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कुंडली बॉर्डर पर गोहाना की 5 क्विंटल जलेबी बन रही, छह हजार लोग रोजाना खा रहे
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कुंडली बॉर्डर स्थित धरना स्थल पर किसानों के लंगर के लिए गोहाना की मशहूर जलेबी तैयार करता हलवाई।
- फोटो : Sonipat
सोनीपत/कुंडली। कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर धरना दे रहे किसानों के लिए अब गोहाना की मशहूर जलेबी का लंगर भी लगाया जा रहा है। यहां पर गोहाना की 5 क्विंटल जलेबी बन रही जिसे रोजाना छह हजार लोगों को खिलाया जा रहा है। गांव भैंसवान खुर्द के लोगों ने चंदा एकत्रित कर गोहाना की मशहूर जलेबी का लंगर लगवाया है। इसके साथ ही कुंडली बॉर्डर पर आगजनी से निपटने के लिए पंजाब से फायर सिलिंडर भी भेजे गए हैं।
कुंडली बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रालियां पहुंच रही है। पंजाब के किसानों की मदद के लिए हरियाणा के ग्रामीण भी लगातार प्रयास कर रहे हैं। अब यहां गोहाना की मशहूर जलेबियों का लंगर लगा दिया गया है। गांव भैंसवान खुर्द की तरफ से यह लंगर चलाया जा रहा है। जिसमें रोजाना करीब पांच क्विंटल जलेबियां बनाकर किसानों व राहगीरों को खिलाई जाती हैं। बताया जा रहा है कि करीब छह हजार लोग लंगर में जलेबी खा रहे हैं। लगातार ठंड बढ़ने से जलेबियों की मांग बढ़ रही है। खास बात यह है कि ग्रामीणों ने पूरे गांव से चंदा एकत्रित कर यह भंडारा चलाया है, जिसमें ग्रामीण खुद ही सेवा भी कर रहे हैं। रोजाना अलग-अलग किसानों की ड्यूटियां यहां लगाई जा रही हैं, जो दिनभर न केवल जलेबियां बना रहे हैं बल्कि लंगर में पहुंचने वाले लोगों को वितरित भी कर रहे हैं।
गावं भैंसवान कलां के किसान अजमेर ने बताया कि भंडारे का खर्च पूरा गांव उठा रहा है। जब तक आंदोलन चलेगा तब तक वे यहां जलेबियों का भंडारा चलता रहेगा। जलेबियां तैयार कर यहां पहुंचने वाले किसानों व राहगीरों को खिलाई जाती हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगा। गांव में चंदा एकत्रित करने के लिए कई किसानों की ड्यूटी लगाई गई है।
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किसान बोले पीएम को भी खिलाना चाहते हैं जलेबी
सोनीपत का गोहाना जलेबियों के लिए मशहूर है। यहां देशी घी से बड़ी जलेबियां बनाई जाती हैं, जो देशभर में पसंद की जाती हैं। यही कारण है कि अब धरनास्थल पर भी बड़ी जलेबियां बनाई जा रही हैं, जो किसानों के लिए बेहद पसंदीदा व्यंजन का रूप ले चुकी हैं। किसान अजमेर ने बताया कि वह चाहते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की समस्या का हल करें और खुद भी यहां धरने पर किसानों से मिलने के लिए पहुंचे। यदि मोदी यहां आते हैं तो वह उन्हें भी जलेबी खिलाएंगे।
पटियाला से पहुंचे 25 शौचालय
शौचालय कक्षों की कमी होने के कारण लगातार किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में पटियाला से एक टेंट हाउस मालिक ने यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त 25 टॉयलेट बाक्स भेजे हैं। इनकी खासियत यह है कि इनमें अंग्रेजी व देसी शीट की सुविधा हैं। महिलाओं व बुजुर्गों के अलावा दिव्यांगों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। पटियाला से पहुंचे सुभाष टैंट हाउस के संचालक सतीश सेठी ने बताया कि किसानों की दिक्कत को देखते हुए वह यहां शौचालय बाक्स लगवा रहे हैं। वहीं, उन्होंने करीब 5000 लोगों के ठहरने के लिए टैंट व गद्दों की व्यवस्था भी की है।
आगजनी से निपटने के लिए पंजाब से भेजे फायर सिलिंडर
कुंडली बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान डटे हुए है। ऐसे में यहां उनके खाने का प्रबंध करने के लिए आग व गैस सिलिंडर भी जलाए जाते हैं। साथ ही हजारों ट्रैक्टर भी यहां पर है। ऐसे में आगजनी होने का डर बना रहता था। आगजनी में ज्यादा नुकसान हो सकता था। जिसे देखते हुए पंजाब की संस्था की तरफ से कुंडली बॉर्डर पर 500 फायर सिलिंडर भेजे गए हैं। जिससे आगजनी होने पर उस पर आसानी से काबू पाया जा सके।
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कुंडली बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रालियां पहुंच रही है। पंजाब के किसानों की मदद के लिए हरियाणा के ग्रामीण भी लगातार प्रयास कर रहे हैं। अब यहां गोहाना की मशहूर जलेबियों का लंगर लगा दिया गया है। गांव भैंसवान खुर्द की तरफ से यह लंगर चलाया जा रहा है। जिसमें रोजाना करीब पांच क्विंटल जलेबियां बनाकर किसानों व राहगीरों को खिलाई जाती हैं। बताया जा रहा है कि करीब छह हजार लोग लंगर में जलेबी खा रहे हैं। लगातार ठंड बढ़ने से जलेबियों की मांग बढ़ रही है। खास बात यह है कि ग्रामीणों ने पूरे गांव से चंदा एकत्रित कर यह भंडारा चलाया है, जिसमें ग्रामीण खुद ही सेवा भी कर रहे हैं। रोजाना अलग-अलग किसानों की ड्यूटियां यहां लगाई जा रही हैं, जो दिनभर न केवल जलेबियां बना रहे हैं बल्कि लंगर में पहुंचने वाले लोगों को वितरित भी कर रहे हैं।
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गावं भैंसवान कलां के किसान अजमेर ने बताया कि भंडारे का खर्च पूरा गांव उठा रहा है। जब तक आंदोलन चलेगा तब तक वे यहां जलेबियों का भंडारा चलता रहेगा। जलेबियां तैयार कर यहां पहुंचने वाले किसानों व राहगीरों को खिलाई जाती हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगा। गांव में चंदा एकत्रित करने के लिए कई किसानों की ड्यूटी लगाई गई है।
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किसान बोले पीएम को भी खिलाना चाहते हैं जलेबी
सोनीपत का गोहाना जलेबियों के लिए मशहूर है। यहां देशी घी से बड़ी जलेबियां बनाई जाती हैं, जो देशभर में पसंद की जाती हैं। यही कारण है कि अब धरनास्थल पर भी बड़ी जलेबियां बनाई जा रही हैं, जो किसानों के लिए बेहद पसंदीदा व्यंजन का रूप ले चुकी हैं। किसान अजमेर ने बताया कि वह चाहते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की समस्या का हल करें और खुद भी यहां धरने पर किसानों से मिलने के लिए पहुंचे। यदि मोदी यहां आते हैं तो वह उन्हें भी जलेबी खिलाएंगे।
पटियाला से पहुंचे 25 शौचालय
शौचालय कक्षों की कमी होने के कारण लगातार किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में पटियाला से एक टेंट हाउस मालिक ने यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त 25 टॉयलेट बाक्स भेजे हैं। इनकी खासियत यह है कि इनमें अंग्रेजी व देसी शीट की सुविधा हैं। महिलाओं व बुजुर्गों के अलावा दिव्यांगों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। पटियाला से पहुंचे सुभाष टैंट हाउस के संचालक सतीश सेठी ने बताया कि किसानों की दिक्कत को देखते हुए वह यहां शौचालय बाक्स लगवा रहे हैं। वहीं, उन्होंने करीब 5000 लोगों के ठहरने के लिए टैंट व गद्दों की व्यवस्था भी की है।
आगजनी से निपटने के लिए पंजाब से भेजे फायर सिलिंडर
कुंडली बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान डटे हुए है। ऐसे में यहां उनके खाने का प्रबंध करने के लिए आग व गैस सिलिंडर भी जलाए जाते हैं। साथ ही हजारों ट्रैक्टर भी यहां पर है। ऐसे में आगजनी होने का डर बना रहता था। आगजनी में ज्यादा नुकसान हो सकता था। जिसे देखते हुए पंजाब की संस्था की तरफ से कुंडली बॉर्डर पर 500 फायर सिलिंडर भेजे गए हैं। जिससे आगजनी होने पर उस पर आसानी से काबू पाया जा सके।