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Sonipat News: नवोदित 4.0 मूट कोर्ट प्रतियोगिता में उदय कृष्ण मिश्रा और उन्नति सोलंकी की टीम प्रथम
Tue, 13 Oct 2026 02:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 13 Oct 2026 02:53 AM IST
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सोनीपत के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, राई में आयोजित नवोदित 4.0 मूट कोर्ट प्रतियोगिता में विज
सोनीपत। डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय राई में नवोदित 4.0 नाम से मूट कोर्ट प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका रविवार को समापन हो गया। विश्वविद्यालय की मूट कोर्ट सोसाइटी की ओर से 7 से 11 अक्तूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में 80 से अधिक टीमों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने विधिक शोध, तर्क-वितर्क और प्रभावशाली वाद-प्रस्तुति के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई।
प्रतियोगिता का शुभारंभ 7 अक्तूबर को कुलपति डॉ. देविंदर सिंह ने बैनर का अनावरण कर किया था। प्रारंभिक मुकाबले 8 और 9 अक्तूबर को हुए जिनमें से 16 टीमों ने अगले चरण में जगह बनाई। 10 अक्तूबर को ऑक्टाफाइनल और क्वार्टर फाइनल मुकाबले हुए जबकि 11 अक्तूबर को सेमीफाइनल और फाइनल आयोजित किए गए।
प्रतियोगिता में टीसी-71 के उदय कृष्ण मिश्रा और उन्नति सोलंकी की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीसी-64 की नांशी और परिधि ओमर की टीम उपविजेता रही। सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल का पुरस्कार टीसी-43 के यशवर्धन सिंह पंवार और वैभव सिन्हा को मिला जबकि द्वितीय सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल का पुरस्कार टीसी-11 के देवांश सैनी और दिग्विजय जाट ने प्राप्त किया।
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टीसी-02 की अक्षरा रानी को सर्वश्रेष्ठ वक्ता और टीसी-05 के देबदत्ता चटर्जी को द्वितीय सर्वश्रेष्ठ वक्ता के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समापन समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता मुकेश कुमार मिश्रा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शिवरमन गौड़ और डॉ. सचिव कुमार पठानिया अतिथि रहे। कुलपति डॉ. देविंदर सिंह और डीन अकादमिक अफेयर्स एवं कुलसचिव डॉ. आशुतोष मिश्रा ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
कुलपति ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में लागू करने का अवसर देती हैं। इनसे विधिक अनुसंधान, तार्किक चिंतन, प्रभावशाली वाद-प्रस्तुति और न्यायिक प्रक्रियाओं की समझ विकसित होती है। उन्होंने नवोदित 4.0 को युवा विधि विद्यार्थियों को कुशल, नैतिक और संवेदनशील विधि पेशेवर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच बताया।
कुलसचिव डॉ. आशुतोष मिश्रा ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, शोध क्षमता और पेशेवर दक्षता बढ़ती है। प्रतियोगिता के आयोजन में मूट कोर्ट सोसाइटी के विद्यार्थी पदाधिकारियों और सदस्यों ने सहयोग किया। यह आयोजन कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. अंकिता माथुर के मार्गदर्शन में किया गया।
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प्रतियोगिता का शुभारंभ 7 अक्तूबर को कुलपति डॉ. देविंदर सिंह ने बैनर का अनावरण कर किया था। प्रारंभिक मुकाबले 8 और 9 अक्तूबर को हुए जिनमें से 16 टीमों ने अगले चरण में जगह बनाई। 10 अक्तूबर को ऑक्टाफाइनल और क्वार्टर फाइनल मुकाबले हुए जबकि 11 अक्तूबर को सेमीफाइनल और फाइनल आयोजित किए गए।
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प्रतियोगिता में टीसी-71 के उदय कृष्ण मिश्रा और उन्नति सोलंकी की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीसी-64 की नांशी और परिधि ओमर की टीम उपविजेता रही। सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल का पुरस्कार टीसी-43 के यशवर्धन सिंह पंवार और वैभव सिन्हा को मिला जबकि द्वितीय सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल का पुरस्कार टीसी-11 के देवांश सैनी और दिग्विजय जाट ने प्राप्त किया।
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टीसी-02 की अक्षरा रानी को सर्वश्रेष्ठ वक्ता और टीसी-05 के देबदत्ता चटर्जी को द्वितीय सर्वश्रेष्ठ वक्ता के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समापन समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता मुकेश कुमार मिश्रा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शिवरमन गौड़ और डॉ. सचिव कुमार पठानिया अतिथि रहे। कुलपति डॉ. देविंदर सिंह और डीन अकादमिक अफेयर्स एवं कुलसचिव डॉ. आशुतोष मिश्रा ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
कुलपति ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में लागू करने का अवसर देती हैं। इनसे विधिक अनुसंधान, तार्किक चिंतन, प्रभावशाली वाद-प्रस्तुति और न्यायिक प्रक्रियाओं की समझ विकसित होती है। उन्होंने नवोदित 4.0 को युवा विधि विद्यार्थियों को कुशल, नैतिक और संवेदनशील विधि पेशेवर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच बताया।
कुलसचिव डॉ. आशुतोष मिश्रा ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, शोध क्षमता और पेशेवर दक्षता बढ़ती है। प्रतियोगिता के आयोजन में मूट कोर्ट सोसाइटी के विद्यार्थी पदाधिकारियों और सदस्यों ने सहयोग किया। यह आयोजन कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. अंकिता माथुर के मार्गदर्शन में किया गया।