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किसानों ने 25 जगह लगाया जाम, रेलवे ट्रैक भी रहा बाधित

Tue, 28 Sep 2021 01:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 28 Sep 2021 01:09 AM IST
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Farmers jammed 25 places, railway track was also disrupted
रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी के सामने धरने पर बैठी महिलाएं। संवाद - फोटो : Sonipat
सोनीपत। कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर 10 माह से आंदोलनरत किसानों के शुक्रवार को 10 घंटे तक भारत बंद के आह्वान का मिलाजुला असर दिखाई दिया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किए गए बंद का जिले के बाजार में असर नहीं दिखा। हालांकि 25 जगह सड़क जाम की गई, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। पुलिस को रूट डायवर्ट कर वाहनों को निकालना पड़ा। दिल्ली में दूध व सब्जी की सप्लाई पर भी असर पड़ा। शाम चार बजे किसानों के मार्गों से हटने के बाद ही वाहन चालकों को राहत मिली।
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान के चलते सोमवार सुबह 6 बजे से किसानों ने भारत बंद को लेकर पहल शुरू कर दी थी। सुबह 7 बजे किसानों ने सड़क जाम करनी शुरू कर दी। इसके बाद केजीपी-केएमपी समेत नेशनल हाईवे-44 पर प्रीतमपुरा के पास किसानों ने सड़क जाम कर दी। सुबह 10 बजे तक जिले में अलग-अलग स्थानों पर 25 जगह किसान सड़क पर उतर आए। जीटी रोड पर राई गांव के पास किसानों ने जाम लगाया। हाईवे व अन्य मार्गों पर जाम के बाद पुलिस ने मशक्कत के बाद वाहनों को दूसरे मार्गों से डायवर्ट किया। प्रीतमपुरा के पास जाम लगाने व गांवों के अंदर से भी वाहनों को नहीं निकलने देने से दिल्ली में दूध व सब्जी की आपूर्ति प्रभावित रही।
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संपर्क मार्गों पर लगी रही वाहनों की भीड़
हाईवे समेत अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से संपर्क मार्गों पर वाहनों की कतार लगी रही। यहां भी वाहन चालकों को भीड़ के कारण जाम से जूझना पड़ा। बारोटा रोड, राठधना रोड समेत शहर के अंदर भी कई मार्गों पर वाहन रेंगते रहे। हालांकि संपर्क मार्गों से वाहनों की आवागमन दिनभर जारी रहा।
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सोनीपत में खुला रहा बाजार, किसान करते रहे बंद की अपील
सोनीपत शहर में बाजार पर भारत बंद का असर दिखाई नहीं दिया। एक-दो दुकानों को छोड़कर ज्यादातर बाजारों में दुकान खुली रही। किसान शहर में आए तो दुकानदारों ने चंद मिनट के शटर गिरा दिए। उनके जाने के बाद फिर से दुकान खोल ली। हालांकि गांवों से आज ग्राहक बाजार में नहीं पहुंचे।
बंद का असर स्कूलों पर भी दिखा। विद्यार्थियों से लेकर स्टाफ तक की हाजिरी मात्र 30 प्रतिशत तक रही। ज्यादातर लोग जाम की वजह से अपने गंतव्यों पर पहुंच नहीं पाए। बंद में भारतीय किसान यूनियन के अलावा किसानों के अनेकों के संगठन, सर्व कर्मचारी संघ, सीटू, सीआईटीयू, इंटक, बैंककर्मी, निजी स्कूल संचालकों समेत अनेक संगठनों ने हिस्सा लिया।
यहां लगा जाम
सोनीपत में जाहरी चौक के गोल चक्कर पर, बाईपास, गोहाना रोड पर हनुमान मंदिर के पास, बड़वासनी के पास जाम लगाया। गन्नौर में जीटी रोड पर बागवानी मंडी के सामने, पुगथला रोड पर, हल्दाना बार्डर पर जाम रहा। खरखौदा में झरोठी रोड, सिसाना के पास के अलावा कंवाली मोड़ पर किसान बैठे रहे। राई में गांव राई के सामने जीटी रोड पर, केजीपी-केएमपी के जीरो प्वाइंट पर ऊपर व नीचे नेशनल हाइवे पर किसानों ने जाम लगाया।
जाम में फंसे रहे लोग
दिल्ली के कैलाश नगर से गन्नौर के जैन स्थानक में जा रही करीब 50 महिलाओं व बुजुर्गों से भरी बस सुबह 6 बजे ही केएमपी-केजीपी के जीरो प्वाइंट के पास जाम में फंस गई। बस में मौजूद महिलाओं व बुजुर्गों ने कई बार किसानों से गुहार लगाई और बताया कि उन्हें गन्नौर तक ही जाना है, लेकिन नहीं जाने दिया गया। दिल्ली जा रहे ओमप्रकाश ने बताया कि उसके ससुर का देहांत हो गया है, लेकिन किसानों ने उनकी कार को जाने नहीं दिया।
खरखौदा में दिखा असर
खरखौदा के सिसाना, झरोठ टोल व कंवाली में आंदोलनकारियों ने जाम लगाए रखा। आंदोलनकारी अनाज मंडी एसोसिएशन प्रधान नरेश दहिया की अध्यक्षता में एकत्रित हुए, जहां पर संयुक्त किसान मोर्चे के नेता व किसान-मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ की अगुवाई में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार आंदोलनकारी नारेबाजी करते दिखाई दिए। भारत बंद के दौरान जाम लगाए हुए आंदोलनकारियों ने परीक्षा का एडमिट कार्ड देखने के बाद परीक्षार्थियों को तो जाने दिया लेकिन डॉक्टर से लेकर अन्य कार्यों के लिए जा रहे लोगों को रोक दिया। काफी देर तक मिन्नत करने के बाद वह लौट गए। वहीं टोल प्लाजा पर जाम लगाए बैठे आंदोलनकारियों ने बिजली निगम की म्हारा गांव जगमग गांव योजना का विरोध करने का भी फैसला लिया है। पांच अक्तूबर को अनाज मंडी खरखौदा में बैठक होगी। जिसके बाद एसडीएम, खरखौदा को एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।

गन्नौर में हाईवे रहा बंद
भारत बंद को सफल बनाने के लिए किसान सुबह से ही जीटी रोड पर अंतर्राष्ट्रीय मंडी के सामने एकत्रित होने शुरू हो गए थे। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के ब्लॉक अध्यक्ष विरेंद्र पहल, पूर्व जिलाध्यक्ष रोहतास बैनीवाल, राजेंद्र प्रधान के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने एकत्रित होकर दिल्ली से पानीपत व पानीपत से दिल्ली मार्ग पर पत्थर डाल कर जाम कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस को गन्नौर शहर से खुबडू झाल रोड से दिल्ली बवाना की ओर डायवर्ट कर दिया। इस दौरान एसडीएम सुरेंद्र दून, डीएसपी जोगेंद्र राठी, बड़ी थाना प्रभारी देवेंद्र शर्मा व गन्नौर थाना प्रभारी सुनील कुमार नाकों पर घूमकर स्थिति जायजा लेते रहे। इस दौरान किसानों के खाने का प्रबंध वहीं किया गया था। अनाज मंडी व सब्जी मंडी भी इस दौरान बंद रही।
सोनीपत व गन्नौर बार एसोसिएशन ने दिया समर्थन
सोनीपत व गन्नौर बार एसोसिएशन ने भी भारत बंद को समर्थन दिया। इस दौरान कामकाज पूरी तरह से प्रभावित रहा।
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