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Sonipat News: अरमानों पर पानी....तेज हवा के साथ हुई बारिश से बिछ गई गेहूं की फसल

Fri, 28 Feb 2025 01:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Fri, 28 Feb 2025 01:21 AM IST
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Dreams shattered.... Wheat crop destroyed due to rain accompanied by strong winds
फोटो 29- अरमानों पर फिरा पानी.... सोनीपत के गांव राई में बारिश के साथ हवा चलने से जमीन पर बिछी
सोनीपत। जिले में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अधिकतर क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। इससे कई क्षेत्रों में गेहूं की अगेती फसल जिसमें सिंचाई की गई थी वह जमीन पर बिछ गई। वहीं सरसों व सब्जी की फसलों भी प्रभावित हुई हैं। मौसम में आए परिवर्तन से आसमान पर दिन भर बादल छाए रहे। जिससे जिले के अधिकतम तापमान में करीब आठ डिग्री की गिरावट आई हैं। हालांकि न्यूनतम तापमान में करीब चार डिग्री की बढ़ोतरी हुई है।
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दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जिले में तड़के हल्की बारिश हुई। उसके बाद भी रुक-रुककर बूंदाबांदी जारी रही। दोपहर पूर्व कुछ देर के लिए धूप निकली, उसके बाद सूर्य फिर बादलों के पीछे ओझल हो गए। जिले में औसतन 6.0 एमएम बारिश दर्ज की गई। वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री व न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिनभर 11 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलती रही। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर का प्रभाव शुक्रवार को भी रहेगा। इसके बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका प्रभाव 2 मार्च तक रहेगा।
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किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी
मौसम के मिजाज को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिसमें किसानों को सलाह दी है कि वह 2 मार्च तक अपनी फसलों की सिंचाई न करे और न ही किसी प्रकार का स्प्रे करें। इस दौरान हवा की गति तेज रहने का अनुमान है। जिले में रबी सीजन में करीब 1.45 लाख हैक्टेयर भूमि में गेहूं व करीब पांच हजार हैक्टेयर भूमि में सरसों की फसल उगाई है। सरसों की अगेती किस्म में दाना पड़ना शुरू हो गया है। तेज हवा चलने से सरसों को नुकसान हो सकता है। गेहूं की फसल को पकने में करीब एक माह और लगेगा।
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औसत उत्पादन पर पड़ेगा सीधा असर

गन्नौर। सुबह मौसम में अचानक हुए बदलाव से तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से कई गांवों में गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। गेंहू के अलावा सरसों की फसल व सब्जियों में भी नुकसान हुआ है। किसान संदीप, प्रदीप, राजबीर का कहना है कि इस समय गेहूं की अगेती फसल में दाना बन रहा है, जिससे पौधे का वजन बढ़ रहा है। ऐसे में जमीन पर बिछी गेहूं की फसल के ऊपर उठने की संभावना कम है, जिसका सीधा असर औसत उत्पादन पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि तेज हवाओं का गेहूं से ज्यादा नुकसान सरसों की फसल में है। सरसों की फसल भी पकने के नजदीक है। तेज हवा के कारण सरसों की फसल भी जमीन पर गिर गई हैं। वहीं सब्जी की फसलें भी प्रभावित होंगी।


-जिले में हल्की बारिश हुई है। जिससे फसलों में अधिक नुकसान नही है। किसानों को 2 मार्च तक सिंचाई नहीं करने की सलाह दी है। कृषि विभाग मौसम के मिजाज पर नजर बनाए हुए हैं। जिससे किसानों को भी सतर्क किया जा रहा है।


डॉ पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।

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-पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से वीरवार को बारिश हुई और हवा चलती रही। 2 मार्च तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान बूंदाबांदी होने के भी आसार बने हुए हैं। तापमान में भी उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
-डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, जगदीशपुर
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