{"_id":"592484784f1c1be45b535c81","slug":"education-minister-announcement-after-do-not-school-upgrade-students-start-movement","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद भी स्कूल नहीं हुआ अपग्रेड, छात्राओं ने शुरू किया आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद भी स्कूल नहीं हुआ अपग्रेड, छात्राओं ने शुरू किया आंदोलन
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
Updated Wed, 24 May 2017 12:20 AM IST
विज्ञापन
स्कूल अपग्रेड करवाने की मांग को लेकर प्रभात फेरी के दौरान जाटी कलां की छात्राएं।
- फोटो : amarujala beuro
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा चार महीने पहले जाटी कलां के स्कूल को अपग्रेड करने की घोषणा को भूल गए तो स्कूल की छात्राओं ने आंदोलन की राह पकड़ ली। इसकी वजह है कि 10वीं का परीक्षा परिणाम आ चुका है और स्कूल अपग्रेड नहीं होने के कारण छात्राओं को आगे पढ़ाई को लेकर भविष्य की चिंता सताने लगी है।
राजकीय उच्च विद्यालय जाटी कलां की छात्राओं को 10वीं के बाद की पढ़ाई करने के लिए स्कूल से 15 किमी दूर जाना पड़ता है। इस कारण छात्राओं को परेशानी होती है। इसको देखते हुए ही छात्राओं ने मंगलवार को गांव में फेरी निकालकर गांव वालों से स्कूल को अपग्रेड कराने में सहयोग मांगा है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से भी जल्द स्कूल को अपग्रेड कराने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर छात्राओं ने भूख हड़ताल की भी चेतावनी दी है।
आस-पास 12वीं का कोई स्कूल नहीं
छात्रा भावना, साधना, कोमल, निशा, खुशी, अनिशा, नीतू, कविता, मेघा, सोनिया, तन्नू आदि छात्राओं ने बताया कि जनवरी 2017 में पंडित लख्मीचंद की जयंती पर गांव में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की थी। इस दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री के समक्ष गांव के स्कूल को अपग्रेड करने की मांग की थी क्योंकि गांव के आसपास 12वीं तक कोई स्कूल नहीं है। छात्र-छात्राओं को 10वीं कक्षा पास करने के बाद सोनीपत, नरेला या अलीपुर पढ़नेे के लिए जाना होता है। यह सभी गांव से लगभग 15 किलोमीटर दूर पड़ते हैं। इससे उन्हें पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहां जाने के लिए सीधी बस सेवा भी नहीं है और यह सबसे बड़ी परेशानी रहती है। छात्राओं ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने 2017-18 के सत्र से स्कूल को अपग्रेड करने की घोषणा की थी। छात्राओं ने कहा कि सत्र के दो माह बीतने वाले हैं, लेकिन अभी तक स्कूल अपग्रेड करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। अब 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम भी आ चुका है, जिससे अब उन्हें दूर के स्कूल में दाखिला लेना पड़ेगा या फिर अन्य छात्राओं की तरह पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ेगी। छात्राओं ने स्कूल अपग्रेड मांग को लेकर मंगलवार को ने गांव में फेरी लगाई। उन्होंने ग्रामीणों से स्कूल को अपग्रेड कराने के लिए सहयोग करने का आह्वान किया, जिसके लिए छात्राएं घर-घर पहुंचीं तो ग्रामीणों ने उनको पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
स्कूल अपग्रेड के सभी नियम पूरे
सरपंच जसबीर, पंडित विष्णु दत्त फूले, सोमबीर सिंहमार, अमित, मनोज, बलबीर आदि ने बताया कि आस-पास के गांव के सभी स्कूल 8वीं कक्षा तक हैं। उनके गांव का ही एकमात्र स्कूल 10वीं तक है। इससे आसपास के गांव के बच्चे भी यहां पढ़ने के लिए आते हैं। अपग्रेड होने के लिए स्कूल में खेल, स्टेडियम, अध्यापक व अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद भी स्कूल अपग्रेड नहीं किया जा रहा है। अगर उनके यहां का स्कूल अपग्रेड हो जाता है तो आस-पास के गांवों के बच्चों को भी फायदा होगा। वे इसको लेकर अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री के पास तक जाएंगे।
जनवरी 2017 में एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने स्कूल को अपग्रेड करने की घोषणा की थी। उसके बाद स्कूल की ओर से फाइल डीईओ कार्यालय भेजी गई थी। वह फाइल चंडीगढ़ में भेजी जा चुकी है, जिसका उन्हें डायरी नंबर भी मिल गया है, लेकिन अभी तक स्कूल अपग्रेड नहीं हुआ है। स्कूल में 275 बच्चे हैं। जिनके लिए हर सुविधा उपलब्ध है। वहीं, स्कूल अपग्रेड होने के नियम भी फॉलो करता है। अब छात्राएं भूख हड़ताल करने की बात कह रही हैं। फिलहाल उन्हें शांत करा दिया है। स्कूल अपग्रेड कराने के लिए ग्राम पंचायत के साथ मिलकर अधिकारियों से मांग की जाएगी।
-सुनीता, प्राचार्या राजकीय उच्च विद्यालय जाटी कलां।
विज्ञापन
राजकीय उच्च विद्यालय जाटी कलां की छात्राओं को 10वीं के बाद की पढ़ाई करने के लिए स्कूल से 15 किमी दूर जाना पड़ता है। इस कारण छात्राओं को परेशानी होती है। इसको देखते हुए ही छात्राओं ने मंगलवार को गांव में फेरी निकालकर गांव वालों से स्कूल को अपग्रेड कराने में सहयोग मांगा है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से भी जल्द स्कूल को अपग्रेड कराने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर छात्राओं ने भूख हड़ताल की भी चेतावनी दी है।
विज्ञापन
आस-पास 12वीं का कोई स्कूल नहीं
छात्रा भावना, साधना, कोमल, निशा, खुशी, अनिशा, नीतू, कविता, मेघा, सोनिया, तन्नू आदि छात्राओं ने बताया कि जनवरी 2017 में पंडित लख्मीचंद की जयंती पर गांव में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की थी। इस दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री के समक्ष गांव के स्कूल को अपग्रेड करने की मांग की थी क्योंकि गांव के आसपास 12वीं तक कोई स्कूल नहीं है। छात्र-छात्राओं को 10वीं कक्षा पास करने के बाद सोनीपत, नरेला या अलीपुर पढ़नेे के लिए जाना होता है। यह सभी गांव से लगभग 15 किलोमीटर दूर पड़ते हैं। इससे उन्हें पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहां जाने के लिए सीधी बस सेवा भी नहीं है और यह सबसे बड़ी परेशानी रहती है। छात्राओं ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने 2017-18 के सत्र से स्कूल को अपग्रेड करने की घोषणा की थी। छात्राओं ने कहा कि सत्र के दो माह बीतने वाले हैं, लेकिन अभी तक स्कूल अपग्रेड करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। अब 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम भी आ चुका है, जिससे अब उन्हें दूर के स्कूल में दाखिला लेना पड़ेगा या फिर अन्य छात्राओं की तरह पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ेगी। छात्राओं ने स्कूल अपग्रेड मांग को लेकर मंगलवार को ने गांव में फेरी लगाई। उन्होंने ग्रामीणों से स्कूल को अपग्रेड कराने के लिए सहयोग करने का आह्वान किया, जिसके लिए छात्राएं घर-घर पहुंचीं तो ग्रामीणों ने उनको पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
स्कूल अपग्रेड के सभी नियम पूरे
सरपंच जसबीर, पंडित विष्णु दत्त फूले, सोमबीर सिंहमार, अमित, मनोज, बलबीर आदि ने बताया कि आस-पास के गांव के सभी स्कूल 8वीं कक्षा तक हैं। उनके गांव का ही एकमात्र स्कूल 10वीं तक है। इससे आसपास के गांव के बच्चे भी यहां पढ़ने के लिए आते हैं। अपग्रेड होने के लिए स्कूल में खेल, स्टेडियम, अध्यापक व अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद भी स्कूल अपग्रेड नहीं किया जा रहा है। अगर उनके यहां का स्कूल अपग्रेड हो जाता है तो आस-पास के गांवों के बच्चों को भी फायदा होगा। वे इसको लेकर अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री के पास तक जाएंगे।
जनवरी 2017 में एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने स्कूल को अपग्रेड करने की घोषणा की थी। उसके बाद स्कूल की ओर से फाइल डीईओ कार्यालय भेजी गई थी। वह फाइल चंडीगढ़ में भेजी जा चुकी है, जिसका उन्हें डायरी नंबर भी मिल गया है, लेकिन अभी तक स्कूल अपग्रेड नहीं हुआ है। स्कूल में 275 बच्चे हैं। जिनके लिए हर सुविधा उपलब्ध है। वहीं, स्कूल अपग्रेड होने के नियम भी फॉलो करता है। अब छात्राएं भूख हड़ताल करने की बात कह रही हैं। फिलहाल उन्हें शांत करा दिया है। स्कूल अपग्रेड कराने के लिए ग्राम पंचायत के साथ मिलकर अधिकारियों से मांग की जाएगी।
-सुनीता, प्राचार्या राजकीय उच्च विद्यालय जाटी कलां।