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मुंहबोली बहन ने दो युवकों से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 16.44 लाख रुपये ठगे
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गन्नौर (सोनीपत)। गांव सरढाना के रहने वाले दो भाइयों को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 16.44 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि उसकी मुंहबोली बहन ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
युवक को झांसे में लेने के लिए उसकी जमशेदपुर में ट्रेनिंग तक करा दी गई। साथ ही उसे पहचान पत्र व सर्विस बुक भी दी थी। जब उसे ठगी का पता लगा तो उसने पैसे वापस देने की मांग की। जिस पर उसे मारने की धमकी दे दी गई, जिस पर पुलिस को अवगत कराया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गांव सरढाना निवासी मोहन ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में बताया कि उसकी जान पहचान उषा नाम की महिला से है। वह उसे मुंह बोली बहन मानता है। मोहन ने बताया कि उषा ने उसे कहा था कि उसकी रेलवे में अधिकारियों से पहचान है। वह उसे और उसके भाई जोगेंद्र को रेलवे में नौकरी लगवा सकती है। इसके एवज में उसने 20 लाख रुपये की मांग की थी। जिस पर वह तैयार हो गया था। मोहन ने बताया कि बाद में उषा एक व्यक्ति को लेकर उनके पास आई थी। उसने बताया था कि वह रेलवे में अधिकारी है। उस व्यक्ति ने उसके और उसके भाई के कागजात चेक कर कहा था कि मोहन 12वीं पास है और वह रेलवे में टीटी के पद पर लग सकता और जोगेंद्र 10वीं पास है। उसे चतुर्थ श्रेणी में नौकरी मिल जाएगी। जिस पर दोनों भाई तैयार हो गए। उनसे 16 लाख से अधिक की राशि की मांग की गई। जिस पर उन्होंने एक साथ राशि न होने की बात कहते हुए किस्त में राशि देने को कहा था। मोहन का आरोप है कि बाद में उन्होंने प्रॉपर्टी बेचकर और पिता ने लोन लेकर करीब 16.44 लाख रुपये उषा, कुलदीप और मोहित को दिए थे। उन्होंने 12.94 लाख रुपये नकद दिए थे। साथ ही तीन लाख बैंक खाते में डाले और 50 हजार रुपये चेक के माध्यम से दिए थे, जिस पर उसे पहले नौकरी दिलाने की बात कही थी। उन्होंने उसे ट्रेनिंग के नाम पर जमशेदपुर भेजा था। वहां उसे पहचान पत्र और सर्विस बुक भी दी गई। बाद में उसे पता लगा कि सभी कागजात फर्जी थे। उसे ठगी का पता लगा तो उसने आरोपियों से पैसे वापस देने की बात कही थी, जिस पर आरोपियों ने उसे धमकी देना शुरू कर दिया। इस पर उसने मामले की शिकायत सीएम विंडो पर दी। सीएम विंडो से जांच गन्नौर थाना पुलिस को भेजी गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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युवक को झांसे में लेने के लिए उसकी जमशेदपुर में ट्रेनिंग तक करा दी गई। साथ ही उसे पहचान पत्र व सर्विस बुक भी दी थी। जब उसे ठगी का पता लगा तो उसने पैसे वापस देने की मांग की। जिस पर उसे मारने की धमकी दे दी गई, जिस पर पुलिस को अवगत कराया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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गांव सरढाना निवासी मोहन ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में बताया कि उसकी जान पहचान उषा नाम की महिला से है। वह उसे मुंह बोली बहन मानता है। मोहन ने बताया कि उषा ने उसे कहा था कि उसकी रेलवे में अधिकारियों से पहचान है। वह उसे और उसके भाई जोगेंद्र को रेलवे में नौकरी लगवा सकती है। इसके एवज में उसने 20 लाख रुपये की मांग की थी। जिस पर वह तैयार हो गया था। मोहन ने बताया कि बाद में उषा एक व्यक्ति को लेकर उनके पास आई थी। उसने बताया था कि वह रेलवे में अधिकारी है। उस व्यक्ति ने उसके और उसके भाई के कागजात चेक कर कहा था कि मोहन 12वीं पास है और वह रेलवे में टीटी के पद पर लग सकता और जोगेंद्र 10वीं पास है। उसे चतुर्थ श्रेणी में नौकरी मिल जाएगी। जिस पर दोनों भाई तैयार हो गए। उनसे 16 लाख से अधिक की राशि की मांग की गई। जिस पर उन्होंने एक साथ राशि न होने की बात कहते हुए किस्त में राशि देने को कहा था। मोहन का आरोप है कि बाद में उन्होंने प्रॉपर्टी बेचकर और पिता ने लोन लेकर करीब 16.44 लाख रुपये उषा, कुलदीप और मोहित को दिए थे। उन्होंने 12.94 लाख रुपये नकद दिए थे। साथ ही तीन लाख बैंक खाते में डाले और 50 हजार रुपये चेक के माध्यम से दिए थे, जिस पर उसे पहले नौकरी दिलाने की बात कही थी। उन्होंने उसे ट्रेनिंग के नाम पर जमशेदपुर भेजा था। वहां उसे पहचान पत्र और सर्विस बुक भी दी गई। बाद में उसे पता लगा कि सभी कागजात फर्जी थे। उसे ठगी का पता लगा तो उसने आरोपियों से पैसे वापस देने की बात कही थी, जिस पर आरोपियों ने उसे धमकी देना शुरू कर दिया। इस पर उसने मामले की शिकायत सीएम विंडो पर दी। सीएम विंडो से जांच गन्नौर थाना पुलिस को भेजी गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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