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Sonipat: पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता ने दिया इस्तीफा, काम की अधिकता व स्टाफ की कमी बताया कारण
Wed, 22 Feb 2023 10:08 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 22 Feb 2023 10:08 PM IST
सार
कार्यकारी अभियंता ने इस्तीफा देने का कारण काम की अधिकता व स्टाफ की कमी होना बताया है। विस में एक दिन पहले बरोदा के विधायक इंदुराज नरवाल ने सवाल उठाए थे।
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इस्तीफा
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
हरियाणा में पंचायती राज विभाग के सोनीपत कार्यालय में कार्यरत कार्यकारी अभियंता कुलबीर सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेजे गए इस्तीफे में कुलबीर सिंह ने काम की अधिवकता, स्टाफ की कमी व मानसिक तनाव का हवाला दिया है। यही नहीं उन्होंने त्यागपत्र के साथ एक माह के वेतन का चेक भी लगाया है। इस मामले को एक दिन पहले विधानसभा में उठे बवाल के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
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विधानसभा में एक दिन पहले ही पंचायत विभाग के कार्यों को लेकर बरोदा के विधायक इंदुराज नरवाल ने सवाल उठाए थे। विधायक ने पंचायत मंत्री से सवाल पूछा था कि बरोदा विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री घोषणा के तहत विकास कार्यों के लिए 17 मई 2021 को करीब 2.79 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी। इसके तहत होने वाले विकास कार्य आज तक अधूरे हैं।
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जिस पर विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने जवाब दिया था कि चौपालों का कार्य पूर्ण हो चुका है, तालाबों में पानी होने से काम शेष हैं। विधायक ने फोटो दिखाते हुए पंचायत मंत्री के जवाब को गलत बताया था। विधायक नरवाल ने कहा था कि चौपाल की आज तक नींव भी नहीं भरी गई, जबकि मंत्री चौपाल बनने का दावा कर रहे हैं। वहीं तालाब में भी पानी नहीं है।
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उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा के जीवित रहते भेजे गए एस्टीमेट के बारे में जानकारी ली तो फील्ड अधिकारी ने गलत रिपोर्ट भेजी थी। बाद में मुख्यालय से दोबारा पैसे डलवाए गए। जिन कार्यों को अधूरा बताया गया था, उनमें से अधिकांश कार्य पूरे हो चुके थे। जिस पर पंचायत मंत्री ने जांच करवाने को कहा था।
यही कारण है कि पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता के इस्तीफे को इससे जोड़कर देखा जा रहा है। जबकि इस्तीफे में कार्यकारी अभियंता ने मानसिक तनाव व कार्य की अधिकता का हवाला दिया है। पत्र में उन्होंने इस्तीफे को स्वीकार कर प्री-मेच्योर पेंशन बनवाने का अनुरोध किया है।