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Sonipat News: वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर 13 लाख रुपये ठगे, पांच गिरफ्तार
Tue, 16 Sep 2025 02:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 16 Sep 2025 02:03 AM IST
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फोटो : साइबर ठगी में गिरफ्तार आरोपी। स्रोत पुलिस प्रवक्ता
सोनीपत। साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन काम का लालच देकर ठगने वाले गिरोह के पांच सदस्यों सारण, रवि और जितेंद्र निवासी जिला जोधपुर, राजस्थान, हितेश, जिला जालौर, राजस्थान व जेकनभाई पातलिया जिला बनासकांठा, गुजरात को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सोनीपत के युवक से 13.59 लाख रुपये की ठगी की है।
गांव पबसरा निवासी सन्नी ने पुलिस को बताया था कि उनके मोबाइल पर 31 मई को वर्क फ्रॉम होम से जुड़ा मैसेज आया था। उन्हें बताया गया था कि इसके लिए गूगल टास्क को पूरा करना होगा। इसके बाद उन्हें टेलीग्राम लिंक भेजकर ग्रुप में जोड़ दिया गया था।
शुरुआत में उन्हें टास्क पूरे करने पर रुपये दिए गए। इसके बाद उन्हें प्रीपेड टास्क पर ज्यादा कमाई होने की जानकारी दी गई। इसके लिए उनसे पहले टास्क के बदले 8700 रुपये ट्रांसफर करवाए गए। दूसरे टास्क के लिए 10962 रुपये जमा करवाए गए। इसके बाद उन्हें कुछ आफर के बारे में बताया गया। इस पर उन्होंने रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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इसके बाद भी उनसे और रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहे गए। इस पर उन्होंने अपने स्तर पर जांच की तो पता चला कि साइबर ठगों ने टास्क पूरे कर कमाई करने के नाम पर उनसे 13,59,560 रुपये की ठगी की है। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था।
शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों को राजस्थान और गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
साइबर अपराधियों से बचने के लिए लिंक व मैसेज पर यकीन नहीं करना चाहिए। जरूरत हो तभी किसी एप का इस्तेमाल करें। इसके बाद भी यदि कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो तुरंत मामले की जानकारी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर देनी चाहिए। -कुशल पाल सिंह, पुलिस उपायुक्त।
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गांव पबसरा निवासी सन्नी ने पुलिस को बताया था कि उनके मोबाइल पर 31 मई को वर्क फ्रॉम होम से जुड़ा मैसेज आया था। उन्हें बताया गया था कि इसके लिए गूगल टास्क को पूरा करना होगा। इसके बाद उन्हें टेलीग्राम लिंक भेजकर ग्रुप में जोड़ दिया गया था।
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शुरुआत में उन्हें टास्क पूरे करने पर रुपये दिए गए। इसके बाद उन्हें प्रीपेड टास्क पर ज्यादा कमाई होने की जानकारी दी गई। इसके लिए उनसे पहले टास्क के बदले 8700 रुपये ट्रांसफर करवाए गए। दूसरे टास्क के लिए 10962 रुपये जमा करवाए गए। इसके बाद उन्हें कुछ आफर के बारे में बताया गया। इस पर उन्होंने रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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इसके बाद भी उनसे और रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहे गए। इस पर उन्होंने अपने स्तर पर जांच की तो पता चला कि साइबर ठगों ने टास्क पूरे कर कमाई करने के नाम पर उनसे 13,59,560 रुपये की ठगी की है। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था।
शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों को राजस्थान और गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
साइबर अपराधियों से बचने के लिए लिंक व मैसेज पर यकीन नहीं करना चाहिए। जरूरत हो तभी किसी एप का इस्तेमाल करें। इसके बाद भी यदि कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो तुरंत मामले की जानकारी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर देनी चाहिए। -कुशल पाल सिंह, पुलिस उपायुक्त।