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पंजाब सरकार ने किसानों को नहीं रोका, इसलिए उनकी लापरवाही से सड़कें हुईं जाम: कंवरपाल गुर्जर
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सोनीपत। शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि पंजाब सरकार की लापरवाही की वजह से सड़कें जाम हुई है। कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन करने के लिए किसान जब दिल्ली के लिए निकले थे, तभी अपने यहां पंजाब की सरकार उन्हें रोक लेती तो आज सड़कें जाम होने की नौबत नहीं आती। मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानून किसानों के हित के लिए बनाए गए हैं, लेकिन उसका गलत प्रचार करके किसानों को बरगलाया जा रहा है। शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर रविवार को सोनीपत में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने किसानों के मुद्दों पर पंजाब सरकार के साथ ही हरियाणा कांग्रेस को भी घेरा। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस किसान आंदोलन को अपना समर्थन दे रही है। जबकि विधानसभा में कृषि बिल पर चर्चा करने की बजाय कांग्रेस के विधायकों ने वॉक आउट किया। भाजपा सरकार कृषि कानून को लेकर चर्चा करने को तैयार है, लेकिन कांग्रेस ने एक बार भी कृषि कानून पर कोई चर्चा नहीं की। कृषि कानून को लेकर यह आंदोलन पहले पंजाब के किसानों द्वारा चलाया गया था। जिनको वहां की सरकार का पूरा समर्थन रहा। क्योंकि पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। पंजाब सरकार अगर किसानों को अपने राज्य में रोक लेती तो आज दिल्ली के बॉर्डर सील नहीं होते और इससे हरियाणा के लोग भी परेशान हो रहे हैं। कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि सरकार बैठक करके लगातार किसानों से बातचीत कर रही है। जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। शिक्षा मंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि तीनों कृषि अध्यादेश किसानों के हित के लिए ही बनाए गए, लेकिन इनका गलत प्रचार किया गया।
समर्थन वापस लेने वाले विधायकों को सरकार से आपत्ति नहीं, उनके लिए पहले भाईचारा
मंत्री ने सरकार से समर्थन वापस लेने वाले विधायकों के बारे में कहा कि विधायकों को सरकार से कोई आपत्ति नहीं जताई। बल्कि उनके लिए सरकार से पहले भाईचारा जरूरी है और उस भाईचारा के लिए उन्होंने समर्थन वापस लिया है। जल्द ही किसानों से बातचीत करके बीच का रास्ता निकाल कर समाधान किया जाएगा। मंडियों में फसलों पर एमएसपी पहले की तरह जारी रहेगी। प्रदेश की मंडियों में रबी व खरीफ फसलों की खरीद सरकारी रेट पर ही की जाती है।
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10 दिसंबर के बाद स्कूल दोबारा खोलने को लेकर लिया जाएगा निर्णय
शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि रेवाड़ी समेत कई जिलों में करीब 170 विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण होने के बाद स्कूलों को बंद कर दिया गया था। 10 दिसंबर तक अभी स्कूल बंद किए हुए हैं। इसके बाद कोरोना काल में स्कूलों को दोबारा खोलने पर विचार विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों प्राइवेट स्कूल संचालकों का प्रतिनिधिमंडल भी मिला था। उन्होंने स्कूलों बसों को लेकर दिए जाने वाले मोटर व्हीकल टैक्स माफ और बिजली बिलों को कम करने की मांग रखी थी। उनकी मांगों को सीएम तक पहुंचा दिया है।
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शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने किसानों के मुद्दों पर पंजाब सरकार के साथ ही हरियाणा कांग्रेस को भी घेरा। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस किसान आंदोलन को अपना समर्थन दे रही है। जबकि विधानसभा में कृषि बिल पर चर्चा करने की बजाय कांग्रेस के विधायकों ने वॉक आउट किया। भाजपा सरकार कृषि कानून को लेकर चर्चा करने को तैयार है, लेकिन कांग्रेस ने एक बार भी कृषि कानून पर कोई चर्चा नहीं की। कृषि कानून को लेकर यह आंदोलन पहले पंजाब के किसानों द्वारा चलाया गया था। जिनको वहां की सरकार का पूरा समर्थन रहा। क्योंकि पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। पंजाब सरकार अगर किसानों को अपने राज्य में रोक लेती तो आज दिल्ली के बॉर्डर सील नहीं होते और इससे हरियाणा के लोग भी परेशान हो रहे हैं। कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि सरकार बैठक करके लगातार किसानों से बातचीत कर रही है। जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। शिक्षा मंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि तीनों कृषि अध्यादेश किसानों के हित के लिए ही बनाए गए, लेकिन इनका गलत प्रचार किया गया।
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समर्थन वापस लेने वाले विधायकों को सरकार से आपत्ति नहीं, उनके लिए पहले भाईचारा
मंत्री ने सरकार से समर्थन वापस लेने वाले विधायकों के बारे में कहा कि विधायकों को सरकार से कोई आपत्ति नहीं जताई। बल्कि उनके लिए सरकार से पहले भाईचारा जरूरी है और उस भाईचारा के लिए उन्होंने समर्थन वापस लिया है। जल्द ही किसानों से बातचीत करके बीच का रास्ता निकाल कर समाधान किया जाएगा। मंडियों में फसलों पर एमएसपी पहले की तरह जारी रहेगी। प्रदेश की मंडियों में रबी व खरीफ फसलों की खरीद सरकारी रेट पर ही की जाती है।
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10 दिसंबर के बाद स्कूल दोबारा खोलने को लेकर लिया जाएगा निर्णय
शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि रेवाड़ी समेत कई जिलों में करीब 170 विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण होने के बाद स्कूलों को बंद कर दिया गया था। 10 दिसंबर तक अभी स्कूल बंद किए हुए हैं। इसके बाद कोरोना काल में स्कूलों को दोबारा खोलने पर विचार विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों प्राइवेट स्कूल संचालकों का प्रतिनिधिमंडल भी मिला था। उन्होंने स्कूलों बसों को लेकर दिए जाने वाले मोटर व्हीकल टैक्स माफ और बिजली बिलों को कम करने की मांग रखी थी। उनकी मांगों को सीएम तक पहुंचा दिया है।