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Sonipat News: निजी लैब में एलाइजा जांच का शुल्क 600 रुपये निर्धारित
Fri, 19 Apr 2024 10:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 19 Apr 2024 10:31 PM IST
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सोनीपत। डेंगू और मलेरिया से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम के साथ ही लार्वा जांच अभियान चलाया जा रहा है। डेंगू, मलेरिया व बुखार से बचने के लिए लोगों को सतर्कता बरतने का सुझाव दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि डेंगू बुखार की पुष्टि के लिए एलाइजा जांच की मान्य होगी। सरकारी अस्पतालों में यह टेस्ट निशुल्क किया जाएगा। निजी अस्पताल, लैब व क्लीनिक में इस जांच का शुल्क 600 रुपये निर्धारित किया गया है।
जिले में वर्ष 2023 में मलेरिया के 13 और डेंगू के 332 मामले सामने आए थे। राहत की बात यह है कि इस वर्ष अभी तक दोनों ही बीमारियों का एक भी केस सामने नहीं आया है। मानसून सत्र आगमन से पहले विभाग ने मलेरिया और डेंगू से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य अधिकारी कहते हैं कि डेंगू व मलेरिया का कोई केस मिलता है तो मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के साथ ही बीमारी को फैलने से रोकने को विभाग सतर्क है। एलाइजा किट के अलावा अलग तरीके से टेस्ट किया गया तो उसे अवैध माना जाएगा, जिसको लेकर कार्रवाई की जाएगी। अक्सर बारिश के बाद डेंगू और मलेरिया का लार्वा पनपने लगता है। इससे लोगों में बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है। जिला नोडल अधिकारी डॉ. अनविता कौशिक ने बताया कि इस बार पहले से अभियान शुरू कर दिया गया है। पानी की टंकियों, कूलर, हौज आदि में लार्वा की जांच की जा रही है। आमजन को साफ-सफाई के अलावा बीमारियों से बचने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
एलाइजा से संबंधित पूरा रिकॉर्ड जरूरी
निजी लैब, अस्पताल व क्लीनिक संचालकों को एलाइजा जांच से संबंधित पूरा रिकॉर्ड दुरुस्त रखना होगा। डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर 24 घंटे के अंदर अंदर नागरिक अस्पताल में जानकारी देनी होगी जिससे मरीज का इलाज समय से हो सके। यदि किसी भी निजी लैब, अस्पताल व क्लीनिक संचालकों के रिकॉर्ड में अनियमितता पाई गई तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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वर्जन
डेंगू व मलेरिया से निपटने के लिए विभाग सतर्क है। इसकी एलाइजा जांच ही मान्य है। ऐसे में कोई निजी लैब संचालक डेंगू के लिए स्लाइड टेस्ट करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। अगर कोई एलाइजा टेस्ट के लिए 600 रुपये से अधिक की राशि वसूलता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अनविता कौशिक, जिला मलेरिया अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।
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जिले में वर्ष 2023 में मलेरिया के 13 और डेंगू के 332 मामले सामने आए थे। राहत की बात यह है कि इस वर्ष अभी तक दोनों ही बीमारियों का एक भी केस सामने नहीं आया है। मानसून सत्र आगमन से पहले विभाग ने मलेरिया और डेंगू से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य अधिकारी कहते हैं कि डेंगू व मलेरिया का कोई केस मिलता है तो मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के साथ ही बीमारी को फैलने से रोकने को विभाग सतर्क है। एलाइजा किट के अलावा अलग तरीके से टेस्ट किया गया तो उसे अवैध माना जाएगा, जिसको लेकर कार्रवाई की जाएगी। अक्सर बारिश के बाद डेंगू और मलेरिया का लार्वा पनपने लगता है। इससे लोगों में बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है। जिला नोडल अधिकारी डॉ. अनविता कौशिक ने बताया कि इस बार पहले से अभियान शुरू कर दिया गया है। पानी की टंकियों, कूलर, हौज आदि में लार्वा की जांच की जा रही है। आमजन को साफ-सफाई के अलावा बीमारियों से बचने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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एलाइजा से संबंधित पूरा रिकॉर्ड जरूरी
निजी लैब, अस्पताल व क्लीनिक संचालकों को एलाइजा जांच से संबंधित पूरा रिकॉर्ड दुरुस्त रखना होगा। डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर 24 घंटे के अंदर अंदर नागरिक अस्पताल में जानकारी देनी होगी जिससे मरीज का इलाज समय से हो सके। यदि किसी भी निजी लैब, अस्पताल व क्लीनिक संचालकों के रिकॉर्ड में अनियमितता पाई गई तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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वर्जन
डेंगू व मलेरिया से निपटने के लिए विभाग सतर्क है। इसकी एलाइजा जांच ही मान्य है। ऐसे में कोई निजी लैब संचालक डेंगू के लिए स्लाइड टेस्ट करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। अगर कोई एलाइजा टेस्ट के लिए 600 रुपये से अधिक की राशि वसूलता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अनविता कौशिक, जिला मलेरिया अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।