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Sonipat News: पीआर धान व बाजरे की सरकारी खरीद के लिए अनशन पर बैठे किसान

Fri, 19 Sep 2025 02:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Fri, 19 Sep 2025 02:12 AM IST
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Farmers on hunger strike for government procurement of paddy and millet
फोटो 22: सोनीपत लघु सचिवालय में भाकियू (चढूनी) के बैनर तले सांकेतिक अनशन पर बैठे किसान। संवाद - फोटो : स्रोत कार्डियोलोजी
सोनीपत। पीआर धान और बाजरे की सरकारी खरीद करने की मांग को लेकर वीरवार को भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी गुट) के बैनर तले किसानों ने लघु सचिवालय के गेट पर अनशन किया। चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो 22 सितंबर को कुरुक्षेत्र स्थित मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा।
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किसानों मंडियों में बाजरे और पीआर धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की मांग की। किसानों ने सांकेतिक रूप से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अनशन रखा। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि किसानों का प्रतिनिधिमंडल एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री से मिला था।
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किसानों ने मुख्यमंत्री को बताया था कि पहले धान की फसल 100 से 110 दिन में पकती थी लेकिन अब 90 दिन में फसल पक कर तैयार हो रही है। सरकार 1 अक्तूबर से सरकारी खरीद शुरू करती थी। अब फसलें पककर तैयार हैं और किसान मंडियों में फसलें लेकर पहुंच रहे हैं। जिन क्षेत्रों में बाजरा अधिक होता है, उन क्षेत्रों की मंडियां बाजरे से भरी हुई हैं।
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यह भी बताया गया था कि जिन क्षेत्रों में पीआर धान अधिक उगाया जाता है, उन क्षेत्रों की मंडियों में पीआर धान पहुंचना शुरू हो गया है। इसके बाद भी सरकार ने बाजरे और पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं कराई है। इसके चलते किसानों को परेशानी हो रही है।
किसान नेता राेहताश बैनीवाल ने बताया कि इस साल बारिश की वजह से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने क्षतिपूर्ति पोर्टल को फिर से खोलने की मांग की। यह भी कहा कि 30 सितंबर तक किसानों को पंजीकरण का मौका दिया जाए। फसल गिरदावरी के दौरान किसान के सामने ही नुकसान का फार्म भरा जाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि फसलों में नुकसान 70 से 100 फीसदी होता है, लेकिन गिरदावरी ठीक न होने से किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल पाता। इस दौरान रविंद्र मुरथल, राजेश दहिया, कृष्ण मलिक, वजीर नरवाल समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
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