान बचाने के लिए अजय को गोली मारी। वह पुलिस से कह रहा है कि उसको अजय उर्फ बिट्टू गैंग कई बार मारने की धमकी दे चुका था। जिससे बिट्टू गैंग से बचने को रामकरण से हाथ मिला लिया था। इसके साथ ही रामकरण को यह बता दिया कि बिट्टू उसको मारने की साजिश रच रहा है और उसके बाद बिट्टू को मारने की योजना बनाई गई।
वर्जन
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि रामकरण ने ही हनुमान मंदिर के पास आकर महेश को पिस्तौल दी थी। उसके बाद वह निकल गया था। बिट्टू गैंग से महेश के करीब तीन साल से संबंध थे। अब कुछ समय से उसके घर तक आने-जाने लगा था। पुलिस मामले में लगातार दबिश दे रही है। रामकरण बैंयापुर को गिरफ्तार कर अन्य खुलासे किए जाएंगे।
- डॉ. रवींद्र कुमार, डीएसपी सिटी।
विज्ञापन
गैंगस्टर अजय उर्फ बिट्टू बरोणा पर जानलेवा हमले के प्रयास में प्रयुक्त 9 एमएम की पिस्तौल सिपाही महेश को घटना के करीब 40 मिनट पहले ही दी गई थी। पिस्तौल देने के लिए गैंगस्टर रामकरण खुद आया था। बताया जा रहा है कि महेश ने एक दिन पहले रामकरण से उसके घर पर मुलाकात की थी। साजिश के तहत रामकरण दोपहर में करीब 12 बजे न्यायालय के पास हनुमान मंदिर के निकट आया था। रामकरण का साथी न्यायालय में गया और सिपाही महेश को इशारा कर दिया था। उसके बाद महेश बाहर आया था। हनुमान मंदिर के पास कोर्ट कांप्लेक्स चौकी से कुछ दूरी पर ही रामकरण ने पिस्तौल महेश को दी थी। उसके बाद महेश न्यायालय परिसर में चला गया।
विज्ञापन
तीन साल से अजय के साथ जुड़ा था महेश
पुलिस जांच में सामने आया है कि संदीप बड़वासनी और रामकरण बैंयापुर की गैंगवार लंबे समय से जारी है। संदीप बड़वासनी की हत्या के बाद उसके गैंग शार्प शूटर अजय उर्फ बिट्टू ने गैंग की बागडोर संभाल रखी थी। महेश तीन साल से उससे जुड़ा था। रामकरण के साथ रिश्तेदारी का कनेक्शन जुड़ने के बाद सिपाही महेश को बिट्टू से नजदीकी बढ़ाने को कहा था। बताया जा रहा है कि उसके बाद वह बिट्टू की सूचना रामकरण तक पहुंचाता था।
विज्ञापन
अब दावा कर रहा सिपाही, अपनी जान बचाने को मारी गोली
सिपाही महेश से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है और वह अब दावा कर रहा है कि उसने अपनी जान बचाने के लिए अजय को गोली मारी। वह पुलिस से कह रहा है कि उसको अजय उर्फ बिट्टू गैंग कई बार मारने की धमकी दे चुका था। जिससे बिट्टू गैंग से बचने को रामकरण से हाथ मिला लिया था। इसके साथ ही रामकरण को यह बता दिया कि बिट्टू उसको मारने की साजिश रच रहा है और उसके बाद बिट्टू को मारने की योजना बनाई गई।
वर्जन
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि रामकरण ने ही हनुमान मंदिर के पास आकर महेश को पिस्तौल दी थी। उसके बाद वह निकल गया था। बिट्टू गैंग से महेश के करीब तीन साल से संबंध थे। अब कुछ समय से उसके घर तक आने-जाने लगा था। पुलिस मामले में लगातार दबिश दे रही है। रामकरण बैंयापुर को गिरफ्तार कर अन्य खुलासे किए जाएंगे।
- डॉ. रवींद्र कुमार, डीएसपी सिटी।