{"_id":"60b67a148ebc3ed48f18ab6b","slug":"first-father-continued-to-serve-country-now-son-ankit-became-lieutenant-sonipat-news-rtk6110974189","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले पिता देशसेवा करते रहे, अब बेटा अंकित लेफ्टिनेंट बने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले पिता देशसेवा करते रहे, अब बेटा अंकित लेफ्टिनेंट बने
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव अहीर माजरा व वर्तमान में मालवीय नगर के रहने वाले वायुसेना से सेवानिवृत्त कृष्ण गौड़ के बेटे अंकित गौड़ ने लेफ्टिनेंट बनकर देशसेवा के सपने को पूरा कर दिखाया। अंकित कुमार गौड़ को ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी में एक वर्ष के प्रशिक्षण के उपरांत सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर शामिल किए गए। अब वह थल सेना में बतौर अधिकारी देशसेवा करेंगे। उन्हें सेना में जाने की प्रेरणा हमेशा पिता कृष्ण से मिलती रही। उनके पिता कृष्ण वायुसेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में खानपुर कलां स्थित मेडिकल कॉलेज में सेवारत हैं।
अंकित कुमार गौड़ ने अपनी आरंभिक शिक्षा शहर के एक स्कूल से करने के बाद हिंदू कॉलेज से बीटेक पास की। पढ़ाई के साथ खेलों में रुचि रखने वाले अंकित कुमार गौड़ ने अपनी एमटेक की पढ़ाई भी शुरू की थी, लेकिन इसी बीच इनका चयन थल सेना में लेफ्टिनेंट पद पर हो गया। इसके अलावा अंकित ने वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर पद पर चयन के लिए एसएसबी की परीक्षा भी पास कर ली थी, लेकिन थल सेना की चाहत बचपन से ही दिल में समेटे हुए अंकित ने उसको ही चुना। अंकित की कामयाबी पर पूरे परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों के साथ पैतृक गांव खिजरपुर अहीर में खुशी की लहर है। अंकित कुमार ने बताया कि उसके पिता कृष्ण कुमार ही उनके लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। अपने पिता को देखकर ही उन्हें सेना में जाने की प्रेरणा मिलती रही।
विज्ञापन
अंकित कुमार गौड़ ने अपनी आरंभिक शिक्षा शहर के एक स्कूल से करने के बाद हिंदू कॉलेज से बीटेक पास की। पढ़ाई के साथ खेलों में रुचि रखने वाले अंकित कुमार गौड़ ने अपनी एमटेक की पढ़ाई भी शुरू की थी, लेकिन इसी बीच इनका चयन थल सेना में लेफ्टिनेंट पद पर हो गया। इसके अलावा अंकित ने वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर पद पर चयन के लिए एसएसबी की परीक्षा भी पास कर ली थी, लेकिन थल सेना की चाहत बचपन से ही दिल में समेटे हुए अंकित ने उसको ही चुना। अंकित की कामयाबी पर पूरे परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों के साथ पैतृक गांव खिजरपुर अहीर में खुशी की लहर है। अंकित कुमार ने बताया कि उसके पिता कृष्ण कुमार ही उनके लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। अपने पिता को देखकर ही उन्हें सेना में जाने की प्रेरणा मिलती रही।
विज्ञापन