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Sonipat News: झज्जर सहित तीन जिलों में अब तक नहीं हुआ फंड का आवंटन
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झज्जर। राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में साफ-सफाई, हाउसकीपिंग और बागवानी के लिए मुख्यालय ने प्रति स्कूल 8 हजार रुपये का बजट जारी किया था, लेकिन प्रदेश के फरीदाबाद, गुरुग्राम और झज्जर जिलों में अब तक इस राशि का आवंटन नहीं हुआ है।
ऐसे में मौलिक स्कूल शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी कर तीनों जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से जवाब मांगा है। उनसे पूछा गया है कि पूर्व में जारी की गई राशि संबंधित विद्यालयों को अब तक क्यों आवंटित नहीं की गई। इस संबंध में तत्काल स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि विभाग इन जिलों में फंड आवंटन में हुई देरी को लेकर गंभीर है।
मौलिक स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सत्र 2026-27 के लिए राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में साफ-सफाई, हाउसकीपिंग और बागवानी के लिए प्रति विद्यालय 8 हजार रुपये मासिक बजट जारी किया था। यह राशि उन विद्यालयों को दी जानी है, जहां साफ-सफाई के लिए अंशकालिक कर्मचारी कार्यरत नहीं हैं। बजट का उपयोग विद्यालय परिसर, छत, शौचालय और खेल मैदान की सफाई के साथ जलभराव व जल निकासी की व्यवस्था पर किया जाना है।
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विभाग ने ''स्वर्ण जयंती कार्यक्रम-स्वच्छ प्रांगण'' मद के तहत यह राशि जारी की है। यह राशि प्रत्येक वित्त वर्ष में 10 महीने के लिए दी जाएगी, जिसमें विद्यालयों की अवकाश अवधि शामिल नहीं होगी। संबंधित विद्यालयों में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से मासिक आधार पर राशि खर्च करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में स्वच्छता सुनिश्चित कर बच्चों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है। साथ ही, बागवानी के माध्यम से विद्यालय परिसर का सौंदर्य बढ़ाना भी इसका उद्देश्य है।
वर्जन
प्राइमरी स्कूलों को बजट जारी कर दिया गया है। अब साफ-सफाई और अन्य कार्यों को लेकर दिक्कत नहीं आएगी।
— अनिल श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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ऐसे में मौलिक स्कूल शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी कर तीनों जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से जवाब मांगा है। उनसे पूछा गया है कि पूर्व में जारी की गई राशि संबंधित विद्यालयों को अब तक क्यों आवंटित नहीं की गई। इस संबंध में तत्काल स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि विभाग इन जिलों में फंड आवंटन में हुई देरी को लेकर गंभीर है।
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मौलिक स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सत्र 2026-27 के लिए राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में साफ-सफाई, हाउसकीपिंग और बागवानी के लिए प्रति विद्यालय 8 हजार रुपये मासिक बजट जारी किया था। यह राशि उन विद्यालयों को दी जानी है, जहां साफ-सफाई के लिए अंशकालिक कर्मचारी कार्यरत नहीं हैं। बजट का उपयोग विद्यालय परिसर, छत, शौचालय और खेल मैदान की सफाई के साथ जलभराव व जल निकासी की व्यवस्था पर किया जाना है।
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विभाग ने ''स्वर्ण जयंती कार्यक्रम-स्वच्छ प्रांगण'' मद के तहत यह राशि जारी की है। यह राशि प्रत्येक वित्त वर्ष में 10 महीने के लिए दी जाएगी, जिसमें विद्यालयों की अवकाश अवधि शामिल नहीं होगी। संबंधित विद्यालयों में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से मासिक आधार पर राशि खर्च करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में स्वच्छता सुनिश्चित कर बच्चों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है। साथ ही, बागवानी के माध्यम से विद्यालय परिसर का सौंदर्य बढ़ाना भी इसका उद्देश्य है।
वर्जन
प्राइमरी स्कूलों को बजट जारी कर दिया गया है। अब साफ-सफाई और अन्य कार्यों को लेकर दिक्कत नहीं आएगी।
— अनिल श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी