Kisan Mahapanchayat: SKM के आह्वान पर जंतर-मंतर पर महापंचायत के लिए किसान तैयार, BKU चढूनी ने बनाई दूरी
संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के जंतर-मंतर पर महापंचायत करेगा। सोनीपत से बड़ी संख्या में किसान इसमें पहुंचेंगे। जिले से विभिन्न संगठनों ने जंतर-मंतर पर जाने के लिए तैयारी की है। लखीमपुर खीरी में पीड़ित किसानों को इंसाफ सहित अन्य मांगों को लेकर विभिन्न राज्यों से किसान जंतर-मंतर पहुंचेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान महापंचायत की जाएगी। भाकियू चढूनी गुट ने इससे दूरी बना ली है। उन्होंने करनाल में 25 व 26 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देने का निर्णय लिया है। महापंचायत में सोनीपत से बड़ी संख्या में किसान पहुंचेंगे। महापंचायत में लखीमपुर खीरी के पीड़ित किसानों को इंसाफ, बिजली बिल 2022 रद्द करने, गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने, चीनी मिल से गन्ने का बकाया भुगतान करने सहित अन्य मांगों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद किसान राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने जाएंगे।
किसान नेताओं का कहना है कि करीब एक साल तक कुंडली बॉर्डर पर चले किसान आंदोलन को समाप्त करते हुए सरकार ने जल्द ही उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। उसके बाद सरकार की ओर से आज तक कोई कदम नहीं उठाया गया। जिसके कारण किसान आज भी अपनी मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली किसान महापंचायत के दौरान जो फैसले लिए जाएंगे उनके अनुसार देशभर में आंदोलन किए जाएंगे।
भारतीय कियान यूनियन (चढूनी) के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने बताया कि यूनियन के बैनर तले किसान 25 व 26 अगस्त को करनाल स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देंगे, पर आज की महापंचायत में भाग लेने दिल्ली के जंतर-मंतर नहीं जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वित्त आयुक्त ने 21 जून को शामलात देह व जुमला मुस्तरका मालकान भूमि के मालिकाना हक को काश्तकार किसानों से वापस लेकर संबंधित पंचायतों व नगरपालिकाओं के नाम करने के आदेश जारी किए हैं। माल रिकॉर्ड के अनुसार किसान इन जमीनों पर पीढ़ियों से खेती कर रहे हैं। इन किसानों का जमीन पर पूरा मालिकाना हक है। इस संबंध में 16 अगस्त को विधायक आवासों पर जाकर ज्ञापन दिए गए थे।
क्या बोले किसान नेता
केंद्र सरकार ने वादा किया था कि संयुक्त किसान मोर्चे से चर्चा किए बगैर बिजली संशोधन बिल संसद में पेश नहीं किया जाएगा। सरकार ने वादाखिलाफी कर 8 अगस्त को यह बिल पेश कर दिया। नए बिल के तहत सरकार किसी भी राज्य की बिजली आपूर्ति कम कर सकती है। ऐसी स्थिति में उस राज्य के किसानों को बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा। जिसके चलते अपने हक की आवाज को बुलंद करने के लिए सोमवार को दिल्ली में किसान महापंचायत में हुंकार भरी जाएगी। -अभिमन्यु कोहाड़, अध्यक्ष भारतीय किसान नौजवान यूनियन
जंतर-मंतर पर सोमवार को होने वाली किसान महापंचायत को लेकर किसानों में उत्साह है। सोनीपत से काफी संख्या में किसान महापंचायत में शामिल होंगे। उनकी सरकार से मांग है कि एमएसपी गारंटी कानून बनाया जाए, किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए, विश्व व्यापार संगठन से भारत बाहर आए। साथ ही लखीमपुर खीरी मामले में पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाएं। जेलों में बंद किसानों की रिहाई की जाए। -जयभगवान मलिक, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन (अंबावता)
केंद्र सरकार की ओर से गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए। चीनी मिलों से किसानों को गन्ने की बकाया राशि का भुगतान कराएं। भारत विश्व व्यापार संगठन से बाहर आए और सभी मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द किया जाए। किसान आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के बकाया मुआवजे का भुगतान तुरंत किया जाए। अग्निपथ योजना वापस ली जाए। इन्हीं मांगों को लेकर किसान बड़ी संख्या में सोमवार को जंतर-मंतर पर पहुंच रहे हैं। -डॉ. राजेश दहिया, राष्ट्रीय प्रवक्ता भारतीय किसान यूनियन (अंबावता)
दिल्ली पुलिस ने लगाया नाका तो लग सकता है जाम
कुंडली बॉर्डर क्षेत्र में निर्माण के चलते अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में दिल्ली में किसानों की महापंचायत के दौरान जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने बॉर्डर पर नाका लगाकर वाहनों की जांच कर आगे जाने दिया तो कुंडली क्षेत्र में जाम की स्थिति बन सकती है। ऐसे में कुंडली पुलिस को मशक्कत करनी पड़ रही है।