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Sonipat News: ‘युग-युगों से हरियाणा’ प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
Wed, 28 Feb 2024 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 28 Feb 2024 12:22 AM IST
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सोनीपत के खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला विश्वविद्यालय में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन करती कुलप
गोहाना। खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में दो दिवसीय ‘युग-युगों से हरियाणा’ प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। यह प्रदर्शनी इतिहास एवं पुरातत्व विभाग की तरफ से हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला के सहयोग से हरियाणा के गौरवमयी इतिहास विषय पर आयोजित की गई।
मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. सुदेश ने कहा कि हरियाणा प्रदेश का एक समृद्ध सांस्कृतिक, सामाजिक व राजनीतिक इतिहास है, जिसमें प्रदेश की महिलाओं ने भी अहम भूमिका निभाई है। इस समृद्ध इतिहास के विभिन्न पहलुओं से वर्तमान पीढ़ी, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को अवगत कराया जाए। इस दौरान डीन प्रो. रवि भूषण, प्रदर्शनी की संयोजक डॉ. अर्चना मलिक डॉ. सीमा दहिया व डॉ. शीतल ने किया। रिसोर्स पर्सन के रूप में केपीएल कॉलेज, रेवाड़ी से डॉ अनिल यादव व हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के सहायक निदेशक डॉ. अजय वीर उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी की रही ये विशेषता
इस प्रदर्शनी में हरियाणा में पाए गए सिंधु सरस्वती स्थल, वैदिक काल, उत्तर वैदिक काल, चौहान/प्रतिहार काल के अवशेषों के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अलावा 11वीं शताब्दी के मंदिर विध्वंस, तुगलक व मुगल आक्रमण, पानीपत की तीसरी लड़ाई, 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा का योगदान, प्रथम विश्व युद्ध और 1947 में भारत विभाजन के दौर को भी चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दुर्लभ चित्र, हरियाणा में मौजूद पुरातन सराय, बावलियां, मंदिर वास्तुकला भी चित्रों के जरिए प्रदर्शित की गई है। चित्रों के माध्यम से हरियाणा के विकास की गाथा की जानकारी भी दी गई है।
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मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. सुदेश ने कहा कि हरियाणा प्रदेश का एक समृद्ध सांस्कृतिक, सामाजिक व राजनीतिक इतिहास है, जिसमें प्रदेश की महिलाओं ने भी अहम भूमिका निभाई है। इस समृद्ध इतिहास के विभिन्न पहलुओं से वर्तमान पीढ़ी, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को अवगत कराया जाए। इस दौरान डीन प्रो. रवि भूषण, प्रदर्शनी की संयोजक डॉ. अर्चना मलिक डॉ. सीमा दहिया व डॉ. शीतल ने किया। रिसोर्स पर्सन के रूप में केपीएल कॉलेज, रेवाड़ी से डॉ अनिल यादव व हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के सहायक निदेशक डॉ. अजय वीर उपस्थित रहे।
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प्रदर्शनी की रही ये विशेषता
इस प्रदर्शनी में हरियाणा में पाए गए सिंधु सरस्वती स्थल, वैदिक काल, उत्तर वैदिक काल, चौहान/प्रतिहार काल के अवशेषों के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अलावा 11वीं शताब्दी के मंदिर विध्वंस, तुगलक व मुगल आक्रमण, पानीपत की तीसरी लड़ाई, 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा का योगदान, प्रथम विश्व युद्ध और 1947 में भारत विभाजन के दौर को भी चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दुर्लभ चित्र, हरियाणा में मौजूद पुरातन सराय, बावलियां, मंदिर वास्तुकला भी चित्रों के जरिए प्रदर्शित की गई है। चित्रों के माध्यम से हरियाणा के विकास की गाथा की जानकारी भी दी गई है।
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