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असली-नकली के फेर में 10 का सिक्का, चढ़ावे पर भी मांग रहे नोट
नितिन आंतिल/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 16 Oct 2016 01:02 AM IST
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10 का असली सिक्का
- फोटो : sonipat
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मार्केट में आए 10 रुपये के नकली सिक्के आम आदमी से लेकर बैंकों तक के लिए गले की फांस बन गए हैं। दुकानदार भी 10 रुपये के सिक्के लेने में आनाकानी कर रहे हैं। इससे लोगों में असमंजस की स्थिति है, जबकि मुद्रा अधिनियम के तहत कोई भी व्यक्ति करेंसी लेने से इनकार नहीं कर सकता। वहीं, जिला प्रशासन या आरबीआई की ओर से बैंकों को इस संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं मिली है।
रिजर्व बैंक ने अप्रैल 2009 में 10-10 के सिक्के जारी किए थे, जिसके बाद बाजार और बैंकों में 10-10 के सिक्के लेने में कोई दिक्कत नहीं आ रही थी। दिल्ली के बाद भिवानी में 10 रुपये के नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई है। इससे लोगों में सिक्कों को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है, क्योंकि नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी पकड़े जाने से पहले काफी नकली सिक्के मार्केट में आ चुके हैं। इस कारण दुकानदार से लेकर बैंक तक सिक्के लेने में आनाकानी कर रहे हैं।
बैंक ने सिक्के लेने में की आनाकानी
चाय की दुकान है। लोग 10 रुपये का सिक्का ज्यादा देते हैं। वह एक बैंक में 10-10 के 100 सिक्के जमा करवाने गया, लेकिन कैश काउंटर पर सिक्के लेने से साफ मना कर दिया गया। कारण पूछा तो सवाल-जवाब करने शुरू कर दिए। काफी कहासुनी के बाद बैंक शाखा के प्रबंधक ने सिक्के जमा किए।
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-संदीप आंतिल, चाय दुकानदार
बच्चों की फीस भरने गया तो नहीं लिए सिक्के
मॉडल टाउन स्थित पीएनबी में बच्चों की फीस के पैसे जमा करवाने के लिए गया था, जिनमें 30 रुपये कम पड़ गए। जब 10-10 के तीन सिक्के देने के लिए निकाले तो बैंक कर्मचारियों ने लेने से मना कर दिया। इसके बाद लिखित रूप में देने को कहा तो मना कर दिया और पैसे ले लिए।
-पवन तनेजा, समाजसेवी व व्यापारी नेता
पुजारी ने किया 10 रुपये का सिक्का चढ़ाने से मना
हर शनिवार को शनि मंदिर जाता हूं। सुबह पूजा के बाद तेल चढ़ाया और जब 10 के सिक्के को शनि भगवान की मूर्ति पर चढ़ाने के लिए रखने लगा तो मौजूद पुजारी ने 10 का सिक्का चढ़ाने से मना कर दिया। कहा कोई नहीं लेता, जिसके बाद 10 का नोट दिया गया।
-अरुण मित्तल, काठमंडी व्यापारी
लेने वाला ही कोई नहीं क्या करें
रोजाना 10-10 के करीब 20 से ज्यादा सिक्के एकत्र हो जाते हैं। असली और नकली की पहचान के बाद ही सिक्के लेते हैं, लेकिन जब किसी को देते हैं तो लेने से मना कर देते हैं। इससे काफी समस्या हो रही है।
सतीश, दुकानदार मिशन चौंक
नकली सिक्कों के कारण आ रही दिक्कत
नकली सिक्कों की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद 10 का सिक्का लेने में परेशानी होती है, लेकिन फिर भी पहचान के बाद लेते हैं। दुकान पर ज्यादा काम होने के कारण कभी-कभी एक-दो नकली सिक्का भी देकर चला जाता है। जिसके बाद नुकसान होता है।
राकेश, दुकानदार
बैंक नहीं कर सकते सिक्के लेने से मना
बाजार में 10-10 रुपये के नकली सिक्कों की अफवाह चल रही है। ऐसे में लोग डरे हुए हैं, सिक्के लेकर बैंकों में पहुंचे रहे हैं। बैंक सिक्के लेने से इनकार नहीं कर सकते हैं। अगर कोई इंकार करता है तो उसकी सूचना आरबीआई को दी जा सकती है। व्यावहारिक तौर पर बड़ी संख्या में सिक्के जमा लेने में थोड़ी परेशानी होती है। इससे बचने के लिए बैंक दो सौ सिक्के तक आसानी सेे ले रहे हैं। अभी आरबीआई या जिला प्रशासन से कोई गाइड लाइन नहीं मिली हैं। गाइड लाइन मिलते ही बैंकों को हिदायत दे दी जाएगी।
नरेश कुमार, लीड बैंक मैनेजर
असली सिक्के की पहचान
एक तरफ दस के सिक्के में 10 का अंक आधा स्टील व आधा पीतल है। साथ ही उस पर रू लिखा हुआ है और दस धारियां बनी हुई हैं। दूसरी तरफ अशोक चिन्ह स्टील पर अंकित है और पीतल पर आमने-सामने इंडिया और भारत लिखा हुआ है।
नकली सिक्के की पहचान
नकली सिक्के पर एक तरफ 10 का अंक सिर्फ स्टील पर है जबकि रू का चिह्न गायब है और 15 धारियां बनी हुई हैं। जबकि पिछली तरफ से सिक्का तीन भागों में बटा हुआ है। भारत और इंडिया साथ-साथ लिखे हुए हैं।
हो सकती है सजा
नोट या सिक्के का जाली मुद्रण, जाली नोट या सिक्के चलाना और वैध सिक्कों को लेने से मना करना भारतीय दंड संहिता की धारा 489 ए से 489 ई के तहत अपराध है। इन धाराओं के तहत न्यायालय द्वारा जुर्माना, कारावास अथवा दोनों की सजा दी जा सकती है।
आसानी से तैयार हो जाते हैं नकली सिक्के
एक्सपर्ट का कहना है कि नकली नोट बनाने के मुकाबले नकली सिक्के तैयार करना 100 गुना ज्यादा आसान होता है। इसके लिए लोहे की डाई तैयार की गई होगी। एक सांचे में मेटल को लिक्विड के रूप में डाला कर दूसरी सांचे का उस पर दबाव बनाकर जाली सिक्का तैयार किया गया होगा। एक सिक्का तैयार होने में करीब 15 सेकंड का समय लगा होगा।
जल्द जारी की जाएगी गाइड लाइन
10 रुपये के सिक्के लेने से अगर कोई मना करता है तो उसकी लिखित में शिकायत देने के बाद कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सिक्कों को लेकर जल्द ही गाइड लाइन जारी की जाएगी, ताकि आम लोगों को परेशान न हो और स्थिति स्पष्ट हो सके।
-केएम पाडुरंग, डीसी सोनीपत
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रिजर्व बैंक ने अप्रैल 2009 में 10-10 के सिक्के जारी किए थे, जिसके बाद बाजार और बैंकों में 10-10 के सिक्के लेने में कोई दिक्कत नहीं आ रही थी। दिल्ली के बाद भिवानी में 10 रुपये के नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई है। इससे लोगों में सिक्कों को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है, क्योंकि नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी पकड़े जाने से पहले काफी नकली सिक्के मार्केट में आ चुके हैं। इस कारण दुकानदार से लेकर बैंक तक सिक्के लेने में आनाकानी कर रहे हैं।
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बैंक ने सिक्के लेने में की आनाकानी
चाय की दुकान है। लोग 10 रुपये का सिक्का ज्यादा देते हैं। वह एक बैंक में 10-10 के 100 सिक्के जमा करवाने गया, लेकिन कैश काउंटर पर सिक्के लेने से साफ मना कर दिया गया। कारण पूछा तो सवाल-जवाब करने शुरू कर दिए। काफी कहासुनी के बाद बैंक शाखा के प्रबंधक ने सिक्के जमा किए।
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-संदीप आंतिल, चाय दुकानदार
बच्चों की फीस भरने गया तो नहीं लिए सिक्के
मॉडल टाउन स्थित पीएनबी में बच्चों की फीस के पैसे जमा करवाने के लिए गया था, जिनमें 30 रुपये कम पड़ गए। जब 10-10 के तीन सिक्के देने के लिए निकाले तो बैंक कर्मचारियों ने लेने से मना कर दिया। इसके बाद लिखित रूप में देने को कहा तो मना कर दिया और पैसे ले लिए।
-पवन तनेजा, समाजसेवी व व्यापारी नेता
पुजारी ने किया 10 रुपये का सिक्का चढ़ाने से मना
हर शनिवार को शनि मंदिर जाता हूं। सुबह पूजा के बाद तेल चढ़ाया और जब 10 के सिक्के को शनि भगवान की मूर्ति पर चढ़ाने के लिए रखने लगा तो मौजूद पुजारी ने 10 का सिक्का चढ़ाने से मना कर दिया। कहा कोई नहीं लेता, जिसके बाद 10 का नोट दिया गया।
-अरुण मित्तल, काठमंडी व्यापारी
लेने वाला ही कोई नहीं क्या करें
रोजाना 10-10 के करीब 20 से ज्यादा सिक्के एकत्र हो जाते हैं। असली और नकली की पहचान के बाद ही सिक्के लेते हैं, लेकिन जब किसी को देते हैं तो लेने से मना कर देते हैं। इससे काफी समस्या हो रही है।
सतीश, दुकानदार मिशन चौंक
नकली सिक्कों के कारण आ रही दिक्कत
नकली सिक्कों की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद 10 का सिक्का लेने में परेशानी होती है, लेकिन फिर भी पहचान के बाद लेते हैं। दुकान पर ज्यादा काम होने के कारण कभी-कभी एक-दो नकली सिक्का भी देकर चला जाता है। जिसके बाद नुकसान होता है।
राकेश, दुकानदार
बैंक नहीं कर सकते सिक्के लेने से मना
बाजार में 10-10 रुपये के नकली सिक्कों की अफवाह चल रही है। ऐसे में लोग डरे हुए हैं, सिक्के लेकर बैंकों में पहुंचे रहे हैं। बैंक सिक्के लेने से इनकार नहीं कर सकते हैं। अगर कोई इंकार करता है तो उसकी सूचना आरबीआई को दी जा सकती है। व्यावहारिक तौर पर बड़ी संख्या में सिक्के जमा लेने में थोड़ी परेशानी होती है। इससे बचने के लिए बैंक दो सौ सिक्के तक आसानी सेे ले रहे हैं। अभी आरबीआई या जिला प्रशासन से कोई गाइड लाइन नहीं मिली हैं। गाइड लाइन मिलते ही बैंकों को हिदायत दे दी जाएगी।
नरेश कुमार, लीड बैंक मैनेजर
असली सिक्के की पहचान
एक तरफ दस के सिक्के में 10 का अंक आधा स्टील व आधा पीतल है। साथ ही उस पर रू लिखा हुआ है और दस धारियां बनी हुई हैं। दूसरी तरफ अशोक चिन्ह स्टील पर अंकित है और पीतल पर आमने-सामने इंडिया और भारत लिखा हुआ है।
नकली सिक्के की पहचान
नकली सिक्के पर एक तरफ 10 का अंक सिर्फ स्टील पर है जबकि रू का चिह्न गायब है और 15 धारियां बनी हुई हैं। जबकि पिछली तरफ से सिक्का तीन भागों में बटा हुआ है। भारत और इंडिया साथ-साथ लिखे हुए हैं।
हो सकती है सजा
नोट या सिक्के का जाली मुद्रण, जाली नोट या सिक्के चलाना और वैध सिक्कों को लेने से मना करना भारतीय दंड संहिता की धारा 489 ए से 489 ई के तहत अपराध है। इन धाराओं के तहत न्यायालय द्वारा जुर्माना, कारावास अथवा दोनों की सजा दी जा सकती है।
आसानी से तैयार हो जाते हैं नकली सिक्के
एक्सपर्ट का कहना है कि नकली नोट बनाने के मुकाबले नकली सिक्के तैयार करना 100 गुना ज्यादा आसान होता है। इसके लिए लोहे की डाई तैयार की गई होगी। एक सांचे में मेटल को लिक्विड के रूप में डाला कर दूसरी सांचे का उस पर दबाव बनाकर जाली सिक्का तैयार किया गया होगा। एक सिक्का तैयार होने में करीब 15 सेकंड का समय लगा होगा।
जल्द जारी की जाएगी गाइड लाइन
10 रुपये के सिक्के लेने से अगर कोई मना करता है तो उसकी लिखित में शिकायत देने के बाद कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सिक्कों को लेकर जल्द ही गाइड लाइन जारी की जाएगी, ताकि आम लोगों को परेशान न हो और स्थिति स्पष्ट हो सके।
-केएम पाडुरंग, डीसी सोनीपत