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‘युवा ताकत के बल पर भारत फिर हासिल करेगा विश्वगुरु की पदवी’
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Tue, 15 Dec 2015 12:15 AM IST
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21वीं सदी में युवा ताकत के बल पर भारत पुन: अपनी विश्वगुरु की पदवी को प्राप्त कर लेगा। भारत विश्व का सबसे बड़ा युवा देश है। जिसकी युवा पीढ़ी क्षमता और प्रतिभा से लबरेज है। इसकी मिसाल यूरोपीय देशों के सर्वे में मिलती है, जिसमें विदेशियों ने विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय मूल के विशेषज्ञों पर सर्वाधिक विश्वास व्यक्त किया है। यह दावा प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने किया। वह डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी भारत सरकार के तत्वावधान में राजीव गांधी एजूकेशन सिटी राई स्थित एसआरएम यूनिवर्सिटी में पांच दिवसीय इंस्पायर इंटर्नशिप साइंस कैंप के शुभारंभ पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने एसआरएम के संस्थापक कुलाधिपति के साथ कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। कैंप में पांच राज्यों के सरकारी स्कूलों के 154 छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। इनमें सोनीपत सहित पानीपत, जींद, झज्जर और रोहतक जिले शामिल हैं।
पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. एपीजे कलाम को स्मरण और नमन करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व हिंदुस्तान में ही जन्म लेते हैं, जो राष्ट्रपति भवन में एक बैग और कुछ कपड़े लेकर आए और कार्यकाल पूरा होने पर उसी सामान के साथ वापस चले गए। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने शिक्षा जगत और राजनीतिक जगत में समानता बताते हुए कहा कि दोनों ही क्षेत्रों में परिणाम मिलने की कोई गारंटी नहीं है। इसलिए नि:स्वार्थ भाव से सेवा करनी चाहिए। संस्थापक कुलाधिपति डॉ. टीआर पारी वेंधार ने एक छोटी से पाठशाला से यूनिवर्सिटी तक के एसआरएम के सफर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता अति आवश्यक है जो कि एक दिन में नहीं आती। गुणवत्ता के लिए कमिटमेंट जरूरी है। इस अवसर पर एसआरएम के कुलपति डॉ. एस राजाराजन, डायरेक्टर डॉ. डीके पांडेय, डॉ. उमेश कुमार शर्मा, डॉ. अमिताव रॉय, रजिस्ट्रार डॉ. महेश भल्ला, मोहनलाल बड़ौली, डॉ. पूर्णमल गौड़, सुनील चौहान आदि मौजूद रहे।
रेल और जेल में लंबाई बड़ी दुखदायी
शिक्षा एवं भाषा मंत्री रामबिलास शर्मा ने एसआरएम के कुलाधिपति डॉ. टीआर पारी वेंधर की उनके ऊंचे कद संबंधी टिप्पणी पर अनूठे अंदाज मेें प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जेल और रेल में लंबा कद बड़ा दुखदायी होता है। उन्होंने कहा कि जब वे 1977 में गया जेल (बिहार) में कैद थे तब उनका कद 6 फुट 3 इंच था, लेकिन जेल के कमरे की ऊंचाई 5 फुट थी।
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सोनीपत प्रतिभा संस्कार रत्न समारोह में भी पहुंचे
मंत्री रामबिलास शर्मा ने एसआरएम यूनिवर्सिटी के उपरांत संस्कार भारती वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में मुरथल स्थित रामकृष्ण साधना केंद्र के सहयोग से आश्रम में आयोजित सोनीपत प्रतिभा संस्कार रत्न समारोह में भी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्य अतिथि के तौर पर रामबिलास शर्मा ने स्वामी दयानंद सरस्वती की मुहिम को भी प्रोत्साहन देेते हुए आश्रम को 11 लाख रुपये की अनुदान राशि भेंट करने की घोषणा की। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन, संस्कार भारती सोसायटी के अध्यक्ष सत्यवीर आर्य, स्वामी दयानंद सरस्वती, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ललित बतरा व जिलाध्यक्ष डा. ओमप्रकाश आत्रेय, आजाद नेहरा, राकेश मलिक, अनिल झरोंठी, महेंद्र सन्नी, रविंद्र दिलावर, डा. ओमप्रकाश शर्मा, डीएसपी सुनील कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी परमेश्वरी हुड्डा आदि मौजूद रहे।
शिक्षकों की कमी पूरा करने के निर्देश
कार्यक्रम के समापन पर मुरथल अड्डा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की 11वीं कक्षा की छात्राएं स्वाति, सोनिया व किरण ने शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से भेंट की। शर्मा ने छात्राओं की बातें गंभीरता से सुनते हुए मिलने का कारण पूछा तो छात्राओं ने कहा कि उनके विद्यालय में विज्ञान शिक्षक नहीं है। इस कारण उन्हें पढ़ाई में दिक्कतें आती हैं। इस पर शिक्षा मंत्री ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनके स्कूल में विज्ञान शिक्षक की कमी को अति शीघ्र दूर किया जाएगा।
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पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. एपीजे कलाम को स्मरण और नमन करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व हिंदुस्तान में ही जन्म लेते हैं, जो राष्ट्रपति भवन में एक बैग और कुछ कपड़े लेकर आए और कार्यकाल पूरा होने पर उसी सामान के साथ वापस चले गए। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने शिक्षा जगत और राजनीतिक जगत में समानता बताते हुए कहा कि दोनों ही क्षेत्रों में परिणाम मिलने की कोई गारंटी नहीं है। इसलिए नि:स्वार्थ भाव से सेवा करनी चाहिए। संस्थापक कुलाधिपति डॉ. टीआर पारी वेंधार ने एक छोटी से पाठशाला से यूनिवर्सिटी तक के एसआरएम के सफर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता अति आवश्यक है जो कि एक दिन में नहीं आती। गुणवत्ता के लिए कमिटमेंट जरूरी है। इस अवसर पर एसआरएम के कुलपति डॉ. एस राजाराजन, डायरेक्टर डॉ. डीके पांडेय, डॉ. उमेश कुमार शर्मा, डॉ. अमिताव रॉय, रजिस्ट्रार डॉ. महेश भल्ला, मोहनलाल बड़ौली, डॉ. पूर्णमल गौड़, सुनील चौहान आदि मौजूद रहे।
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रेल और जेल में लंबाई बड़ी दुखदायी
शिक्षा एवं भाषा मंत्री रामबिलास शर्मा ने एसआरएम के कुलाधिपति डॉ. टीआर पारी वेंधर की उनके ऊंचे कद संबंधी टिप्पणी पर अनूठे अंदाज मेें प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जेल और रेल में लंबा कद बड़ा दुखदायी होता है। उन्होंने कहा कि जब वे 1977 में गया जेल (बिहार) में कैद थे तब उनका कद 6 फुट 3 इंच था, लेकिन जेल के कमरे की ऊंचाई 5 फुट थी।
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सोनीपत प्रतिभा संस्कार रत्न समारोह में भी पहुंचे
मंत्री रामबिलास शर्मा ने एसआरएम यूनिवर्सिटी के उपरांत संस्कार भारती वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में मुरथल स्थित रामकृष्ण साधना केंद्र के सहयोग से आश्रम में आयोजित सोनीपत प्रतिभा संस्कार रत्न समारोह में भी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्य अतिथि के तौर पर रामबिलास शर्मा ने स्वामी दयानंद सरस्वती की मुहिम को भी प्रोत्साहन देेते हुए आश्रम को 11 लाख रुपये की अनुदान राशि भेंट करने की घोषणा की। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन, संस्कार भारती सोसायटी के अध्यक्ष सत्यवीर आर्य, स्वामी दयानंद सरस्वती, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ललित बतरा व जिलाध्यक्ष डा. ओमप्रकाश आत्रेय, आजाद नेहरा, राकेश मलिक, अनिल झरोंठी, महेंद्र सन्नी, रविंद्र दिलावर, डा. ओमप्रकाश शर्मा, डीएसपी सुनील कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी परमेश्वरी हुड्डा आदि मौजूद रहे।
शिक्षकों की कमी पूरा करने के निर्देश
कार्यक्रम के समापन पर मुरथल अड्डा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की 11वीं कक्षा की छात्राएं स्वाति, सोनिया व किरण ने शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से भेंट की। शर्मा ने छात्राओं की बातें गंभीरता से सुनते हुए मिलने का कारण पूछा तो छात्राओं ने कहा कि उनके विद्यालय में विज्ञान शिक्षक नहीं है। इस कारण उन्हें पढ़ाई में दिक्कतें आती हैं। इस पर शिक्षा मंत्री ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनके स्कूल में विज्ञान शिक्षक की कमी को अति शीघ्र दूर किया जाएगा।