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समतामूलक महिला संगठन ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर निकाला जुलूस
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जुलूस निकालतीं समतामूलक महिला संगठन की सदस्य। संवाद
- फोटो : Sonipat
समतामूलक महिला संगठन ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जुलूस निकाला। उन्होंने मौजूदा पुरुष प्रधान समाज में नारी शोषण, दमन व अत्याचार का आरोप लगाया। उन्होंने इसके खिलाफ महिलाओं का साथ देते हुए जुझारू संघर्ष करने का संकल्प लिया। जुलूस डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक से शुरू होकर शहीद भगत सिंह चौक और दीनबंधु छोटू राम चौक से गुजरते हुए शहीद भगत सिंह पार्क में संपन्न हुआ।
संगठन की प्रदेश संयोजिका डॉ. सुनीता त्यागी ने कहा कि देश में भ्रूणावस्था से लेकर मरने तक महिलाओं के प्रति हिंसा एवं यौन हिंसा का कहर बढ़ता जा रहा है। निर्भया कांड के बाद राष्ट्रव्यापी आक्रोश के बावजूद महिला सुरक्षा की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। न तो दो वर्ष की बच्ची सुरक्षित है और न ही 87 वर्ष की वृद्धा। स्त्रियों को दोयम दर्जे का श्रम गुलाम बना दिया गया है। बेहद कलंकित व शर्मसार करने वाली सामूहिक दुष्कर्म व हत्या जैसी आपराधिक घटनाओं में हरियाणा देश के अव्वल प्रांतों में शुमार हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार महिला सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करे, हिंसा, यौन हिंसा, नशीले पदार्थों के व्यापार तथा अश्लीलता के प्रसार पर रोक लगाए और जस्टिस वर्मा आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू करते हुए ब्लॉक स्तर पर ‘वन स्टॉप सेंटर’ बनाए। इसके साथ ही उन्होंने लेबर संहिताएं रद्द करने, निजीकरण बंद करने, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति वापस लेने, जन आंदोलनों में पुलिस दखल बंद करने के अलावा अन्य मांगों को लागू करने की अपील की। इस दौरान साक्षी, रेणुका, अनुपम शर्मा, रितु विरोधिया, सीमा, डॉ. सुरक्षा, रेखा त्यागी, शांति देवी, कमलेश, बीरमति चहल, रेखा, सुशीला, गीता रानी, मनीषा, सुदेश, रेणु, शांति, कमला, इंद्रावती, बीरो देवी, किरण, पूजा, नीलम, सावित्री मौजूद रहीं।
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संगठन की प्रदेश संयोजिका डॉ. सुनीता त्यागी ने कहा कि देश में भ्रूणावस्था से लेकर मरने तक महिलाओं के प्रति हिंसा एवं यौन हिंसा का कहर बढ़ता जा रहा है। निर्भया कांड के बाद राष्ट्रव्यापी आक्रोश के बावजूद महिला सुरक्षा की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। न तो दो वर्ष की बच्ची सुरक्षित है और न ही 87 वर्ष की वृद्धा। स्त्रियों को दोयम दर्जे का श्रम गुलाम बना दिया गया है। बेहद कलंकित व शर्मसार करने वाली सामूहिक दुष्कर्म व हत्या जैसी आपराधिक घटनाओं में हरियाणा देश के अव्वल प्रांतों में शुमार हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार महिला सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करे, हिंसा, यौन हिंसा, नशीले पदार्थों के व्यापार तथा अश्लीलता के प्रसार पर रोक लगाए और जस्टिस वर्मा आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू करते हुए ब्लॉक स्तर पर ‘वन स्टॉप सेंटर’ बनाए। इसके साथ ही उन्होंने लेबर संहिताएं रद्द करने, निजीकरण बंद करने, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति वापस लेने, जन आंदोलनों में पुलिस दखल बंद करने के अलावा अन्य मांगों को लागू करने की अपील की। इस दौरान साक्षी, रेणुका, अनुपम शर्मा, रितु विरोधिया, सीमा, डॉ. सुरक्षा, रेखा त्यागी, शांति देवी, कमलेश, बीरमति चहल, रेखा, सुशीला, गीता रानी, मनीषा, सुदेश, रेणु, शांति, कमला, इंद्रावती, बीरो देवी, किरण, पूजा, नीलम, सावित्री मौजूद रहीं।
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